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विम्बल्डन फाइनल से पहले कैसे हुई दो दुश्मनों के बीच 'गहरी' दोस्ती?

दुश्मन से दोस्त बने जोकोविच और किरियोस.

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11 जुलाई 2022 (अपडेटेड: 11 जुलाई 2022, 06:58 PM IST)
Djokovic kyrgios
जोकोविच और किरियोस की दोस्ती के हर तरफ चर्चे (Wimbledon)
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नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) ने विम्बल्डन 2022 का खिताब जीत लिया है. रविवार, 10 जुलाई को खेले गए फाइनल मुकाबले में जोकोविच ने ऑस्ट्रेलिया के निक किरियोस को हराकर इस ग्रैंडस्लैम खिताब पर कब्जा किया. जोकोविच ने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले इस ग्रैंडस्लैम का खिताब सातवीं बार जीता है.

फाइनल मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया. पहले सेट में किरियोस ने बाज़ी मारी, लेकिन इसके बाद जोकोविच ने लगातार तीन सेट जीतकर इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया.

जीत से ज्यादा दोस्ती के हुए चर्चे

इस फाइनल मुकाबले में हार-जीत से ज्यादा चर्चा जोकोविच और किरियोस के बीच के दोस्ती ने बटोरी. और ये दोस्ती ज्यादा पुरानी भी नहीं थी. बल्कि वो इस फाइनल मुकाबले से कुछ महीने पहले ही हुई थी. मैच से पहले जिस तरह से दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे की बड़ाई कर रहे थे, वो टेनिस फ़ैन्स के लिए हजम कर पाना आसान नहीं था. क्योंकि कुछ महीने पहले तक ही ये दोनों एक-दूसरे को लेकर जहर उगलते थे. और इनकी बातें सुनकर लगता था कि कोर्ट पर आमने-सामने आते ही ये कहीं टेनिस की जगह कुश्ती ना खेलने लगें.

एक-दूसरे पर साध चुके हैं निशाना

किरियोस ने साल 2019 में जोकोविच पर निशाना साधते हुए कहा था,

‘जोकोविच, रोजर फेडरर की तरह लोकप्रियता पाने को बेताब रहते हैं. वो चाहते हैं कि लोग उन्हें भी फेडरर की तरह पसंद करें.’

वहीं साल 2020 में जोकोविच के US ओपन से डिसक्वॉलिफाई होने के बाद किरियोस ने कहा था,

‘जोकोविच की जगह अगर मैंने ये हरकत की होती, तो मुझे कई साल के लिए बैन कर दिया जाता.'

वहीं जोकोविच ने साल 2021 में किरियोस को लेकर कहा था,

‘वो काफी टैलेंटेड खिलाड़ी हैं, लेकिन कोर्ट के बाहर मेरे मन में उनके लिए ज्यादा इज्जत नहीं है.’

विम्बल्डन में हुई दोस्ती

इसके अलावा भी कई मौकों पर दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे पर निशाना साधा है. ऐसा लगा था कि इन दोनों खिलाड़ियों की दोस्ती कभी संभव नहीं है. लेकिन जिस तरह से विम्बल्डन फाइनल से एक दिन पहले और उसके बाद भी दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे की तारीफ की, उससे अब सबकुछ ठीक होता नजर आ रहा है. यहां तक कि जोकोविच ने तो किरियोस के साथ डिनर पर जाने तक का वादा कर दिया है.

दोनों खिलाड़ियों फाइनल मैच से पहले शर्त भी लगाई थी, कि जीतने वाला खिलाड़ी डिनर का आयोजन करेगा. जोकोविच ने मैच के बाद कहा,

‘हम दोनों के बीच कोर्ट के बाहर भी एक बेहतरीन रिश्ते की शुरुआत हुई है. मैंने उनके नाइट क्लब के निमंत्रण का जवाब नहीं दिया, क्योंकि यहां मेरे साथ मेरी पत्नी भी बैठी है. पहले हम डिनर के साथ अपने रिश्ते की शुरुआत करते हैं. मुझे नहीं मालूम की ये आज रात ही होगा या किसी और दिन.’

वहीं किरियोस ने मैच के बाद जोकोविच को लेकर कहा कि वो भगवान की तरह हैं. किरियोस ने कहा,

‘मैं झूठ नहीं कहूंगा वो भगवान की तरह हैं. यहां से हमलोग की दोस्ती की एक नई शुरुआत हुई है जो मेरे लिए भी थोड़ी सी अजीब है.’

जोकोविच ने जीती बाज़ी

जोकोविच ने फाइनल में शानदार टेनिस खेलने वाले ऑस्ट्रेलिया के निक किरियोस को 4-6, 6-3, 6-4, 7-6 से हराया. जोकोविच के करियर का ये 21वां ग्रैंडस्लैम खिताब है. वो अब सबसे ज्यादा ग्रैंडस्लैम सिंगल्स खिताब जीतने के मामले में रफाएल नडाल से सिर्फ एक कदम पीछे हैं. वहीं वो इस मामले में रोजर फेडरर से एक कदम आगे निकल चुके हैं. जोकोविच ने सात बार विम्बल्डन के अलावा नौ बार ऑस्ट्रेलियन ओपन, दो बार फ्रेंच ओपन और तीन बार यूएस ओपन अपने नाम किया है.

भारतीय क्रिकेट को पूरी तरह बदलने वाली जीत यही है

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