वर्ल्डकप खेल पाएंगे पंड्या? चोट पर डॉक्टर ने क्या डराने वाली बात बता दी?
Hardik pandya 3 मैच से तो बाहर थे ही और अब...
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हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya). बांग्लादेश के खिलाफ मैच में स्टार ऑलराउंडर को लगी चोट ने टीम इंडिया की चिंता बढ़ा रखी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आए दिन उनकी इंजरी को लेकर कुछ नए अपडेट्स आते रहते हैं. कभी उन्हें एक मैच तो कभी दो मैच के लिए बाहर बताया जाता है. लेकिन अब उनकी इंजरी को लेकर जो अपडेट (Hardik injury update) सामने आया है, वो इंडियन फ़ैन्स की काफी चिंता बढ़ाने वाला है.
दरअसल टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, हार्दिक पंड्या को संभावित रूप से लिगामेंट इंजरी हुई है. ग्रेड-ए का लिगामेंट टियर होने की बात सामने आई है. ऐसे में स्टार ऑलराउंडर के इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका के खिलाफ होने वाले मैच में बाहर होने की आशंका जताई जा रही है. रिपोर्ट में एक BCCI सूत्र के हवाले से बताया गया कि नितिन पटेल की अगुवाई वाली मेडिकल टीम NCA में हार्दिक की चोट की देखरेख कर रही है. जैसा शुरुआती अनुमान लगाया गया था, हार्दिक की चोट उससे कहीं ज्यादा सीरियस है.
रिपोर्ट में BCCI सूत्र के हवाले से आगे बताया गया कि मौजूदा स्थिति ऐसी है कि हार्दिक के टूर्नामेंट का हिस्सा होने या ना होने पर अगले हफ्ते फैसला लिया जाएगा. अन्य खिलाड़ियों की तुलना में हार्दिक को रिकवर करने में ज्यादा टाइम लग सकता है. क्योंकि उनका मसल मास (Muscle Mass) बाकी प्लेयर्स की तुलना में कम है. अगर जरूरत पड़ी तो वो इंजेक्शन लेकर टूर्नामेंट के अंत में खेलने के लिए तैयार हो सकते हैं.
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क्या होती है लिगामेंट इंजरी?अब ये सवाल उठता है कि लिगामेंट इंजरी होती क्या है? इसके लिए आपको पहले लिगामेंट के बारे में जानना होगा. लिगामेंट टिश्यू के इलास्टिकनुमा बैंड होते हैं. ये एक तरह की रस्सियां होती हैं जो दो हड्डियों को आपस में जोड़ती हैं. ये जोड़ों को ताकत और स्थिरता देती हैं. जहां भी दो हड्डियां आपस में मिलती हैं और एक जॉइंट बनता है. उस जॉइंट को स्थिर रखने और उन हड्डियों को जोड़ने का काम लिगामेंट्स करते हैं. अगर जोड़ मुड़ जाता है तो लिगामेंट डैमेज हो सकते हैं.

अब ये कितनी सीरियस हो सकती है. इसको जानने के लिए हमने बात की डॉक्टर सरणजीत सिंह से. डॉक्टर सिंह, फिटनेस और स्पोर्ट्स मेडिसिन एक्सपर्ट हैं. वो कई सालों से स्पोर्ट्स इंजरी और खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं. लल्लनटॉप से बातचीत करते हुए डॉ. सिंह ने बताया,
''जब ग्रेड-1 का लिगामेंट टीयर होता है, तब लिगामेंट्स के 25-50 फीसदी फाइबर्स ब्रेक होते हैं. इसको ठीक होने में चार हफ्ते तक का समय लग सकता है. लेकिन चोट के हिसाब से रिमॉडलिंग में टाइम लग जाता है. और कई खिलाड़ी इस फेज में हल्का-फुल्का दर्द होने पर इंजेक्शन लेकर खेलने चले जाते हैं. और इस वजह से कई बार खिलाड़ियों की चोट ज्यादा दोबारा से उभर जाती है. ऐसे में प्लेयर्स और टीम को इस फेज में सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है.''
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हार्दिक को पैर में लगी थी चोटबांग्लादेश के खिलाफ हार्दिक पंड्या पारी का नौवां ओवर डालने आए. उनके कोटे का ये पहला ओवर भी था. ओवर की तीसरी गेंद पर लिटन दास ने चौका मारा. लिटन ने बेहतरीन स्ट्रेट ड्राइव लगाई. हार्दिक ने इसे रोकने की कोशिश की. इस दौरान वो फिसल गए और उनके बाएं पैर में चोट आई. हार्दिक का दर्द देखकर प्लेयर्स वहां पहुंचे और फिजियो को बुलाया गया. मैदान पर ही हार्दिक को फर्स्ट एड दिया गया और उनके पैर में पट्टी बांधी गई.
कुछ देर बाद हार्दिक मैदान से बाहर चले गए. और फिर कोहली उस ओवर की बाकी बची तीन बॉल्स डालने आए. चोट के चलते हार्दिक न्यूज़ीलैंड के खिलाफ मुकाबला नहीं खेल सके थे. फिलहाल वो ट्रीटमेंट के लिए नेशनल क्रिकेट एकेडमी में मौजूद हैं.
बताते चलें कि हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने सूर्यकुमार यादव को खेलने का मौका दिया था. वहीं गेंदबाजी में उन्होंने शार्दुल ठाकुर को ड्रॉप कर मोहम्मद शमी को टीम में शामिल किया. आगे कौन खेलेगा, ये देखने वाला होगा.
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