तीसरे दिन का खेल. लंच से ठीक पहले का ओवर. गेंद मोर्ने मोर्केल के हाथ में थी. 6फ़ुट 4 इंच लंबा बॉलर. एक आर्मी वाली फ़िल्म में सुना था कि ऊपर पहाड़ से कोई अगर कंकड़भी फेंके, तो नीचे मौजूद होने वाले को वो गोली जैसा लगेगा. जेपी दत्ता की LOC थीशायद. या शायद ऋतिक वाली 'लक्ष्य'. खैर, फिलहाल एक इंडियन बैट्समैन के लिए मोर्नेमोर्केल वही पहाड़ था, क्योंकि दूसरा वाला तो ऐसे खेल रहा था, मानो बल्ला पकड़ना हीसाउथ अफ़्रीका में सीखा हो.विराट कोहली 140 पर थे. उनके साथ बैटिंग कर रहे थे इशांत शर्मा. चूंकि लंच से ठीकपहले का ओवर था, कोहली कोई गड़बड़ नहीं चाहते थे. पहली तीन गेंदें कोहली ने बिना एकभी रन बनाए निष्क्रिय कर दीं. फिर इशांत को आवाज़ लगाई, "इसकी दो खेलेगा?" कोहलीचौथी गेंद पर रन लेना चाहते थे. वो चाहते थे कि पांचवीं और छठी गेंद इशांत खेलें,जिससे लंच के बाद इशांत को ही सीधा अटैक न झेलना पड़े. इशांत ने बड़े मज़े से हां मेंसिर हिलाया. कोहली ने फिर से पूछा, "पक्का?"श्रीलंका के खिलाफ एक मैच में बैटिंग के दौरान अग्रेसिव ईशांतये "पक्का?" इशांत की काबिलियत पर सवाल नहीं था. ये एक दोस्त का दूसरे दोस्त सेफ़िक्रमंदी भरा सवाल था. वो दोस्त, जो 20 दिसंबर 2006 को सुबह-सुबह पश्चिमी दिल्लीके विकासपुरी कॉलोनी से कार में बैठकर फ़िरोज़शाह कोटला के लिए निकले थे. दिल्ली काकर्नाटक से मैच था. कर्नाटक के 446 रनों के जवाब में दिल्ली 103 रन पर 5 विकेट खोकरकुछ मुश्किल में थी. विराट कोहली अपने जीवन का चौथा फर्स्ट क्लास मैच खेलते हुए 40रन पर नाबाद था और दिल्ली का खेल उसके खेल पर टिका हुआ था.शुरुआती दिनों में ईशांत (बाएं) और विराट (दाएं से दूसरे)गाड़ी में उसके साथ उसका दोस्त इशांत शर्मा बैठा हुआ था. अमूमन ये दोनों इशांत कीगाड़ी में गाने बजाते हुए, क्रिकेट की बातें करते हुए मैदान में पहुंचते थे. लेकिनउस रोज़ न गाना था और न ही बातें. कोहली बस गाड़ी चलाए जा रहा था. वो सड़क पर नहीं,शून्य में देख रहा था. इशांत ने जब पूछा, तो कोहली ने उसे बताया- पिछली देर रातकोहली के पापा की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. इशांत कुछ भी नहीं बोल सका. पहले तोउसे विश्वास नहीं हुआ, लेकिन फिर वो भी कोहली की ही तरह जड़ हो गया.अपने पिता और मां के साथ विराट कोहलीकोहली ने बैटिंग की. बैटिंग में जाने से पहले वो अपनी टीम के सामने खूब रोया.ऑस्ट्रेलिया गए हुए कोच राजकुमार शर्मा से बात करते हुए रोया. और फिर बैटिंग करतेहुए 90 रन बनाए. अंपायर के एक खराब फ़ैसले के चलते कोहली को शतक से 90 रन पहले आउटदे दिया गया. आउट होने से पहले कोहली ने पुनीत बिष्ट के साथ 152 रन की पार्टनरशिपबनाई और मैच ड्रॉ हुआ.आज 12 साल बाद भी दोनों में वही गर्माहट. तो क्या हुआ कि वेस्ट दिल्ली का चीकूदुनिया का सबसे काबिल बल्लेबाज बन बैठा था और टीम का कप्तान था. वो चौथी गेंद भीखेलता है और पांचवीं पर सिंगल लेकर नॉन-स्ट्राइकिंग एंड से इशांत का हौसला बढातेहुए कहता है, "शाबाश लंबू!"ईशांत और विराटमोर्केल रनअप पर जा रहा था. इधर कोहली सलाह दे रहा था, "लंबी गेंद आएगी." लेकिन तभीकप्तान डुप्लेसी ने एक फील्डर शॉर्ट लेग में लगा दिया. कोहली ने तुरंत ऐलान किया,"छोटी फेंकेगा ये तुझे." मोर्केल दौड़ता हुआ आया और पहाड़ से एक कंकड़ सरका दिया. पहलेसे शॉर्ट गेंद के इंतजार में खड़ा इशांत गेंद की लाइन में आया और उसे बल्ले से वहींरोक लिया. अंपायर ने लंच की घोषणा की और कोहली ने जाकर इशांत से फिस्ट पम्प की.कोहली को बाउंसर फेंकते मॉर्केललंच के बाद इशांत ने कुछ ओवर खेले और 90वें ओवर में जताया कि उन्हें फिलेंडर कीगेंद खेलने में कोई दिक्कत नहीं हो रही थी. ये एक नासमझ दोस्त की निशानी थी. एकटेल-एंडर दोस्त की. इशांत ने फिलेंडर की गेंदें तो झेल लीं, लेकिन अगले ओवर मेंमोर्केल की ही गेंद पर वो शॉर्ट लेग को कैच दे बैठे.--------------------------------------------------------------------------------क्रिकेट के कद्रदानों के लिए हमारे पास और भी बहुत कुछ है:रबाडा ने विराट कोहली को गाली दी और फिर पूरी अफ्रीकी टीम पछताईइंडियन टीम साउथ अफ़्रीका में कैच लेना भूल गई है क्या?हार्दिक पांड्या से कहना चाहता हूं- टोपा हो का बेजयपुर की गलियों से निकला ये जोरदार बॉलर सबको चौंका रहा है