विनेश नहीं जा सकेंगी एशियन गेम्स, ट्रायल्स के सेमीफाइनल में मीनाक्षी ने दी पटखनी
रेसलर Vinesh Phogat अब एशियन गेम्स में भाग नहीं ले सकेंगी. पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार मैट पर वापसी करते हुए वो एशियन गेम्स के ट्रायल्स में हार गईं. 53 केजी के स्पर्धा में विनेश को हरियाणा की रेसलर मीनाक्षी ने 6-4 से हराया.

रेसलर विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने पेरिस ओलंपिक के बाद एक बार फिर मैट पर वापसी की. दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विनेश 30 मई को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में भाग लेने पहुंची. इस दौरान उन्होंने 53 केजी कैटेगरी में पहले राउंड में ज्योति और क्वार्टर फाइनल में नीशू को हराया. हालांकि, वो सेमीफाइनल मुकाबले में मीनाक्षी से हार गईं. इसी के साथ एशियन गेम्स के भाग लेने की उम्मीदें भी टूट गईं.
विनेश को ट्रायल्स में भाग लेने के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ा. रेसलिंग रेफेडरेशन ऑफ इंडिया ने विनेश को 26 जून तक किसी भी टूर्नामेंट में भाग लेने से बैन कर दिया था. उनका कहना था कि संन्यास से वापसी के बाद विनेश ने 6 महीने का कूलिंग ऑफ पीरियड सर्व नहीं किया है. हालांकि, दिल्ली कोर्ट ने माना कि इस दौरान विनेश मैटरनिटी लीव पर थीं. ऐसे में उन्हें छूट दी जानी चाहिए.
हार के बाद क्या बोलीं विनेश?दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद WFI मामले में सुप्रीम कोर्ट भी चला गया. लेकिन, फेडरेशन के हाथ निराशा ही लगी. देश की सर्वोच्च न्यायालय ने भी विनेश के पक्ष में ही फैसला सुनाया. हालांकि, इतनी जद्दोजहद के बावजूद विनेश एशियन गेम्स में भाग नहीं ले सकेंगी. 53 केजी कैटगरी में उन्हें मीनाक्षी ने हरा दिया.
इसे हार के साथ ही एशियन गेम्स में भाग लेने का विनेश का सपना भी टूट गया. विनेश ने इस हार के बाद कहा,
पूरा सिस्टम एक ओर था. मैं व मेरी टीम एक तरफ बैठे थे. सभी लोग मिले हुए हैं. एकतरफा लड़ाई है. मुझे हार या जीत से कोई समस्या नहीं है. पहली बार मैं नहीं हार रही हूं. हम हार कर ही सीखते हैं. लेकिन, जब पूरा सिस्टम आपके खिलाफ खड़ा हो. फिर भी आप लड़ने की हिम्मत रखते हैं तो मैं खुद को विजेता के रूप में देखती हूं.
उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को लेकर भी बात की. उन्होंने आगे कहा,
दिल्ली हाई कोर्ट ने बहुत ही बड़ा फैसला लिया है. आने वाले अन्य रेसलर्स के लिए ये नया रास्ता खुल गया है. आने वाले समय में उन्हें नया नियम बनाना पड़ेगा कि जो महिला रेसलर मां बनने के बाद वापसी करना चाहती हैं, उन्हें उचित अवसर मिलना चाहिए.
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मीनाक्षी भी फाइनल में हारींवहीं, मीनाक्षी की बात करें तो, पिछले कुछ दिनों में इस कैटेगरी में उन्होंने अपना दबदबा बनाया है. उन्होंने हाल ही में ओलंपियन अंतिम पंघाल को भी इस कैटेगरी में गोंडा में हुए रैंकिंग टूर्नामेंट में हराया था. लेकिन, एशियन गेम्स के ट्रायल्स के फाइनल में अंतिम ने अपना बदला पूरा कर लिया. अब इस कैटेगरी में एशियन गेम्स में अंतिम पंघाल ही भाग लेंगी.
नीशू से रहा था रोमांचक मुकाबलाविनेश की बाउट की बात करें तो, पहले राउंड में उन्होंने ज्योति को 7-1 से मात दी. वहीं, क्वार्टर फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा. ये मुकाबला विनेश टेक्निकल बेसिस पर 7-6 से जीतीं. इस दौरान विनेश के पति सोमवीर राठी की रेफरी से कहासुनी भी हो गई. हालांकि, ये मैच विनेश ने जीत लिया. लेकिन, इसके बाद वो मीनाक्षी से हारकर ट्रायल्स की दौड़ से बाहर हो गईं.
वीडियो: विनेश फोगाट के खिलाफ WFI सुप्रीम कोर्ट क्यों पहुंच गया?

