The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • vinesh phogat questions womens wrestling in brijbhushan singh gonda for wrestlers sanjay singh wfi

बृजभूषण सिंह के गढ़ में महिला रेसलिंग की वापसी, विनेश फोगाट का दावा- 'डर में हैं खिलाड़ी'

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर मौजूद सर्कुलर के मुताबिक, गोंडा के नंदिनी नगर महाविद्यालय में 10 से 12 मई तक सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट होने वाला है. नंदिनी नगर महाविद्यालय की स्थापना बृजभूषण शरण सिंह ने ही की थी. 2023 में हुए पहलवानों के धरने के बाद पहली बार वहां कोई टूर्नामेंट हो रहा है.

Advertisement
pic
24 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 24 अप्रैल 2026, 08:34 PM IST)
vinesh phogat, wfi, sports news
बृजभूषण सिंह अब WFI के अध्यक्ष नहीं हैं. वहीं विनेश फोगाट रेसलिंग में वापसी कर चुकी हैं. (Photo-PTI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

भारतीय रेसलिंग में पिछले कुछ सालों में काफी उथल-पुथल रही है. 2023 में हुए रेसलर्स प्रोटेस्ट के बाद फेडरेशन में काफी बदलाव हुए. पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह (Brijbhushan Singh) पर आरोप लगे थे. इस मामले में अभी केस चल रहा है. इस बीच लगभग तीन साल बाद बृजभूषण का गढ़ कहे जाने वाले गोंडा में महिला रेसलिंग की वापसी हो रही है. गोंडा में होने वाले इस आयोजन को लेकर विवाद भी है और टूर्नामेंट को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, फेडरेशन के अध्यक्ष संजय सिंह (Sanjay Singh) का कहना है कि सब कुछ नियमों के मुताबिक ही हो रहा है. बृजभूषण अब रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष नहीं हैं. वहीं, दूसरी ओर राजनीति में उतर चुकीं विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) रेसलिंग मैट पर अपनी वापसी का ऐलान भी कर चुकी हैं. 

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर मौजूद सर्कुलर के मुताबिक, गोंडा के नंदिनी नगर महाविद्यालय में 10 से 12 मई तक सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट होने वाला है. इसमें 10 मई को फ्रीस्टाइल रेसलिंग, 11 मई को ग्रीको रोमन रेसलिंग और 12 मई को महिला रेसलिंग होनी है. नंदिनी नगर महाविद्यालय की स्थापना बृजभूषण शरण सिंह ने ही की थी. इस कॉलेज के मैनेजमेंट का काम आज भी परिवार के सदस्य ही करते हैं. 1994 में बृजभूषण ने यह कॉलेज खोला था. वह कॉलेज के फाउंडर हैं. वहीं उनके दोनों बेटे करण भूषण सिंह और प्रतीक भूषण मैनेजिंग डायरेक्टर है. इसी कारण प्रोटेस्ट पर बैठे रेसलर्स इस फैसले से नाराज हैं.

विनेश फोगाट ने फिर खोला मोर्चा

ओलंपियन विनेश फोगाट को लगता है कि गोंडा में यह टूर्नामेंट कराने का मतलब सिर्फ शक्ति प्रदर्शन ही है. उन्होंने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा,

सरकार आंखें बंद करके बैठी है. गोंडा में यह सीरीज सिर्फ इसलिए करवाई जा रही है, क्योंकि वह (बृजभूषण शरण सिंह) यह दिखाना चाहते हैं कि अभी सब कुछ उनके हाथों में है. वह जैसे चाहे वैसे कर सकते हैं. केस कोर्ट में चल रहा है. इसके बावजूद कॉलेज में यह टूर्नामेंट करना दिखाता है कि यह सब बस शक्ति प्रदर्शन करने के लिए है.

