राजस्थान का लड़का, आयरलैंड के लिए डेब्यू! कहानी जय मूंदड़ा की, जिसने पहली बॉल पर संजू को किया बोल्ड
Ind vs Ire : आयरलैंड के लेफ्ट हैंड पेसर जय मूंदड़ा (Jai Moondra) का कनेक्शन राजस्थान से है. उन्होंने भारत के खिलाफ डेब्यू मैच में शानदार बॉलिंग की. इस मुकाबले में जय ने 25 रन देकर 2 विकेट लिए थे. साल 2021 में जय मूंदड़ा टोंक से आयरलैंड चले गए थे.

संजू सैमसन. T20 वर्ल्ड कप 2026 का 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट'. सामने ऐसा खूंखार बैटर खड़ा हो, तो किसी भी डेब्यूटेंट की धड़कनें घोड़े की रफ्तार से दौड़ने लगेंगी. लेकिन, राजस्थान के टोंक से 7000 किलोमीटर दूर बेलफास्ट पहुंचे जय मूंदड़ा के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था.
20 मीटर दूर से जब वो गेंद हाथ में लेकर दौड़े, तो उन्हें सामने खड़ा स्टार बैटर नहीं दिखा. दिखा तो सिर्फ उनके बल्ले का किनारा. जय के हाथ से गेंद छूटी, संजू ने बल्ला घुमाया, लेकिन गेंद उनके बल्ले के किनारे को छूती हुई सीधे गिल्लियां उड़ा गईं. संजू बोल्ड! और इसी एक गेंद के साथ जय मूंदड़ा का 20 साल का लंबा संघर्ष एक झटके में अमर हो गया.
भारत के लिए खेलने का था सपनाये कहानी उस लड़के की है, जिसने कभी टीम इंडिया की जर्सी पहनने का ख्वाब देखा था. इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत को रिप्रजेंट करने का सपना तो पूरा नहीं हुआ, लेकिन कुदरत का निजाम देखिए. सपना पूरा हुआ भी, तो उसी भारत के सामने!
29 साल के जय मूंदड़ा ने अपने इंटरनेशनल करियर की पहली ही गेंद पर वो कर दिखाया, जो बड़े-बड़े दिग्गज नहीं कर पाते. विकेट भी किसका? उस संजू सैमसन का, जो 3 महीने पहले वर्ल्ड कप के नॉकआउट्स में कोहराम मचाकर आया था. जय ने टोंक की गलियों में यही तो सपना देखा था, बस फर्क इतना था कि जिस टीम की जर्सी वो पहनना चाहते थे, आज वो उसके खिलाफ खेल रहे थे.
भारत के खिलाफ पहले T20I में आयरलैंड के लिए डेब्यू करने वाले जय मूंदड़ा ने इतिहास रच दिया. सिर्फ संजू ही नहीं, बल्कि आगे चलकर शिवम दुबे का विकेट चटकाकर उन्होंने टीम इंडिया के खिलाफ आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत में भी अहम रोल निभाई.
कोविड-19 रहा टर्निंग पॉइंटभारत के खिलाफ आयरलैंड को जिताने वाले जय मूंदड़ा के क्रिकेटर बनने की कहानी बड़ी दिलचस्प है. 10 जनवरी 1997 को उनका जन्म राजस्थान के टोंक में हुआ. बचपन से ही वह क्रिकेटर बनना चाहते थे. उन्होंने क्रिकेट की शुरुआती ट्रेनिंग टोंक में इमित्याज अली से ली. ये फिल्मों वाले इम्तियाज नहीं हैंं. ये टोंक में अपना क्रिकेट क्लब चलाते हैं. अब कहानी पर लौटते हैं.
शुरुआत में जय टॉप ऑर्डर बैटर और और लेफ्ट आर्म स्पिनर थे. लेकिन, कोच को लगा कि उन्हें असली सफलता बतौर फास्ट बॉलर ही मिलेगी. उन्होंने कोच की बात मानी और बन गए पेसर. बाद में SS क्रिकेट क्लब में उन्होंने अपनी फास्ट बॉलिंग की स्किल्स को निखारा.
जय के लिए कोविड-19 टर्निंग पॉइंट रहा. महामारी के चलते क्रिकेट में एक लंबा ब्रेक आ गया. इस बीच, जय ने 2021 में आयरलैंड से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में एमटेक करने का फैसला किया. इस कदम से उन्हें हायर एजुकेशन के साथ कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में भी खेलने का मौका मिला.
