2008 में धोनी की वजह से सन्यांस लेने वाले थे सहवाग, पर सचिन ने रोक दिया था!
एमएस धोनी को 2007 में टीम इंडिया की कप्तानी मिली थी. उस समय टीम में सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज खिलाड़ी थे.

महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने बतौर कप्तान भारत को तीन आईसीसी ट्रॉफी दिलाई. इसी कारण उन्हें देश के सबसे कामयाब कप्तानों में गिना जाता हैं. कामयाबी के साथ-साथ धोनी के हिस्से कई विवाद भी हैं. कई खिलाड़ियों ने उनपर टीम से ड्रॉप करने के आरोप लगाए. वीरेंद्र सहवाग ने हाल ही में बताया है कि धोनी के कारण वो संन्यास लेने का मन बना चुके थे लेकिन सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने उन्हें रोक लिया था.
धोनी के कारण संन्यास लेना चाहते थे सहवागधोनी को 2007 में टीम की कप्तानी मिली थी. उस समय टीम में सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ी थे. सहवाग ने बताया कि साल 2007-08 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया था. उन्होंने कहा,
सचिन तेंदुलकर ने वीरेंद्र सहवाग को समझायाफैसला लेने से पहले सहवाग ने तेंदुलकर से बात की. सहवाग ने बताया,
सहवाग ने खुद को और समय दिया. वो इसके बाद 2011 की वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा बने जिसने 28 साल का खिताब का लंबा इंतजार खत्म किया. सहवाग ने अपने करियर में 251 मैच खेले. इस दौरान उन्होंने 35.05 के औसत से 8273 रन बनाए. उनके वनडे करियर में 15 शतक और 38 अर्धशतक शामिल थे.
बेटे आर्यवीर पर क्या बोले वीरेंद्र सहवागवीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर भी क्रिकेट करियर की शुरुआत कर चुके हैं. उन्हें दिल्ली के अंडर-16 के विजय मर्चेंट ट्रॉफी के लिए चुना गया था. वो दिल्ली प्रीमियर लीग के ड्राफ्ट में भी शामिल थे. सहवाग जानते हैं कि उनके बेटे पर सभी की नजर होगी. लोग आर्यवीर की उनसे तुलना करेंगे. सहवाग ने कहा,
कूच बिहार ट्रॉफी में दिल्ली की ओर से खेलते हुए आर्यवीर को शुरुआती मैचों में कुछ खास सफलता नहीं मिली. उन्होंने कोशिश जारी रखी. वो विस्फोटक अंदाज बल्लेबाजी करते रहे. यही कारण है कि उन्होंने मेघालय के खिलाफ 297 रनों की धमाकेदार पारी खेली.
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