विनेश ने यहां यह भी दावा किया कि कई रेसलर्स गोंडा जाने में सहज महसूस नहीं कर रहे हैं. वह यह बात विनेश के सामने रख चुके हैं. लेकिन, वह संजय सिंह या WFI के किसी भी अधिकारी को सीधे मना नहीं कर पा रहे हैं. उनके अंदर डर है कि अगर वह कुछ भी कहेंगे तो इसका असर उनके करियर पर होगा. विनेश ने कहा,

जो कुछ बीते सालों में हुआ है उसके बाद खिलाड़ियों उनके परिवारों के दिल में डर है. परेशानी यह है कि कोई भी आगे जाकर मीडिया से बात नहीं करेगा. हर किसी को इस बात का अंदाजा है कि फेडरेशन, संजय सिंह और बृजभूषण के खिलाफ कुछ भी कहने पर उनका करियर हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है. खिलाड़ी इस कन्फ्यूजन में हैं कि ऐसी स्थिति में क्या करें.

गोंडा की स्थिति पर बात करते हुए विनेश ने कहा,

गोंडा में सबकुछ बृजभूषण के हिसाब से ही होता है. अंपायर, रेफरी से लेकर के वहां मौजूद अधिकारी सब बृजभूषण के लिए ही काम करते हैं. ऐसे में अगर वह किसी खिलाड़ी को आगे नहीं बढ़ाना चाहते तो उनके लिए ये सब करना बहुत आसान होता है. गोंडा में न तो खिलाड़ियों के रहने के लिए सही जगह मौजूद है न ही उनके खाने-पीने की ठीक व्यवस्था है. फेडरेशन किसी भी तरह की जिम्मेदारी नहीं लेता है. खिलाड़ी जिस लॉज या धर्मशाला में रुकते हैं, वहां से स्टेडियम काफी दूर है. ऐसे में रात के समय महिला रेसलर को बहुत परेशानी होती है.

विनेश फोगाट ने इस दौरान कई और आरोप भी लगाए. उनका कहना था कि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का काम अभी भी करण भूषण के दिल्ली के सरकारी बंगले से ही चल रहा है. यह बंगला पहले बृजभूषण सिंह के नाम पर था. अब यह बंगला करण के नाम है जो कि कैसरगंज के सांसद हैं. विनेश के मुताबिक, रेसलर्स को स्टेट और नेशनल टूर्नामेंट्स के लिए जो वेरिफिकेशन कराना होता है उसके लिए लिए करण भूषण की सरकारी कोठी पर ही जाना होता है. वह खिलाड़ियों के बारे में सब जानते हैं और जानबूझकर रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में भी खिलाड़ियों को परेशान करते हैं. जो खिलाड़ी विनेश से जुड़े हुए हैं या फिर धरने का हिस्सा थे उनके डॉक्यूमेंट्स में कुछ न कुछ कमी की बात करके उनके फॉर्म रिजेक्ट किए जा रहे हैं. इस कारण खिलाड़ी बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं. विनेश ने बताया,

सब कुछ पहले जैसे ही हो रहा है. अभी भी फेडरेशन का सारा काम करण भूषण के घर से ही होता है. ऐसे में खिलाड़ी कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे? खिलाड़ियों को अपने किसी भी परेशानी के लिए वेरिफिकेशन के लिए उन्हीं की कोठी पर जाना होता है. वहां न तो सीसीटीवी है और न ही किसी और तरीके से सुरक्षा व्यवस्था की गई है. ऐसे में अब अगर किसी भी महिला खिलाड़ी के साथ कुछ होता है और उससे सबूत मांगा जाता है, तो वह सबूत कहां से लेकर आएगी?

ये भी पढ़ें : 9 साल की उम्र में पिता को खोया, अब एशियन चैंपियन बनकर ओलंपिक का सपना सजा रहा ये पहलवान

सरकारी बंगले में ऑफिस चलाने की है मनाही

आपको बता दें कि धरने के बाद WFI के ऑफिस को उस सरकारी बंगले से हटाने का आदेश दिया गया था. एक-दो बार फेडरेशन के ऑफिस का एड्रेस बदला भी है. लल्लनटॉप इस बात की पुष्टि करने के लिए वेबसाइट पर मौजूद एड्रेस पर गया. WFI के बैनर का वहां ऑफिस था. हालांकि, वहां फेडरेशन का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था. इस ऑफिस का काम वहीं मौजूद ऑफिस बियरर जेपी सिंह देख रहे हैं. उन्हें इसके लिए रेसलिंग फेडरेशन से हर महीने सैलरी दी जाती है.