आयरलैंड में खेले क्लब किकेटआयरलैंड में बसने के बाद उन्होंने डबलिन के लेनस्टर क्रिकेट क्लब के लिए खेलना शुरू किया. इस दौरान उनकी परफॉर्मेंस का ग्राफ बढ़ता गया. साल 2023 में जय मूंदड़ा आयरिश सीनियर कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे.
उन्हें लेनस्टर क्रिकेट क्लब की तरफ से जब कभी खेलने का मौका मिलता, तो वह बेहतर परफॉर्मेंस करने पर ध्यान देते. लगातार मेहनत, क्रिकेट के प्रति समर्पण और निष्ठा के चलते उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिल गया.
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अनुभवी बॉलर जोशुआ लिटिल बीते जुलाई से चोटिल हैं. उन्हें साइड लाइन स्ट्रेस फ्रैक्चर हो गया है. अब भारत के दौरे के लिए आयरिश टीम को एक पेसर की तलाश थी. डोमेस्टिक क्रिकेट में मूंदड़ा ने शानदार प्रदर्शन कर सेलेक्टर्स का ध्यान खींच लिया था. फिर क्या था. भारत दौरे पर उन्हें पहले टीम में शामिल किया गया. फिर 26 जून को बेलफास्ट में उन्हें T20I डेब्यू का भी मौका मिल गया. अपने डेब्यू मुकाबले में ही वो टीम की ऐतिहासिक जीत का भी हिस्सा रहे.
पहली गेंद पर लिया विकेटमैच में उनके प्रदर्शन की बात करें, तो जय भारत की पारी की दूसरा ओवर डालने आए. स्ट्राइक पर संजू सैमसन थे. मूंदड़ा ने 139 kph की स्पीड से ऑफ स्टंप के बाहर लेंथ बॉल डाली. यह गेंद एंगल के साथ बाहर निकल रही थी. संजू ने इसे ऑफ साइड पर खेलना चाहा. गेंद ने बल्ले का इनसाइड एज लिया और स्टंप्स बिखेर दिए. जय मूंदड़ा को पहली ही गेंद पर विकेट मिल गया.
बाद में जय ने 16वें ओवर की लास्ट बॉल पर आक्रामक बैटिंग करने वाले शिवम दुबे को फंसाया. उन्होंने बैक ऑफलेंथ डिलीवरी डाली. शिवम ने इस बॉल को ऑन साइड पर खेलने की कोशिश की. लेकिन, गेंद ने बैट का लीडिंग एज लिया और शिवम दुबे, जय मूंदड़ा को रिटर्न कैच थमा बैठे. जय मूंदड़ा ने भारत के खिलाफ 4 ओवर में 25 रन देकर 2 विकेट लिए थे.
मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए जय मूंदड़ा ने कहा,
असल में मैंने क्रिकेट भारत में सीखा है. मेरी जर्नी टोंक से शुरू हुई ,जहां मैंने इमित्याज अली से ट्रेनिंग ली. वहीं एक क्रिकेटर के तौर पर मेरी बेसिक ट्र्निंग हुई. बाद में मैंने SS क्रिकेट क्लब के कोच मोहन सर के अंडर पेस बॉलिंग पर फोकस करना शुरू किया था.
उन्होंने आगे बताया कि उनके आयरलैंड आने का मुख्य कारण कोविड के बाद का समय था. महामारी की वजह से सब कुछ रुक गया था. इसलिए वह अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते थे. वह आयरलैंड अपनी मास्टर डिग्री करने आए थे. यहां पर उन्होंने क्रिकेट खेलने का मौका भी देखा. जय के मुताबिक, आयरलैंड में बहुत अच्छी सुविधाएं हैं. ग्राउंड बहुत अच्छे हैं और यहां का माहौल बहुत शानदार है.
आयरलैंड ने पहले मैच में भारत को 34 रनों से हराया. इस जीत के बाद मेजबान टीम दो मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है. अब दोनों टीमें 28 जून को सीरीज का अंतिम मैच खेलने उतरेंगी. एक बार फिर नज़र होगी राजस्थान के इस पेसर पर. जय की ये कहानी हमें यही बताती है कि अगर हममें कभी हार नहीं मानने का जज़्बा हो, तो कुछ असंभव नहीं है.
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