जानबूझकर चकिंग करते थे शोएब अख़्तर?
विरेंदर सहवाग ने अपना सबसे मुश्किल तेज गेंदबाज चुन लिया है. सहवाग ने ब्रेट ली और शोएब अख़्तर पर भी बड़ा बयान दिया है. सहवाग ने अपने बेबाक अंदाज में शोएब के एक्शन पर खूब सारे सवाल खड़े किए.

विरेंदर सहवाग ने अपना सबसे मुश्किल तेज गेंदबाज चुन लिया है. सहवाग ने ब्रेट ली और शोएब अख़्तर पर भी बड़ा बयान दिया है. सहवाग ने अपने बेबाक अंदाज में शोएब के एक्शन पर खूब सारे सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा,
‘शोएब जानता है कि वो अपनी कोहनी से जर्क करता था. वो ये भी जानता था कि वो चक करता था. ऐसा नहीं होता तो ICC उनपर प्रतिबंध क्यों लगाती?’
सहवाग का मानना है कि शोएब बॉल डालने से पहले अपनी कोहनी की मदद से उसे थ्रो कर गति पाने की कोशिश करते थे. सहवाग ने ये भी कहा है कि बोलिंग क्रीज़ पर पहुंचते ही शोएब चक भी करते थे. यानी कि वो अपना हाथ सीधा कर बैट्समैन के लिए और डिफिकल्ट एंगल बनाने की कोशिश करते थे.
सहवाग ने स्पोर्ट्स 18 से बात करते हुए ब्रेट ली के एक्शन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा,
‘ब्रेट ली का हाथ सीधे आता था, इसलिए उनकी बॉल को पिक करना आसान होता था. लेकिन शोएब के साथ यही समस्या थी कि आप कभी समझ ही नहीं पाते थे कि हाथ और बॉल कहां से आएगी.’
ली और अख़्तर बीते हुए एरा के दो सबसे तेज गेंदबाज हैं. वनडे इंटरनेशनल्स की बात करें तो दोनों ने मिलकर 384 मैच में 627 विकेट्स लिए हैं. 122 टेस्ट खेलकर दोनों ने कुल 488 विकेट लिए हैं. इन दोनों बोलर्स से उस दौर के बैट्समेन लगातार बचते नजर आते थे. पर सहवाग ने इन दोनों के खिलाफ खूब सारे रन बनाए हैं. सहवाग तो शोएब को अपना ‘बाउंड्री बोलर’ मानते थे. सहवाग ने ये भी बताया कि उन्हें क्यों शोएब से डर लगता था. सहवाग ने कहा,
‘मुझे ब्रेट ली से कभी डर नहीं लगता था. मगर शोएब के साथ ये डर रहता था कि उन्हें दो चौके मारने के बाद वो क्या करेंगे. उसके बाद वो बाउंसर या एक तीखा यार्कर भी मार सकते थे.’
सहवाग ने लगातार शोएब और उनकी टीम पाकिस्तान के खिलाफ खूब सारे रन बनाए हैं. टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ़ सहवाग का औसत 90 से ऊपर है. सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ एक शतक, दो दोहरे शतक और एक तिहरा शतक जड़ा है. पर सहवाग ने बताया कि उनका पैर किसके खिलाफ़ अटकता था. उन्हें सबसे ज्यादा दिक्कत न्यूजीलैंड के पेसर शेन बॉन्ड से होती थी. सहवाग ने कहा,
‘उनकी बॉल लगातार इनस्विंग होकर आपकी बॉडी पर आती थी. वो अगर ऑफ-स्टंप के बाहर भी बॉल डाल रहे हों, फिर भी.’
सहवाग ने अपनी ‘बॉल देखो, बॉल पीटो’ वाली बैटिंग स्टाइल को भी जस्टिफाई किया. सहवाग ने अपने समकालीन बल्लेबाजों से तुलना करते हुए कहा,
‘सचिन तेंडुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, सौरव गांगुली सभी 150-200 गेंद खेलकर अपने शतक बनाते थे. अगर मैं इसी गति से शतक लगाता तो कोई मुझे याद नहीं रखता. मुझे अपनी पहचान बनाने के लिए उनसे तेज रन बनाने थे.’
सहवाग ने ये भी बताया कि उन्होंने कभी रिकॉर्ड्स का पीछा नहीं किया. सहवाग ने कहा,
‘मैं हमेशा सोचता था कि अगर मैं दिन के अंत तक क्रीज पर रुक रहा हूं, तो मुझे 250 रन बनाने चाहिए. इसके लिए मुझे 100, 150, 200 का स्कोर पार करना ही होगा. इसलिए मुझ पर कभी ये दवाब नहीं था कि मैं 90 से 100 के बीच बड़े शॉट्स न लगाऊं, क्योंकि मेरा टार्गेट 100 पर रुकने का नहीं था.’
सहवाग ने इंडिया के लिए 104 टेस्ट मैच खेलकर 8,586 रन बनाए हैं. इसमें 23 शतक, छह दोहरे शतक और दो तिहरे शतक शामिल हैं. सहवाग ट्रिपल सेंचुरी लगाने वाले इंडिया के पहले बल्लेबाज हैं.
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