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मोंडो डुप्लेंटिस ने 15वीं बार तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड, लेकिन हर बार एक सेंटीमीटर का ही अंतर क्यों?

मोंडो डुप्लेंटिस ने 2020 में पहली बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था. तब से अब तक वह 15 बार यह कारनामा कर चुके हैं. हालांकि पिछले कई रिकॉर्ड में केवल एक ही सेंटीमीटर का अंतर रहा है.

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मोंडो डुप्लेंटिस ने अब तक 15 वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं. (Photo-Reuters today)
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रिया कसाना
13 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 05:49 PM IST)
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स्वीडन के मोंडो डुप्लेंटिस ने एक बार फिर वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. पोल वॉल्ट के इतिहास के सबसे कामयाब खिलाड़ी ने अपने करियर में 15वीं बार यह कमाल किया है. डुप्लेंटिस ने अपने ही देश की मीट में 6.31 मीटर की छलांग लगाई और 6.30 मीटर का अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा. डुप्लेंटिस इंडोर और आउटडोर दोनों ही फॉर्मेट में रिकॉर्ड तोड़ते जा रहे हैं. लेकिन उनके हर रिकॉर्ड के बीच केवल एक ही सेंटीमीटर का अंतर होता है. ऐसा क्यों और क्या यह जानबूझ किया जा रहा है? तो जवाब है हां, डुप्लेंटिस जानबूझ कर ऐसा करते हैं और इसके पीछे कई कारण हैं.

डुप्लेंटिस के वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में एक सेंटीमीटर का अंतर

पोल वॉल्ट के खेल में खिलाड़ी के पास एक पोल होता है. वह उसे लेकर भागता है और सामने लगे पोल के ऊपर से कूदता है. उस पोल को कितनी हाइट पर रखा जाएगा यह खुद खिलाड़ी तय करता है. एक हाइट को पार करने के लिए खिलाड़ी को तीन मौके मिलते हैं. यानी डुप्लेंटिस जितना चाहे उतनी ऊंचाई तय कर सकते हैं. 

उनके 15 वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में दो बातें गौर करने लायक हैं. पहली तो यह कि हर वर्ल्ड रिकॉर्ड के बीच एक सेंटीमीटर का ही अंतर होता है. साथ ही यह वर्ल्ड रिकॉर्ड कुछ चुनिंदा टूर्नामेंट्स में ही बने हैं. अब इसका कारण बताते हैं.

ऐसा क्यों करते हैं डुप्लेंटिस?

डुप्लेंटिस के इस पैटर्न का सबसे अहम कारण है प्राइज मनी. हर चैंपियनशिप वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने पर एक अलग प्राइज मनी तय करती है. जिस तरह टोक्यो वर्ल्ड चैंपियनशिप में वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने पर खिलाड़ी को वर्ल्ड एथलेटिक्स की तरफ से 10 हजार डॉलर यानी लगभग 92 लाख रुपए दिए जाते हैं. चाहे पिछला वर्ल्ड रिकॉर्ड उसी के खिलाड़ी के नाम क्यों न हो.

इसके अलावा डायमंड लीग, ओलंपिक्स और कई प्राइवेट लीग में भी वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने पर काफी पैसा दिया जाता है. साथ ही हर बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने पर डुप्लेटिंस को उनके स्पॉन्सर भी बोनस देते हैं.

इस बात का खुलासा खुद डुप्लेंटिस ने किया. उन्होंने बीते साल एक इंटरव्यू में बताया,

''बेशक, आम बात तो 1 सेंटीमीटर वाली है, मुझे बोनस मिलता है, मुझे पैसे मिलते हैं. यह एक सच्ची बात है, और बेशक यह मेरे वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने में एक अहम भूमिका निभाता है.''

पैसा इकलौती वजह नहीं है. डुप्लेंटिस के मुताबिक लोगों को उनसे जो उम्मीद होती है, वह उन्हें पूरा करना चाहते है. डुप्लेंटिस ने बताया, 

''वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ना एक ऐसी चीज है जो मैं लोगों को दे सकता हूं, और मैं उस पल को स्टेडियम के साथ भी शेयर कर सकता हूं. अक्सर लोग इस बात की परवाह नहीं करते कि वर्ल्ड रिकॉर्ड कितने अंतर से बना है, वे बस एक वर्ल्ड रिकॉर्ड देखना चाहते हैं. वे बस कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो पहले कभी नहीं हुआ हो, और सीमाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं, भले ही वह सिर्फ 1 सेंटीमीटर ही क्यों न हो.''

डुप्लेंटिस ने यह भी बताया कि वह अपने प्रैक्टिस सेशन में वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए जंप नहीं करते. उन्होंने कहा, 

''यह बात बिल्कुल गलत है कि मैं ट्रेनिंग में 6.40 मीटर की छलांग लगाता हूं और फिर प्रतियोगिताओं में जाकर सिर्फ पैसे कमाने के लिए 6.30 मीटर का जंप लगाता हूं. यह सच नहीं है. लेकिन टूर्नामेंट वाले दिन मुझे नहीं पता होता कि मैं कितना ऊंचा कूद पाऊंगा. आप कभी भी निश्चित रूप से नहीं कह सकते.'' 

डुप्लेंटिस उन टूर्नामेंट्स में वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश नहीं करते हैं जहां इसके लिए कोई प्राइज मनी न हो. डुप्लेंटिस अपने खेल में इतना आगे हैं इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है एक्टिव प्लेयर्स में दूसरा बेस्ट जंप 6.08 मीटर का है. यह जंप ग्रीस के इमानयूल कारालिस ने 2025 में किया था. यानी डुप्लेंटिस बाकियों से इतना आगे हैं कि बिना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़े भी उनके गोल्ड को अक्सर कोई खतरा नहीं होता है.

डुप्लेंटिस के वर्ल्ड रिकॉर्ड

डुप्लेंटिस ने 2020 में पहली बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था. तबसे अब तक वह 15 बार यह कारनामा कर चुके हैं. 

2020: टोरुन, पोलैंड में 6.17 मीटर

2020: ग्लासगो, यूनाइटेड किंगडम में 6.18 मीटर

2022: बेलग्रेड, सर्बिया में 6.19 मीटर

2022: बेलग्रेड, सर्बिया में 6.20 मीटर

2022: यूजीन, अमेरिका में 6.21 मीटर

2023: क्लेरमोंट-फेरैंड, फ्रांस में 6.22 मीटर

2023: यूजीन, संयुक्त राज्य अमेरिका में 6.23 मीटर

2024: ज़ियामेन, चीन में 6.24 मीटर

2024: पेरिस, फ्रांस में 6.25 मीटर

2024: चोर्ज़ोव, पोलैंड में 6.26 मीटर

2025: क्लेरमोंट-फेरैंड, फ्रांस में 6.27 मीटर

2025: स्टॉकहोम, स्वीडन में 6.28 मीटर

2025: बुडापेस्ट में 6.29 मीटर हंगरी

2025: टोक्यो, जापान में 6.30 मीटर

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