.
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का ऑफिस. 
फेडरेशन अध्यक्ष संजय सिंह ने आरोपों को किया खारिज

फेडरेशन के अध्यक्ष संजय सिंह फिलहाल चीन में हैं, जहां एशियन बीच गेम्स आयोजित हो रहे हैं. संजय सिंह ने विनेश के सारे ही आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि वह विनेश की बातों को गंभीरता से नहीं लेते हैं. जब कोई रजिस्टर्ड खिलाड़ी उनके सामने आकर कंप्लेंट करेगा तो वह बात करेंगे. यह पूछे जाने पर की क्या फेडरेशन का काम अभी भी करण भूषण के ऑफिस से चल रहा है? इस पर संजय सिंह ने कहा,

यह हमारा ऑफिस है जहां आप बैठी हैं. मैं जब भी दिल्ली आता हूं तो मैं यहां आता हूं साइन कर देता हूं. हमारा ज्यादातर काम ऑनलाइन ही होता है. कोई अधिकारी वहां ऑफिस में बैठकर क्या करेगा? जिसे किसी भी तरह की परेशानी है वह सीधे मुझे फोन करे. मेरा नंबर वेबसाइट पर मौजूद है, ईमेल भी कर सकते हैं.

गोंडा में टूर्नामेंट कराने में कुछ गलत नहीं: संजय सिंह

गोंडा में टूर्नामेंट कराने की बात पर भी संजय सिंह का कहना है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है. जब उनसे सवाल किया कि आखिर पिछले तीन सालों से वहां कोई टूर्नामेंट क्यों नहीं हुआ तो संजय सिंह ने कहा,

प्रोटेस्ट के बाद से बाकी राज्यों को रेसलिंग आयोजित करने का मौका दिया गया. सभी स्टेट्स ऐसा करना चाहते थे और अब हमें लग रहा है कि गोंडा में करवाना है क्योंकि यूपी रेसलिंग एसोसिएशन इसमें दिलचस्पी ले रहा है. अगर हमने मेजबानी गोंडा को दी, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है. हैरेसमेंट के जो आरोप लगे हैं वह लखनऊ नेशनल कैंप और पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण की दिल्ली की सरकारी कोठी के हैं. नंदिनी नगर महाविद्यालय में केस में जैसा बताया गया है, वैसा कुछ नहीं हुआ. इन्फ्रास्ट्रक्चर और बाकी सारी चीजें बहुत अच्छी हैं. इसी कारण हमने टूर्नामेंट यहां कराया है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

टूर्नामेंट के दौरान बृजभूषण रहेंगे मौजूद

संजय सिंह ने यहां यह भी साफ किया कि टूर्नामेंट के दौरान बृजभूषण वहां मौजूद रहेंगे. उन्होंने कहा कि वह बतौर पूर्व अध्यक्ष ही नहीं बल्कि एक कुश्ती प्रेमी के तौर पर टूर्नामेंट का हिस्सा होंगे. एक कुश्ती प्रेमी को कुश्ती देखने से कोई भी नहीं रोक सकता. इसलिए इस तरह की बातों का कोई मतलब नहीं है. संजय सिंह ने तो साफ तौर पर कह दिया कि नंदिनी नगर में टूर्नामेंट कराने में कोई परेशानी नहीं है और यह तय शेड्यूल के हिसाब से ही होगा. तीन साल बाद बृजभूषण के गढ़ में हो रही महिला रेसलिंग का टूर्नामेंट कैसे खत्म होता है, इसका पता समापन के बाद ही चलेगा.

वीडियो: आईपीएल 2026 में अभी तक रियान पराग का बल्ला नहीं चला, टीम क्या गणित लगा रही?

Advertisement

Advertisement

()