वर्ल्ड कप के साथ शुरू हुए हमारे डोमेस्टिक टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी मेंएक बड़ा विवाद हो गया है. तमिलनाडु और ओडिशा के बीच हुए ग्रुप मैच के दौरान अंपायरके एक फैसले ने ओडिशा से जीत छीन ली. एलीट ग्रुप ए के इस मैच में तमिलनाडु ने ओडिशाको एक रन से हराया. पहले बैटिंग करते हुए तमिलनाडु ने अपने 20 ओवर्स में पांच विकेटखोकर 165 रन बनाए. तमिलनाडु के लिए बाबा अपराजित ने सबसे ज्यादा 44 रन की पारीखेली. अपराजित ने यह रन सिर्फ 28 गेंदों में बनाए. जवाब में ओडिशा ने लगातार अंतरालपर विकेट गंवाए. हालात ऐसे थे कि आखिरी 6.3 ओवर्स में उन्हें जीत के लिए 71 रन कीजरूरत थी. जबकि टीम के छह विकेट बाकी थे. # Murugan Ashwin ने क्या किया! सुभ्रांशुसेनापति और अभिषेक राउत ने 49 रन की शानदार साझेदारी की. लेकिन तमिलनाडु ने फटाफटदो विकेट लेते हुए मैच को फिर से अपनी ओर झुका लिया. अंत में ओडिशा को जीत के लिएआखिरी पांच गेंदों में 12 रन चाहिए थे और गेंद टी नटराजन के हाथ में थी. उन्होंनेइस ओवर की दूसरी गेंद पर सर्बेस्वर मोहंती को बोल्ड कर ओडिशा की मुश्किलें बढ़ादीं. फिर आई ओवर की तीसरी गेंद. अपनी पहली गेंद का सामना कर रहे बिकाश राउत ने इसेड्राइव किया. मुरुगन अश्विन ने कवर्स की ओर गई गेंद को रोकने की कोशिश की. लेकिनगेंद उनसे रुकी नहीं और बाउंड्री रोप से छू गई. अश्विन की डाइव से रोप बाहर की ओरखिसकी और गेंद अंदर की ओर आ गई. थर्ड अंपायर था नहीं और ग्राउंड अंपायर ने अश्विनसे बात करके इस पर चार की जगह एक ही रन दिया. चौथी गेंद पर दोनों बल्लेबाजों नेदौड़कर दो रन लिए. और लास्ट बॉल पर राउत ने लंबा छक्का मारा. लेकिन इससे कोई फायदानहीं हुआ. तीसरी गेंद पर आया अंपायर का फैसला ओडिशा पर भारी पड़ा. उन्होंने मैच कोएक रन से गंवा दिया. मैच के बाद ओडिशा के हेड कोच और पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीमजाफर ने इस घटना की एक फोटो ट्वीट कर फैसले पर निराशा जाहिर की. हालांकि बाद मेंउन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया.