सहवाग को लगता है कि धोनी जैसा नहीं है कोहली का मैनेजमेंट
KL राहुल पर बोलते-बोलते सहवाग ने बताया धोनी और विराट कोहली के बीच का फर्क.
Advertisement

Virat Kohli, Kl Rahul और MS Dhoni
Quick AI Highlights
Click here to view more
पूर्व ओपनर बल्लेबाज विरेंदर सहवाग, केएल राहुल की विकेटकीपिंग से काफी प्रभावित हैं. सहवाग का मानना है कि टीम मैनेजमेंट को लंबे वक्त तक राहुल पर भरोसा करना चाहिए. सहवाग ने इसके लिए पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का उदाहरण भी दिया.
सहवाग ने कहा कि टीम में अपनी जगह पक्की होने के बाद धोनी का प्रदर्शन काफी बेहतर हुआ था. सहवाग चाहते हैं कि राहुल को विकेटकीपर और फिनिशर, दोनों बनाने के लिए मैनेजमेंट अपना सपोर्ट दे. इसके साथ ही सहवाग ने धोनी की कैप्टेंसी स्टाइल के बारे में भी बात की. सहवाग ने कहा कि जब धोनी कप्तान थे, सारे प्लेयर के रोल एकदम क्लियर थे. सहवाग ने क्रिकबज़ से कहा :
विरेंदर सहवाग, फाइल फोटो
साथ ही सहवाग ने अपना उदाहरण भी दिया. सहवाग ने कहा,
बाद में कोहली ने कहा भी था कि वह पंत की जगह राहुल से विकेटकीपिंग करा सकते हैं. इससे टीम का बैलेंस बेहतर होगा.
Ind vs Aus: जब धोनी और केएल राहुल के फैंस आमने-सामने आ गए और विराट कोहली ने मामला संभाला
सहवाग ने कहा कि टीम में अपनी जगह पक्की होने के बाद धोनी का प्रदर्शन काफी बेहतर हुआ था. सहवाग चाहते हैं कि राहुल को विकेटकीपर और फिनिशर, दोनों बनाने के लिए मैनेजमेंट अपना सपोर्ट दे. इसके साथ ही सहवाग ने धोनी की कैप्टेंसी स्टाइल के बारे में भी बात की. सहवाग ने कहा कि जब धोनी कप्तान थे, सारे प्लेयर के रोल एकदम क्लियर थे. सहवाग ने क्रिकबज़ से कहा :
'अगर केएल राहुल पांचवें नंबर पर चार बार फेल होते हैं, तो मौजूदा इंडियन टीम मैनेजमेंट उनका स्लॉट बदलने की कोशिश करेगा. धोनी के साथ ऐसा मामला नहीं था, उन्हें पता था कि ऐसी पोजिशन पर प्लेयर को कैसे सपोर्ट किया जाए, क्योंकि वह खुद भी वैसी परिस्थिति से गुज़रे थे. लिमिटेड-ओवर्स में टॉप ऑर्डर के लिए चीजें आसान होती हैं, लेकिन मिडल ऑर्डर के लोगों को कैप्टन के सपोर्ट की जरूरत होती है. अगर आप प्लेयर्स को वक्त नहीं देते हैं, तो वह कैसे सीखेंगे और बड़े प्लेयर बनेंगे?'

विरेंदर सहवाग, फाइल फोटो
साथ ही सहवाग ने अपना उदाहरण भी दिया. सहवाग ने कहा,
'मैंने खुद ओपनिंग करने से पहले मिडल-ऑर्डर में बैटिंग की थी. बहुत सारी गलतियां भी कीं. इन गलतियों से टीम की हार भी हुई थी. लेकिन आप मैदान से बाहर बेंच पर बैठकर बड़े प्लेयर नहीं बनते. प्लेयर्स को वक्त चाहिए होता है.'राहुल ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खत्म हुई सीरीज में विकेटकीपिंग की थी. इस दौरान उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग से लोगों को काफी प्रभावित किया था. सीरीज के पहले वनडे में टीम के विकेटकीपर ऋषभ पंत ही थे. दूसरे वनडे के दौरान उन्हें चोट लग गई, जिसके बाद राहुल ने उनकी जगह कीपिंग की. बाद में तीसरे वनडे से पहले पंत फिट थे, लेकिन इसके बावजूद कप्तान कोहली ने राहुल से ही विकेटकीपिंग कराई.
बाद में कोहली ने कहा भी था कि वह पंत की जगह राहुल से विकेटकीपिंग करा सकते हैं. इससे टीम का बैलेंस बेहतर होगा.
Ind vs Aus: जब धोनी और केएल राहुल के फैंस आमने-सामने आ गए और विराट कोहली ने मामला संभाला

