भारतीय कप्तान विराट कोहली को दंडित किए जाने की मांग चल रही है. और ये मांग करनेवालों में सबसे आगे चल रहे हैं पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ गौतम गंभीर. वजह तो आप जानतेही हैं, केप टाउन टेस्ट के विवादित DRS फैसले पर कोहली का बर्ताव. गंभीर का कहना हैकि विराट क्रिकेट के मैदान पर अपनी ही चलाते हैं और वही करते हैं जो उनका मन करताहै. उनका मानना है कि कोहली ऐसा हमेशा से करते आए हैं. और अब वक़्त आ गया है किउन्हें ऐसी हरकतों के लिए दंड दिया जाए. गंभीर मानते हैं कि साउथ अफ्रीका के कप्तानडीन एल्गर के DRS डिसीजन में गलती हो सकती है. लेकिन जिस तरह से कोहली ने उस मुद्देपर रिएक्ट किया, वो बर्दाश्त के बाहर है. उनका कहना है कि विराट की इन हरकतों परकोई एक्शन इसलिए नहीं लिया जाता, क्योंकि क्रिकेट जगत में भारत का सिक्का चलता है.भारतीय बोर्ड और कोहली के सामने सब नतमस्तक हो जाते हैं. जिससे वे बिलकुल भी खुशनहीं है और चाहते हैं कि इन चीजों में बदलाव हो. स्टारस्पोर्ट्स से बात करते हुएगंभीर ने कोहली के बारे में कहा, 'यह विराट का विशिष्ट रूप है. उन्हें कोई छू भीनहीं सकता. वे जैसा बर्ताव करना चाहते हैं, वैसा ही करते हैं. और बाकी क्रिकेट जगतउनके आगे नतमस्तक हो जाता है. क्योंकि क्रिकेट का पावरहाउस इंडिया है. मुझे ये सबकहना बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा लेकिन ये कई सालों से चल रहा है. मुझे विराट पसंदहैं. उनका खेल और उनके खेलने का तरीका भी मुझे पसंद है. लेकिन समय आ गया है कि एकरेखा खींची जाए और उनसे कहा जाए कि देखिए आपको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.' गंभीरका कहना है कि DRS के फैसले में अगर कोई गलती भी हुई है, तो भी विराट का ऐसारिएक्शन वाजिब नहीं है. अगर उनकी जगह भारतीय टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ होते तोवे ऐसा रिएक्ट नहीं करते. गंभीर ने आगे कहा, 'अगर कुछ हुआ भी है तो वो एक गलती है.मुझे विश्वास नहीं होता कि वे इस तरह की सोच रखते हैं. एक लम्बे समय से विराट ऐसीहरकतें करके भी बचते रहे हैं जो क्रिकेट के मैदान पर स्वीकार नहीं हैं. पर कोहली तोकोहली हैं. और सच कहूं तो मुझे ये बिलकुल पसंद नहीं. मैच का निर्णय चाहे जो भी रहे,लेकिन एक टेस्ट कप्तान से आप ये सब उम्मीद नहीं करते. खासकर उससे, जिसने इतने लम्बेसमय तक टीम का नेतृत्व किया हो. मुझे लगता है राहुल द्रविड़ उनसे इस बारे में बातकरेंगे. क्योंकि जिस तरह के कप्तान द्रविड़ थे, वो ऐसा बिलकुल नहीं करते.' बता देंकि ये सारा बवाल भारत और साउथ अफ्रीका के बीच हुए तीसरे मैच की आखिरी पारी के 21वेंओवर से शुरू हुआ. भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर एल्गर LBW आउट दिएगए. गेंद एल्गर के घुटने के नीचे लगी थी लेकिन डिसीजन रिव्यु सिस्टम यानी DRS नेदिखाया कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से निकल जाती और एल्गर को नॉट आउट दे दिया गया. इसडिसीजन से फ़्रस्ट्रेट होकर कोहली स्टंप माइक के पास गए और मैच के ब्रॉडकास्टर‘सुपरस्पोर्ट’ पर बॉल ट्रैकिंग में गड़बड़ करने का इल्ज़ाम लगा दिया.