क्रिकेट पर लगा धब्बा, उस्मान ख्वाजा का दावा- 'मुस्लिम और काले रंग की वजह से हो रहा भेदभाव'
ऑस्ट्रेलियन ओपनर Usman Khawaja ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया. बतौर इंटरनेशनल क्रिकेटर अपनी अंतिम प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा ने क्रिकेट के बारे में कम और राजनीति, सोच और पहचान के बारे में ज़्यादा बात की. इस दौरान उन्होंने उनके साथ करियर में हुए भेदभाव को लेकर काफी बातें कीं.

ऑस्ट्रेलियन ओपनर उस्मान ख्वाजा (Usman Khwaja) ने इंटरनेशनल क्रिकेटर से संन्यास की घोषणा कर दी. बतौर इंटरनेशनल क्रिकेटर अपनी अंतिम प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा ने क्रिकेट के बारे में कम और राजनीति, सोच और पहचान के बारे में ज़्यादा बात की. 2 जनवरी को ख्वाजा ने घोषणा की कि वह एशेज टेस्ट सीरीज़ खत्म होने के बाद रिटायर हो जाएंगे. यानी उनके होमटाउन सिडनी में 4 जनवरी से शुरू होने वाले न्यू ईयर टेस्ट उनके करियर का अंतिम इंटरनेशनल मैच होगा.
ख्वाजा ने कलर को लेकर भेदभाव का लगाया आरोपरिपोर्टर्स के साथ 50 मिनट की बातचीत के दौरान ख्वाजा ने काफी इमोशनल बातें कीं. उन्होंने खेद जताया कि उनके करियर में उनके साथ दूसरों से अलग व्यवहार किया गया. उनके अनुसार, मीडिया और पूर्व क्रिकेटर्स ने उन्हें इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वह गैर मुल्क से आए थे. साथ ही दक्षिणपंथी राजनीति और फिलिस्तीनी मुद्दे पर बेबाकी से विचार रखते थे. ख्वाजा ने कहा,
39 साल के ओपनर को पर्थ टेस्ट से पहले बैक स्पैज़्म हो गया था. इसे लेकर टीम में उनकी जगह को लेकर काफी चर्चा हुई थी. उन्होंने इसे याद करते हुए काफी बातें कीं. दरअसल, एशेज सीरीज की शुरुआत में उनकी पीठ में ऐंठन हो गई थी. इसकी वजह से वह ओपन नहीं कर पाए थे. अमूमन ऐसी छोटी चोट पर रूटीन मीडिया कवरेज होता है. लेकिन, पूर्व क्रिकेटर्स और कुछ स्थानीय मीडिया संस्थानों ने इसे लेकर ख्वाजा की कड़ी आलोचना की थी. उनकी तैयारी पर सवाल उठाए थे. मैच से पहले गोल्फ खेलने को लेकर उन्हें टारगेट किया था.
ख्वाजा ने कहा कि इसे लेकर रिएक्शंस नॉर्मल नहीं थे. कॉमेंट्री व्यक्तिगत हमलों में बदल गई थी. उन्हें आलसी, यहां तक कि स्वार्थी भी कहा गया था. उनके अनुसार, ऐसी आलोचनाएं दूसरे खिलाड़ियों की कभी नहीं की जातीं. उन्होंने कहा कि लगातार हमलों और व्यक्तिगत आलोचना का यह एपिसोड उन पूर्वाग्रहों को दिखाता है, जिनका उन्होंने पूरे करियर में सामना किया है. उन्होंने कहा,
उन्होंने आगे कहा,
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पत्नी की निराशा के बारे में भी बात कीख्वाजा ने बताया कि उनकी पत्नी ने जब पूरे प्रकरण के दौरान उनके बारे में लिखी जा रही बातें पढ़ीं, तो वह गुस्से से आग बबूला हो गईं. ख्वाजा ने कहा,
उन्होंने आगे कहा,
ख्वाजा ने कहा कि जब टीम के साथी चोट के कारण नहीं खेल पाते थे. तब प्रतिक्रिया बहुत अलग होती थी. उन्होंने मज़ाक में कहा कि मीडिया और पूर्व प्लेयर्स अक्सर उन लोगों के प्रति भी सहानुभूति जताते थे, जो ज़्यादा शराब पीने के बाद उपलब्ध नहीं होते थे. ख्वाजा ने अपनी बात में जोड़ते हुए कहा,
ख्वाजा ने आगे कहा,
ख्वाजा ने इसमें जोड़ते हुए कहा,
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क्रिकेट से इतर मुद्दों को बताया पर्सनल अटैक की वजहख्वाजा ने क्रिकेट से हटकर बोलने के लिए उन्हें जिस चीज का का सामना करना पड़ा, उस पर भी बात की. उन्होंने कहा कि राजनीतिक, सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर बात करने की उनकी इच्छा ने उन्हें निशाना बनाया है. उन्होंने फिलिस्तीनी अधिकारों के लिए अपने सार्वजनिक समर्थन पर भी बात की. साथ ही, ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में इस्लामोफोबिया और इमिग्रेशन विरोधी बयानबाजी को लेकर ‘अपनी हद में रहने’ के लिए दिए गए सुझावों पर भी बात की.
ख्वाजा ने कहा कि ये मुद्दे उनके लिए बहुत पर्सनल हैं. ये एक मुस्लिम इमिग्रेंट के तौर पर उनकी पहचान से जुड़े हैं क्योंकि वह बचपन में ऑस्ट्रेलिया आ गए थे. उन्होंने कहा कि आलोचना के बावजूद वे इसलिए बोलते हैं, क्योंकि वे सबको साथ लेकर चलने और खेल में उनके बाद आने वालों के लिए एक बेहतर रास्ता बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा,
उन्होंने आगे कहा,
ख्वाजा ने इसमें जोड़ते हुए कहा,
ख्वाजा ने आगे कहा,
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया,
ख्वाजा ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा,
सिडनी टेस्ट में ख्वाजा मिडिल ऑर्डर में ही बैटिंग जारी रख सकते हैं. उन्होंने इस एशेज सीरीज की तीन टेस्ट मैचों में अब तक 153 रन बनाए हैं. इसमें एडिलेड में तीसरे टेस्ट में मैच जिताऊ 83 रन की पारी भी शामिल है.
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