The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • WADA to weigh barring US donald trump officials from LA olympic Games over unpaid dues

अमेरिका वाले ओलंपिक में ही शामिल नहीं हो पाएंगे ट्रंप? इंटरनेशनल एजेंसी ने तैयारी कर ली

WADA जिस नियम पर बात करने वाला है, अगर वह लागू होता है तो डॉनल्ड ट्रंप, वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैंस और कॉन्ग्रेस के सदस्यों को वाडा इन खेलों में आने की अनुमति नहीं देगा.

Advertisement
pic
14 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 06:55 PM IST)
donald trump, wada, sports news,
डॉनल्ड ट्रंप के एक्शन के बाद WADA का भी रिएक्शन. (Photo- AFP)
Quick AI Highlights
Click here to view more

साल 2028 के ओलंपिक खेल अमेरिका के लॉस एंजेलिस में होने हैं. इससे पहले अमेरिका फीफा वर्ल्ड कप 2026 की भी मेजबानी करने वाला है. इसी बीच WADA यानी वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी ऐसी प्लानिंग कर रही है, जिससे डॉनल्ड ट्रंप और तमाम अमेरिकी आधिकारी इन दोनों टूर्नामेंट्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. इसकी वजह है कि बीते दो सालों में अमेरिका ने वाडा को सालाना फंडिंग नहीं दी है. ऐसे में अब वो अमेरिकी प्रशासन पर कार्रवाई के मूड में है.

WADA एक्शन के मूड में 

WADA मंगलवार 17 मार्च को ग्लोबल ड्रग फाइटिंग वॉचडॉग एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक करने वाला है. इस बैठक में वाडा अपने नियमों को बदलने पर चर्चा करेगा. इसमें वाडा को फंडिंग न देने वालों देशों पर एक्शन को लेकर भी चर्चा होगी. जिस नियम को लागू करने की संभावना जताई जा रही है उसके मुताबिक फंडिंग न देने वाले देशों पर सख्त सैंक्शन लगाए जाएंगे. इसे तीन लेवल पर तय किया जाएगा. सबसे आखिरी और सबसे बड़े एक्शन के तौर पर फंडिंग न देने वाले देशों के अधिकारी मेजर इवेंट्स में शामिल नहीं हो पाएंगे. इन इवेंट्स में ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप और पैरालंपिक गेम्स शामिल हैं.

ट्रंप के लिए बढ़ेगी मुश्किल?

अगर ये नियम लागू होता है तो ट्रंप, वाइस प्रेसिडेंट जीडी वैंस और कॉन्ग्रेस के अन्य सदस्यों को वाडा ओलंपिक गेम्स में आने की अनुमति नहीं देगा. पर ये नियम लागू कैसे होगा? 

इसे लेकर स्थिति कुछ साफ नहीं है. ये मानना थोड़ा मुश्किल है कि एक स्वतंत्र और अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन अमेरिकी राष्ट्रपति को उसी के देश में हो रहे ओलंपिक गेम्स से कैसे रोक सकती है?

क्यों नाराज है WADA?

दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप वाडा के काम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं. इसी कारण उन्होंने वाडा को दी जाने वाली अपनी 3.7 मिलियन डॉलर की फंडिंग पर रोक लगा रखी है. वह चाहते हैं कि वाडा की लीडरशिप और काम को लेकर निष्पक्ष जांच हो. यह जांच एंटी डोपिंग एक्सपर्ट्स और ऑडिटर्स करें. वाडा के स्पोक्सपर्सन जेम्स फीट्जगेराल्ड ने इस पर नाराजगी जताई. उन्होंने द एथलेटिक से कहा,

''वाडा को दी जाने वाली सलाना फंडिंग सशर्त नहीं है. यह एक ऐसा सिद्धांत था जिसे 26 साल पहले वाडा की स्थापना के समय सभी सरकारों द्वारा स्थापित और सहमति दी गई थी. अगर हर सरकार वाडा की धनराशि पर शर्तें लगाती है तो काम करना मुश्किल हो जाता है.''

यह भी पढ़ें- बांग्लादेश का 'शाना' रनआउट, गुस्साए पाकिस्तानी बैटर ने ग्लव्स-हेलमेट मैदान पर फेंक दिए 

वाडा का सलाना बजट 57.5 मीलियन डॉलर का है. इसमें से आधी रकम उन्हें आईओसी यानी इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी से मिलती है. बाकी रकम दुनिया भर की सरकारों से आती है. कौन सा देश कितने पैसा देगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसका खिलाड़ियों का पूल कितना बड़ा है. अमेरिका की टीम काफी बड़ी है और इसी कारण उन्हें बड़ी रकम देनी होती है. अमेरिका लगातार ये पैसे दे भी रहा था लेकिन 2024 के बाद स्थिति बदल गई.

क्यों शुरू हुआ विवाद?

2024 में खबर आई कि चीन के 23 स्विमर डोपिंग में पॉजीटिव पाए गए. इसके बावजूद उन पर कोई सैंक्शन नहीं लगा और उन्हें बाकी इवेंट्स में हिस्सा लेने की अनुमति मिली. वाडा ने बताया कि इन खिलाड़ियों के खाने में होटल के किचन में गलती से हार्ट मेडिकेशन मिक्स हो गई जिस कारण खिलाड़ी डोपिंग में पॉजीटिव पाए गए. अमेरिका ने इसके बाद वाडा की ट्रांसपेरेंसी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब तक इस एजेंसी के तमाम कामों की जांच नहीं होगी, वो फंडिंग नहीं देंगे. 

वीडियो: IPL से पहले ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए क्या कदम उठाया?

Advertisement

Advertisement

()