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वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया में क्यों नहीं? मैच्योरिटी और आंकड़े चिल्ला-चिल्ला कर पूछ रहे हैं

IPL में Vaibhav Sooryavanshi अभी तक पूरे दो सीजन भी नहीं खेले हैं. बॉल्स में गिनेंगे तो वो सिर्फ 401 बॉल्स खेले हैं. IPL 2026 में तो उन्होंने मात्र 280 गेंदें फेस की हैं. इतने छोटे से सैंपल साइज में इस यंग प्रॉडिजी ने अपने पैदा होने से पहले के रिकॉर्ड तक तोड़ दिए हैं.

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27 मई 2026 (अपडेटेड: 27 मई 2026, 11:20 PM IST)
Vaibhav Sooryavanshi Innings that redefined what is possible in T20s team india
IPL 2026 में वैभव अब तक 680 रन बना चुके हैं. इस पूरे सीजन उन्होंने 55 चौके और 65 छक्के लगाए हैं. (फोटो- PTI)
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27 मई, 2026. बिहार के समस्तीपुर के एक लड़के ने मैच से पहले सुनील गावस्कर के पैर छुए. बैटिंग करने आया तो आंखों में रिकॉर्ड ही रिकॉर्ड दिख रहे थे. समस्तीपुर से 1330 किलोमीटर दूर मुल्लांपुर में IPL 2026 का एलिमिनेटर मैच. टीम का क्वालिफिकेशन दांव पर. लेकिन असली दांव-पेच वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) नाम के ‘बच्चे’ ने चला. सामने वाली टीम का प्लान A, B, C… कुछ काम नहीं आया. कई रिकॉर्ड्स टूटे. 14 साल पुराने भी नहीं बचे. वैभव जब पवेलियन लौटे तो एक बार फिर ये पुख्ता कर गए कि वो टीम इंडिया में आने के लिए पूरी तरह पक चुके हैं.

माइकल वॉन से लेकर रवि शास्त्री, और मोहम्मद कैफ जैसे पूर्व क्रिकेटर्स पहले ही वैभव को इंडियन टीम में लाने की वकालत कर चुके हैं. सभी का ये मानना है कि 15 साल का ये लड़का बड़े लेवल पर खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है. BCCI को वैभव के टैलेंट का इस्तेमाल करने में देरी नहीं करनी चाहिए.

और देरी की भी क्यों जाए. IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने पैट कमिंस, जॉश हेजलवुड, और जसप्रीत बुमराह जैसे वर्ल्ड क्लास पेसर्स को पहले ही ओवर में छक्का जड़ा है. ये कोई लक नहीं है. ना ही ये एक-दो बार हुआ है. ये शियर कॉन्फिडेंस है. अपनी एबिलिटी में. अपने शॉट्स में. बैट फ्लो में. वैभव दुनिया के किसी भी बॉलर को मैदान के किसी भी कोने में छक्का लगाने की कुवत रखते हैं.

IPL में वैभव अभी तक पूरे दो सीजन भी नहीं खेले हैं. बॉल्स में गिनेंगे तो वो सिर्फ 401 बॉल्स खेले हैं. IPL 2026 में तो उन्होंने मात्र 280 गेंदें फेस की हैं. इतने छोटे से सैंपल साइज में इस यंग प्रॉडिजी ने अपने पैदा होने से पहले के रिकॉर्ड तक तोड़ दिए हैं.

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वैभव सूर्यवंशी ने SRH के खिलाफ एलिमिनेटर मैच में जैसे ही अपनी 15वीं बॉल खेली, वो क्रिस गेल के बड़े रिकॉर्ड को पार कर चुके थे.
डेटा जो ओवरव्हेल्मिंग लगेगा!

इस सीजन वैभव 280 गेंदों में 680 रन बना चुके हैं. 15 मैचों में स्ट्राइक रेट 243 से ऊपर का है. 45 से ज्यादा का एवरेज है. ये सब देखने और सुनने में काफी ओवरव्हेल्मिंग लगेगा. पर आगे आप जो डेटा देखेंगे वो ब्रांड ‘वैभव सूर्यवंशी’ है.

फर्ज कीजिए किसी टूर्नामेंट के 15 मैचों में एक बैटर हर मैच में 19 गेंद में 45 रन बनाता है. उसका स्ट्राइक रेट 236 के आसपास होगा. अगर कोई आपसे कहे कि इस बैटर का स्ट्राइक रेट और एवरेज वैभव के IPL 2026 के स्ट्राइक रेट और एवरेज से भी कम होगा, तो आपकी आंखें फटी रह जाएंगी!

हम इस दौर में किस वैभव सूर्यवंशी को बैटिंग करते देख रहे हैं, इसका हमें सच में कोई अंदाजा नहीं है. अगला स्टैट देख आपको पिक्चर और क्लियर होगी. अगर किसी 20 ओवर्स टूर्नामेंट में कोई टीम हर मैच में 290 रन बनाए, इसके बावजूद इस टीम का स्ट्राइक रेट वैभव के स्ट्राइक रेट से कम होगा.

ये दिखाता है कि वैभव ने अपने बल्ले से जो कातिलाना बैटिंग की है, वो सच में रेयर है. वो जब बैटिंग करते हैं तो उनके साथ खेलने वाले यशस्वी जायसवाल भी छोटे प्लेयर नजर आते हैं. जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. जायसवाल आज भी इंडिया के बेस्ट ऑल-फॉर्मेट प्लेयर्स में से एक हैं.

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हम इस दौर में किस वैभव सूर्यवंशी को बैटिंग करते देख रहे हैं, इसका हमें सच में कोई अंदाजा नहीं है.
असली सिक्सर किंग!

