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  • Virat Kohli made a fantastic comeback and remind the world that he is still the King while Babar Azam failed to shine in Asia Cup 2022

विराट का ये गेम देख बाबर को किंग बता रहे लोग TV फोड़ देंगे!

लौट आए किंग कोहली.

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Virat Kohli
विराट कोहली (फोटो: ऐपी)
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सूरज पांडेय
12 सितंबर 2022 (Updated: 12 सितंबर 2022, 10:15 PM IST)
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बाबर आज़म और विराट कोहली. हाल के सालों में इन दोनों की जमकर तुलना हुई है. पाक फ़ैन्स के लिए बाबर तो बाकी दुनिया के लिए विराट कोहली किंग हैं. हाल में खत्म हुए एशिया कप से पहले बाबर इस तुलना में काफी आगे निकल चुके थे. विराट एक लीन पैच से गुजर रहे थे. और भारतीय फ़ैन्स तक उनकी वापसी की उम्मीद छोड़ चुके थे. लोगों को लगता था कि अब कोहली का वक्त खत्म हो गया है.

दूसरी ओर बाबर का सूरज चढ़ रहा था. वह लगातार अपने प्रदर्शन से लोगों को चकित कर रहे थे. एशिया कप से पहले तक बाबर क्रिकेट के हर फॉर्मेट में धड़ाधड़ रन बना रहे थे. उन्होंने अपने प्रदर्शन के दम पर पूरी दुनिया को अपना फैन बना लिया था. लोग बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे. टूर्नामेंट से पहले न्यूज़ीलैंड के पूर्व ऑलराउंडर स्कॉट स्टायरिस ने कहा था,

'मुझे पक्का नहीं पता कि बाबर आज़म को कैसे आउट करना है. वह नंबर वन बंदा है. आप चाहते हैं कि उसे सिंगल देकर स्ट्राइक से हटा दें और दूसरे एंड वाले बंदे को बोलिंग करें. और मैं सोचता हूं कि इसमें कुछ नया नहीं है. बाबर के लिए यही स्ट्रैटेजी होती है और मैं सोचता हूं कि अब तक उन्हें इसकी आदत पड़ चुकी है. और मुझे नहीं लगता कि यह काम करेगा. वह जैसी फॉर्म में हैं. उन्हें आउट करने के लिए एक स्पेशल डिलिवरी की जरूरत पड़ेगी.'

जबकि कोहली की बात करें तो फ़ैन्स से लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर्स तक उन्हें टीम से बाहर करने की मांग कर रहे थे. 1983 वर्ल्ड कप विनर कैप्टन कपिल देव ने तो साफ कह दिया था,

'जब आपके पास बहुत सारे ऑप्शंस हों तो आप इन-फॉर्म प्लेयर्स को खिलाइए. आप सिर्फ रेपुटेशन के आधार पर नहीं जा सकते. आपको मौजूदा फॉर्म देखनी होगी. आप एक स्टैब्लिश प्लेयर हो सकते हैं लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आपको लगातार पांच मैच में फेल होने के बाद भी मौका दिया जाएगा.'

और फिर आया एशिया कप. तमाम रेपुटेशन और फॉर्म के साथ बाबर आज़म यहां आए. और पूरे टूर्नामेंट में उनके बल्ले से कुल 68 रन निकले. बाबर ने छह पारियों में लगभग 108 की स्ट्राइक रेट से ये रन बनाए. यानी टोटल यूजलेस. ना तो उनसे रन बने और ना ही वो इंटेंट दिखा, जिसकी पाकिस्तान को बहुत जरूरत थी.

दूसरी ओर विराट कोहली ने एशिया कप के जरिए ताबड़तोड़ वापसी की.  कोहली यहां दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले प्लेयर रहे. उन्होंने पांच पारियों में कुल 276 रन कूटे. जबकि नंबर एक पर रहे मोहम्मद रिज़वान ने 281 रन बनाए. कोहली के ये रन 92 की ऐवरेज और 147 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से आए. कोहली इस टू्र्नामेंट में सेंचुरी मारने वाले इकलौते प्लेयर रहे. साथ में उन्होंने दो हाफ सेंचुरी भी लगाई.

किंग कोहली ने अपने प्रदर्शन के साथ ही अपना रुतबा भी वापस हासिल कर लिया. जबकि बाबर के साथ एकदम उलट हुआ. विराट की खराब फॉर्म के दौर में लगातार चर्चा में रहे, दुनिया के बेस्ट बैटर कहे गए बाबर दो ही हफ्तों में जाने कहां पिछड़ गए. किंग कोहली और किंग बाबर की जो बहस चल रही थी, वो अब जाने कहां गुम हो चुकी है.

और इसके साथ ही एक बात फिर पक्की हो गई- समय होत बलवान. बड़े-बड़े किंग भी वक्त के आगे सरेंडर कर ही जाते हैं.

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