राशिद खान ने भारत की नागरिकता तो ठुकराई, लेकिन इस देश को भी मना कर दिया
कुछ साल पहले अफगानिस्तान के क्रिकेटर राशिद खान (Rashid Khan) को भारत समेत दो देशों की तरफ से नागरिकता और क्रिकेट खेलने का प्रस्ताव दिया गया था. लेकिन, राशिद ने वफादारी दिखाते हुए अपने देश के लिए खेलने का फैसला किया.

क्रिकेट की दुनिया में ऐसे तमाम उदाहरण हैं, जब किसी खिलाड़ी ने क्रिकेट खेलने के लिए अपना देश छोड़कर दूसरे देश की नागरिकता स्वीकार कर ली. यह सिलसिला आज भी जारी है. ताजा उदाहरण संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का है, जिसने कुछ दिन पहले भारत के 5 क्रिकेटरों को अपने देश की नागरिकता दी. क्रिकेट खेलने के सपने को पूरा करने के लिए दूसरे देश की सिटीजनशिप कबूल करना प्लेयर्स के लिए आम बात है. लेकिन, इस मामले में सभी प्लेयर एक जैसे नहीं होते. कुछ राशिद खान (Rashid Khan) जैसे 'खुद्दार' भी होते हैं, जो दो देशों से नागरिकता और क्रिकेट खेलने के ऑफर को ठुकराकर अपने देश के लिए वफादार बने रहने और खेलने का फैसला करते हैं.
राशिद खान का खुलासाहाल ही में अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर राशिद खान ने खुलासा किया है कि उन्हें भारत सहित दो देशों की तरफ से नागरिकता और क्रिकेट खेलने का ऑफर मिला था. लेकिन, उन्होंने अपने देश के लिए खेलने का फैसला किया. इस बात का जिक्र उनकी आने वाली बुक, ‘राशिद खान: फ्रॉम स्ट्रीट्स टू स्टारडम’ (Rashid Khan: From Streets to Stardom) में किया गया है. इस किताब के लेखक अफगानिस्तान के मशहूर जर्नलिस्ट मोहम्मद जफर हांद हैं. राशिद खान पर आधारित यह किताब 20 अप्रैल को रिलीज की जाएगी.
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2023 में मिला था ऑफर27 वर्षीय अफगानिस्तानी क्रिकेटर राशिद खान को IPL 2023 के दौरान दूसरे देशों की तरफ से खेलने का ऑफर मिला था. राशिद ने किताब के राइटर मोहम्मद जफर हांद को बताया कि उन्होंने उस ऑफर को मना कर दिया था. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, किताब में राशिद खान के हवाले से कहा गया,
मुझे ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों ही देशों से नागरिकता और खेलने का ऑफर मिला था. लेकिन, मैंने उनसे कहा अगर मैं अपने देश के लिए नहीं खेलूंगा, तो मैं किसी दूसरे देश के लिए भी नहीं खेलूंगा.
राशिद ने इस किताब में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मिले नागरिकता और खेलने के ऑफर के बारे में ज्यादा नहीं बताया, लेकिन भारत से मिले प्रस्ताव के बारे में विस्तार से बात की. साल 2023 में भारत की तरफ से जब उन्हें यह ऑफर दिया गया, तो उस समय वे गुजरात टाइटंस के लिए खेल रहे थे. राशिद ने बताया कि टीम के एक अधिकारी ने उन्हें बताया था कि BCCI के एक बड़े अधिकारी उनसे मिलना चाहते हैं.
राशिद ने किताब में इस घटना के बारे में बताते हुए कहा,
मैं BCCI अधिकारी के पास गया और सलाम किया. फिर हमने बातें शुरू कर दीं. अधिकारी ने कहा, तुम्हारे देश अफगानिस्तान की स्थिति बेहद खराब है. भारत में आकर रहो और यहीं क्रिकेट खेलो. हम तुम्हें भारतीय दस्तावेज देंगे. मैं उनकी बात सुनकर हैरान रह गया. मेरी समझ में नहीं आया मैं क्या कहूं? मैंने मुस्कराकर कहा, आपका बहुत धन्यवाद, लेकिन मैं अपने देश अफगानिस्तान के लिए खेल रहा हूं.
यह पहली बार नहीं था जब राशिद को भारतीय नगारिकता देने की बात उठी हो. इससे पहले साल 2018 में IPL के दौरान उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की तरफ से खेलते हुए KKR के खिलाफ ऑलराउंड प्रदर्शन किया था. उस मैच में राशिद ने 10 गेंदों पर 34 रन बनाने के अलावा 3 विकेट भी लिए. तब भारत में सोशल मीडिया पर उन्हें सिटीजनशिप देने की मांग उठी थी. उस दौरान कई सोशल मीडिया यूजर्स ने तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पोस्ट टैग की. जिसके बाद, विदेश मंत्री ने कहा था कि नागरिकता से जुड़े मामले गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं.
तब, इस मामले पर अफगानिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा था कि राशिद खान देश का गौरव हैं. अफगानिस्तान अपने इस स्टार प्लेयर को कभी नहीं छोड़ेगा.
T20 के सरताजराशिद खान टी20 क्रिकेट के सरताज हैं. वे अफगानिस्तान के लिए सभी फॉर्मेट में खेलते हैं. लेकिन, राशिद को टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा सफलता मिली है. आंकड़ों पर गौर करें, तो राशिद ने टी20 क्रिकेट में 519 इनिंग्स में बॉलिंग करते हुए 708 विकेट लिए हैं. इस फॉर्मेट में 17 रन पर 6 विकेट आउट करना उनकी बेस्ट परफॉर्मेंस है. राशिद टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर हैं.
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