T20 फॉर्मेट में हमने क्रिस गेल और एबी डिविलियर्स जैसे क्लीन हिटर्स की बैटिंग देखी है. दोनों ने IPL में कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए. पर अब इन रिकॉर्ड्स की खैर ली जा रही है. वैभव सूर्यवंशी ने SRH के खिलाफ एलिमिनेटर मैच में जैसे ही अपनी 15वीं बॉल खेली, वो क्रिस गेल के बड़े रिकॉर्ड को पार कर चुके थे.

मैच में उनका ये 7वां छक्का था. इसी के साथ वो में 60 छक्के लगाने वाले पहले बैटर बन गए. गेल ने साल 2012 में एक सीजन में 59 छक्के लगाए थे. 14 साल बाद ये रिकॉर्ड टूटा है.

वैभव का बल्ला यहां भी नहीं थमा. उन्होंने IPL प्लेऑफ्स में सबसे तेज फिफ्टी की बराबरी भी कर ली. 16 गेंद में वैभव ने पचासा पूरा किया. और सुरेश रैना के बराबर पहुंच गए. रैना ने 2014 के IPL में 16 गेंद में ही फिफ्टी लगाई थी.

गेल का रिकॉर्ड खतरे में था

SRH के खिलाफ एक वक्त लग रहा था कि 15 साल का ये बैटर क्रिस गेल की फास्टेस्ट सेंचुरी का रिकॉर्ड भी तोड़ देगा. लेकिन 29वीं बॉल पर छक्का लगाने के चक्कर में वैभव थर्ड मैन पर कैच आउट हो गए. वो जिस वक्त आउट हुए RR का स्कोर 8 ओवर में 125 रन था. 125 का स्कोर आज से 6-7 साल पहले T20 क्रिकेट में डिफेंडेबल टोटल में गिना जाता था.

वैभव ने एलिमिनेटर मैच में 29 गेंदों में 97 रन बनाए. 4 चौके और 12 छक्के लगाए. 334 के स्ट्राइक रेट से बैटिंग की. उनका बैटिंग टेम्पलेट पूरे सीजन ऐसा ही रहा.

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बॉलर्स को रन्स पीटने वालों के ‘सरदार’ का टैग वैभव को ही मिलना चाहिए.
90 परसेंट रन बाउंड्री से बनाए

IPL 2026 में वैभव अब तक 680 रन बना चुके हैं. इस पूरे सीजन उन्होंने 55 चौके और 65 छक्के लगाए हैं. उनके 610 रन सिर्फ बाउंड्री से आए हैं. माने, लगभग 90 परसेंट रन बनाने के लिए वैभव ने दौड़ने की जहमत भी नहीं की.

स्पोर्ट्स की दुनिया में कोई पूछे कि वैभव सूर्यवंशी को क्या डिफाइन करते है? इसका जवाब सिंपल सा होगा. क्रिकेट के लिए जुनून और अपने ऊपर कॉन्फिडेंस. ये कॉन्फिडेंस ही है, जो वैभव ने 11 की उम्र में अपने कोच से कहा था कि, ‘छक्का मारने वाली बॉल पर सिंगल क्यों लेना.’

इसी जज्बे की देन है कि वैभव IPL के एक सीजन में 600 रन बनाने वाले सबसे तेज बैटर हैं. इस लैंडमार्क तक वो 237.77 के स्ट्राइक रेट से पहुंचे हैं. आज तक कोई भी बैटर 200 का आंकड़ा नहीं टच कर पाया है.

T20 क्रिकेट बॉलर्स के लिए अब काल माना जाने लगा है! मॉडर्न एरा में अगर किसी बैटर को इसका श्रेय दिया जाएगा, तो वैभव सूर्यवंशी का नाम टॉप 2 में जरूर होगा. मेरे हिसाब से अभिषेक शर्मा ने इसकी शुरुआत की थी. लेकिन इसे अंजाम तक पहुंचाने का काम सिर्फ वैभव सूर्यवंशी ने किया है. बॉलर्स को रन्स पीटने वालों के ‘सरदार’ का टैग वैभव को ही मिलना चाहिए.

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वैभव का रेंज काफी बढ़ गया है.

IPL के पहले सीजन में वो काफी लेग साइड रिलायंट थे. लेकिन इस सीजन उनका बैटिंग आर्क AI से भी तेज फैला है. AI चिप उनके बल्ले में है या नहीं, ये तो पाकिस्तानी ही बता सकते हैं. लेकिन वैभव का रेंज काफी बढ़ गया है. फियर्स कट. अपर कट. स्ट्रेट लॉफ्ट. फाइन लेग के ऊपर से पुल. शॉर्ट बॉल को डक करके छक्का लगाना. ये है उनकी इस सीजन के शॉट्स की रेंज.

वैभव 15 साल के हैं. पर उन्हें बाकी प्लेयर्स से जो चीज सेपरेट करती है, वो है गेम को रीड करना. एग्रेशन में छिपा उनका पेशेंस. वो क्रीज पर शांति से खड़े रहते हैं, और बॉल को आने देते हैं. 15 साल के किसी बच्चे को आप ये सिखा नहीं सखते. शायद ये वो पहले से ही जानते हैं. और अब BCCI को भी ये समझ लेना चाहिए, कि जो प्लेयर देखने में बच्चा है, वो खेल में अपनी उम्र से कहीं ज्यादा मैच्योर है. सीनियर लेवल पर खेलने के लिए मैच्योरिटी के अलावा कुछ और चाहिए नहीं होता. गेम हमेशा से वैभव सूर्यवंशी के पास था. है. और रहेगा!

वीडियो: आईपीएल में धमाल मचा रहे वैभव सूर्यवंशी को जल्दी ही मिल सकती है बड़ी खुशखबरी!

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