सहवाग के कारण एक किसान का बेटा फिर दौड़ेगा
वीरेंद्र सहवाग ट्विटर पर मज़ा ही नहीं लेते मदद भी करते हैं

वीरेंद्र सहवाग पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर छींक भी दें तो भी खबर बन जाती है. अपने ही ढंग से हैप्पी बड्डे विश करते हैं. भारत के बारे में कुछ ऐसा-वैसा कहने वाले विदेशी पत्रकारों का मज़ा काटते हैं और साथी खिलाड़ियों पर लतीफे फोड़ देते हैं. पाकिस्तान के सारे ट्रॉल एकतरफ और वीरेंद्र सहवाग एकतरफ. लेकिन सहवाग के लिए ट्विटर सिर्फ मज़े भर का माध्यम नहीं है. ट्विटर पर सहवाग की कोशिशों के कारण एक दिव्यांग अब चलने–फिरने-दौड़ने लायक होने जा रहा है. पिछले साल उत्तर प्रदेश के सतीश ने एक एक्सीडेंट में अपना दायां पैर खो दिया. सतीश के किसान परिवार ने अपनी ज़मीन-जायदाद बेचकर भी पैसा इकट्ठा किया, लेकिन फिर भी इतना पैसा नहीं बन पाया की इलाज हो सके. जब सहवाग को ये ख़बर पता चली तो उन्होंने ट्वीट किया ...
और अपने फॉलोवर्स को मदद के लिए कहा...
31 अक्टूबर को सहवाग फाउंडेशन ने फीवर एफएम के साथ सतीश की मदद के लिए खाता खोला. और अगले ही दिन बैंगलोर की कृत्रिम पांव बनाने वाली कंपनी भी मदद के लिए आगे आई और 7.5 लाख में कृत्रिम पांव देने का वादा किया...
फॉलोवर्स में बहुत सारे लोगों ने अपने सामर्थ्य के मुताबिक मदद की और सहवाग व्यस्त शेड्यूल में से विराट कोहली, हरभजन सिंह और गौतम गंभीर को मदद का मैसेेज देने के लिए इस कैंपेन में ले आए... कैंपेन का नाम बना 'भारत हाथ जोड़ेगा, अपना सतीश फिर दौड़ेगा.' सहवाग ने 31 अक्टूबर को ये कैंपेन शुरू किया था और सिर्फ 11 दिनों के अंदर पैसे इकट्ठे हो गए. अब सतीश को कृत्रिम पैर मिलने जा रहा है...
सेलिब्रिटीज चाहें तो बहुत कुछ कर सकते हैं. करते भी हैं और किसी को पता भी नहीं चलने देते. क्रिकेटर मैच के बाद अपनी जर्सी दान दे देते हैं. एक्टर अक्षय कुमार और नाना पाटेकर तो इस तरह की चीज़ों को मीडिया की नज़र से दूर रखते हैं. कुछ सेलिब्रिटीज तो ऐसी भी सोच रखते हैं कि लोग हमारे विज्ञापनों से चीज़ें खरीदते हैं तो हमारी भी ज़िम्मेदारी बनती है, लोगों के लिए कुछ करें. सोशल मीडिया पर कैंपेन की तरह पहली बार सहवाग ने ही किया है...ट्विटर पर सहवाग - मज़ाक के लिए तो हैं ही मदद के लिए भी हैं !

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