पाकिस्तान और पाकिस्तान का क्रिकेट. याद नहीं आखिरी बार कब इन दोनों में कुछ भी ठीकथा. उछाल और गिराव दोनों उतने ही साथ चलते रहे हैं जितने जय और वीरू साथ हुआ करतेथे. 31 जनवरी को दो बेहतरीन वाकये हुए थे. बेहतरीन इस मामले में कि इन्हें बतानेमें बड़ा मज़ा आता है. और साथ ही बेवकूफ़ाना इतने कि कोई भी टीम नहीं चाहेगी कि वैसाकुछ भी उनके साथ हो. किस्से दो हैं. पहले में शाहिद अफ़रीदी शामिल हैं. दूसरे मेंपाकिस्तानी कैप्टन सलीम मलिक. साल 2010. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ मैच चल रहा था. पर्थमें. शाहिद अफ़रीदी कप्तानी कर रहे थे. इस मामले में पहले ही बता दिया जाये कि अब तकगेंद से छेड़छाड़ करने के लिए बोतल पर लगे ढक्कन, रेगमाल, वैसलीन जैसी तरकीबें काममें लायी जा चुकी थीं. लेकिन 31 जनवरी 2010 का वो ऐतिहासिक दिन जब शाहिद अफ़रीदी नेबॉल टेम्परिंग का नया जुगाड़ ढूंढ निकाला. मोहम्मद आसिफ़ बॉलिंग कर रहे थे. शाहिदअफ़रीदी के हाथ में गेंद थी. शाहिद, आसिफ़ को उनके रन-अप तक छोड़ने के लिए साथ चल रहेथे. और तभी अफ़रीदी ने गेंद को मुंह में डालते हुए दांतों से उसे चबाना शुरू करदिया. ऐसा एक बार नहीं दो बार किया. पहले आसिफ़ के ओवर में फिर राणा नावेद उल हसन केओवर में. शाहिद अफ़रीदी को टीवी कैमरा पर देख लिया गया. अम्पायरों ने तुरंत अफ़रीदीसे बात की. बातचीत के बाद उन्हें वार्निंग दी और गेंद बदल दी. बाद में उनके ख़िलाफ़ऐक्शन लिया गया और उन्हें 2 टी-20 मैचों के लिए बैन कर दिया गया.https://www.youtube.com/watch?v=yFr1N7uIbjM दूसरा किस्सा है पाकिस्तान वर्सेज़ज़िम्बाब्वे टेस्ट मैच के ठीक पहले का. साल 1995. हरारे में पहला टेस्ट मैच. ऐंडीफ्लॉवर ने सिक्का उछाला. सलीम मलिक ने बोला 'बर्ड!'. हर कोई सलीम मलिक को देख रहाथा. सलीम मलिक नीचे गिरते सिक्के को. सिक्के पर चिड़िया बनी आई थी. यानी सलीम मलिकटॉस जीत चुके थे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले बैटिंग करेगी. लेकिन तब तक मैचरेफ़री ने टांग कर दी. सलीम मलिक को बोला गया कि सिक्का उछालने पर 'हेड' या 'टेल'कहना होता है. सिक्के पर चिड़िया बनी है इसका मतलब ये नहीं कि टॉस में 'चिड़िया'चिल्लाया जाए. टॉस दोबारा हुआ. इस बार ऐंडी फ्लावर टॉस जीत गए. ज़िम्बाब्वे ने पहलेबैटिंग का फ़ैसला लिया. ग्रांट फ्लावर ने 201 रन बनाये. ऐंडी फ्लावर ने 156 और गायव्हाइटाल ने 113 रन. ज़िम्बाब्वे का कुल स्कोर 544 रन. पाकिस्तान पहली इनिंग्स में322 रन पर आउट हो गयी. फॉलो ऑन खेलते हुए 158 रन पर आल आउट हो गयी. ज़िम्बाब्वे 64रन से मैच जीत गया.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: इकलौता मौका जब पाकिस्तान की जीत पर इण्डिया के दर्शक ताली बजा रहे थे