INDvAUS: 21वीं सदी की ये कौन सी टीम है जिसमें विराट कोहली को जगह न मिली?
कोहली, द्रविड़, पॉन्टिंग सब बाहर.
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Border Gavaskar Trophy में Steve Smith, Michael Clarke Australia के लिए तो Sachin Tendulkar और Harbhajan Singh भारत के लिए कमाल रहे हैं (गेटी फाइल)
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बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी. पॉपुलैरिटी के मामले में इस टेस्ट सीरीज को बस एशेज ही टक्कर दे पाती है. ऐसा होना लाज़िमी भी है. भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसी दो दिग्गज टीमें भिड़ेंगी तो भीड़ जुटेगी ही. इन दोनों देशों ने क्रिकेट जगत को तमाम दिग्गज दिए. ऐसे में अगर दोनों देशों को मिलाकर एक बेस्ट टीम बनानी हो तो क्या हो?
और टीम भी मौजूदा नहीं. बल्कि 21वीं सदी की बेस्ट टीम. टास्क बहुत बड़ा और सिरदर्द देने वाला है. और ऐसे सिरदर्द लेने के लिए ही तो सालों पहले विजडन की स्थापना हुई थी. तो विजडन ने ये सिरदर्द लिया और बना डाली 21वीं सदी की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की बेस्ट टीम. इस टीम में 21वीं सदी में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में खेले बेस्ट प्लेयर्स हैं... विराट कोहली को छोड़कर. चलिए, 1 जनवरी, 2000 से लेकर 3 जनवरी, 2021 तक के आंकड़ों वाली इस टीम के बारे में विस्तार से जानते हैं.
# हेडेन-सहवाग की जोड़ी
टीम की ओपनिंग का जिम्मा रहेगा मैथ्यू हेडेन और विरेंदर सहवाग पर. इनके बारे में जितना लिखो कम ही होगा. अपना दिन होने पर ये दोनों ही गेंद के दुश्मन नंबर एक होते थे. हेडेन ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के 18 मैचों में 1888 रन बनाए हैं. 59 के ऐवरेज से आए इन रनों में छह शतक और आठ अर्धशतक शामिल हैं. दूसरी ओर खड़े सहवाग के नाम 22 टेस्ट मैचों में 1738 रन हैं. ये रन 41.38 की ऐवरेज से तीन शतक और नौ अर्धशतकों के साथ आए.
नंबर तीन पर कब्जा है स्टीव स्मिथ का. जी हां. वही स्मिथ जिन्हें ICC ने बीते दशक का बेस्ट टेस्ट प्लेयर माना है. स्मिथ के नाम 12 टेस्ट मैचों में लगभग 72 की ऐवरेज से 1439 रन हैं. इसमें सात शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं. ऐवरेज के साथ एक और कमाल की बात ये भी है कि नंबर तीन की रेस में स्मिथ ने राहुल द्रविड़ और रिकी पॉन्टिंग जैसे दिग्गजों को पछाड़ा है.
अब टेस्ट में नंबर चार पर सचिन तेंडुलकर के अलावा कोई हो सकता है क्या? मास्टर ब्लास्टर के नाम 28 मैचों में 2577 रन हैं. 53.68 की ऐवरेज से रन बनाने वाले सचिन ने छह शतक और 13 अर्धशतक जमाए हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बिना कवर ड्राइव के आई उनकी 241 रन की नाबाद पारी कौन भूल सकता है?
पांचवां नंबर माइकल क्लार्क का. कमाल के बल्लेबाज और कामचलाऊ स्पिनर भी. क्लार्क ने अपने डेब्यू मैच में ही भारत के खिलाफ 151 रन मार दिए थे. वो भी बेंगलुरु में. क्लार्क ने 22 मैचों में 2049 रन बनाए थे. इसमें 329 रन की नाबाद पारी भी शामिल है. क्लार्क के यह रन लगभग 54 की ऐवरेज से सात शतकों और छह अर्धशतकों के साथ आए.
नंबर छह पर वीवीएस लक्ष्मण को कौन पछाड़ सकता है? वेरी-वेरी स्पेशल लक्ष्मण ने 25 मैचों में 2271 रन बनाए हैं. 54 की ऐवरेज से रन बनाने वाले लक्ष्मण के नाम छह शतक और 11 अर्धशतक हैं. ईडन गार्डन्स के 281 रन हों या सिडनी की 167 रन की पारी. लक्ष्मण को कंगारू बोलर्स कुछ ज्यादा ही पसंद थे.
विकेटकीपिंग के साथ नंबर सात पर बैटिंग की बात करेंगे तो एडम गिलक्रिस्ट धड़ से आ जाएंगे. 16 मैचों में गिलक्रिस्ट के नाम 25 की ऐवरेज से 633 रन हैं. उन्होंने भारत के खिलाफ दो शतक और एक अर्धशतक लगाया है. साथ ही उन्होंने 68 कैच और एक स्टंपिंग भी करी है. मज़े की बात ये है कि टेस्ट में गिलक्रिस्ट का सबसे खराब प्रदर्शन भारत के खिलाफ ही रहा था.
टीम के पहले स्पिनर अनिल कुंबले होंगे. 14 मैचों में 74 विकेट लेने वाले कुंबले ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सात बार पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लिए. उनके यह विकेट 33.72 की ऐवरेज से आए.
टीम के दूसरे स्पिनर के रूप में टर्बनेटर हरभजन सिंह होंगे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 सीरीज में ही उन्होंने 32 विकेट ले डाले थे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 17 मैचों में भज्जी ने 29.13 की ऐवरेज से कुल 93 विकेट लिए हैं. इसमें सात बार उन्होंने पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट निकाले. टीम के पहले पेसर के रूप में जेसन गिलेस्पी का नाम है. गिलेस्पी ने 10 मैचों में 25.44 की ऐवरेज से 43 विकेट निकाले हैं. इनके नाम पारी में पांच विकेट एक ही बार आए लेकिन भारत को रेगुलर झटके देने में यह बहुत आगे थे. टीम के दूसरे पेसर और आखिरी प्लेयर ग्लेन मैक्ग्रा होंगे. मैक्ग्रा ने सिर्फ 17.56 की ऐवरेज से आठ मैचों में 41 विकेट लिए थे. इसमें से दो बार उनके नाम पारी में पांच विकेट रहे.Where were you when @harbhajan_singh took this memorable hat-trick?pic.twitter.com/Z3iww5X7Kw
📽️ @Zohaib1981 — Wisden India (@WisdenIndia) May 1, 2020

