मोहम्मद आमिर के बहाने क्रिकेट के 5 दागदार किस्से
पाकिस्तान वर्सेज़ इंग्लैंड. सीरीज़ शुरू हो चुकी है. मोहम्मद आमिर वापस इंग्लैंड आ चुके हैं. देखते हैं इन दो देशों के बीच क्रिकेट का इतिहास.
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The No Ball
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मोहम्मद आमिर. पाकिस्तान का पेस बॉलर. वहां पहुंच रहा है जहां अतीत में एक दिन उसके दामन पर दाग लगे थे. ऐसे दाग जिनसे उसकी पहचान होने लगी थी. जिनके कारण लोग उस पर थूक रहे थे. समूचा क्रिकेट वर्ल्ड शर्मिंदा था. खुद पाकिस्तान उससे ख़फ़ा था.
6 महीने जेल, 5 साल के क्रिकेट बैन के बाद वापस आया. क्रिकेट के मैदान पर. और सिर्फ़ पाकिस्तान के इतिहास में ही नहीं, वर्ल्ड क्रिकेट के इतिहास में सबसे जानदार कमबैक को हम सब ने देखा. एशिया कप 2016 के 4 मैचों में 7 विकेट लेकर कमाल की स्विंग बॉलिंग करते हुए मोहम्मद आमिर पश्चाताप की हर संभव कोशिश करता हुआ दिख रहा था. उसकी गेंद में वही पैनापन था. लेकिन अन्दर ही अन्दर डर भी था. जिसे टी-20 वर्ल्ड कप में उसने किनारे कर ही दिया.
अब वो आमिर फिर से वहीं पहुंच रहा है. इंग्लैंड. वो ज़मीन जिसने उसे दूसरा जन्म लेने पर मजबूर कर दिया था. वजह? उसके खुद के कर्म. एक सर्किल सा पूरा होता दिख रहा है. आमिर के फ़िक्सिंग स्कैंडल के बाद ये पहला मौका है जब पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड में खेलने जा रही है. सब कुछ एक सपने जैसा. पिछली सीरीज़ के ख़तम होने पर जिसे जेल हुई थी, अगली सीरीज़ में खेल रहा होगा. इंग्लैंड की टीम पूरी तैयारी से उस पर चढ़ाई करने को बेताब है.

वापस उसी पवेलियन में आमिर
इंग्लैंड में खेले 6 मैचों में 30 विकेट लेने वाला मोहम्मद आमिर आज एक क्लीन स्लेट के साथ खेलने को बेताब होगा. साथ ही तैयार होगी पाकिस्तानी टीम. अपने इस तेज़ गेंदबाज को बैक करने के लिए. उनके लिए ये ज़रूरी होगा कि हर वक़्त आमिर के चारों ओर एक गोल घेरा बनाये रक्खें. जिससे उस के इर्द-गिर्द होने वाले शोर को उस तक पहुंचने से पहले ही रोका जा सके. आमिर के लिए ये कतई ज़रूरी है.
अगर हम कभी इतिहास में झांकें, तो साफ़ पायेंगे कि पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सब कुछ हमेशा अच्छा ही नहीं रहा है. असल में ज़्यादातर कुछ अच्छा नहीं रहा है. चीज़ें गड़बड़ हुई हैं. दोनों ओर से. हर सीरीज़ का एक किस्सा है. यहां हैं कुछ बड़े किस्से जिनके बिना इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट की बात करना बेईमानी होगी. 1. कप्तान माइक गैटिंग वर्सेज़ अम्पायर शकूर राणा 1987 फैसलाबाद टेस्ट. दोनों ही देशों के बीच के सम्बन्ध उतने खुशहाल नहीं चल रहे थे. साथ ही पिछली सीरीज़ में अम्पायर शकील खान की घटिया अम्पायरिंग के चलते दोनों टीमों के बीच खासा तनाव था. फैसलाबाद टेस्ट का दूसरा दिन अपने अंत की ओर बढ़ रहा था. पाकिस्तान 106 पर 5 विकेट खोकर जूझ रहा था और इंग्लैंड ड्राइविंग सीट में था. माइक गैटिंग दिन के अंत में कैसे भी एक एक्स्ट्रा ओवर फिंकवाना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने स्पिनर एडी हमिंग्स को अटैक पर भेजा. नॉन-स्ट्राइकिंग एंड पर थे सलीम मलिक. गैटिंग ने सलीम को इशारा किया कि वो डेविड केपल को लॉन्ग लेग से ऊपर ला रहे थे. जैसे ही हेमिंग्स गेंद फेंकने को बढ़े, गैटिंग ने केपल को इशारा किया कि वो जहां हैं वहीं रुक जायें क्यूंकि वो बहुत ऊपर आ गए थे. इस वाकये को देखा लेग अम्पायर शकूर राणा ने. वो चीख पड़े, "स्टॉप! स्टॉप!" हेमिंग्स ने गेंद फेंक दी लेकिन अम्पायर खिज़र खान ने डेड बॉल डिक्लेयर कर दी.
गैटिंग तुरंत राणा के पास पहुंचे. वो खीज चुके थे. बल्लेबाज भी कन्फ्यूज्ड थे. क्यूंकि न ही गैटिंग और न ही केपल उन्हें दिखाई दे रहे थे. वो तो बॉलर को देख रहे थे. गैटिंग ने अम्पायर से मामला पूछा तो शकूर राणा ने कहा "तुम अपना हाथ फील्डर की ओर हिला रहे हो. ये चीटिंग है." गैटिंग ने उन्हें समझाया कि वो फील्डर की पोज़ीशन नहीं बदल रहे थे. बल्कि उसे वहीं रुकने को बोल रहे थे. और इसके बारे में वो पहले ही सलीम मलिक को बता चुके थे. गैटिंग को ओवर जल्दी खतम करना था. उन्होंने तुरंत शकूर राणा को स्क्वायर लेग पर जाकर अम्पायरिंग करने को कहा. जिससे गेम आगे बढ़ सके. राणा अपनी पोज़ीशन पर जाने लगे लेकिन जाते जाते उन्होंने कहा, "You are a fucking cheat."
गैटिंग दिन खतम होने से पहले ओवर करवाने की जल्दी में थे. उन्हें देर नहीं करनी थी. वो अपनी जगह पर वापस जा रहे थे. प्लेयर्स को वापस भेज रहे थे. उन्होंने शकूर राणा की चीटर कहे जाने की बात भी लगभग इग्नोर कर ही दी. लेकिन तभी वो भड़क उठे. वो अम्पायरिंग के ग़लत फ़ैसलों से काफी नाखुश थे. पर उन्हें सबसे ज़्यादा जिस बात ने भड़काया, वो था शकूर के कोट के नीचे उनका स्वेटर. शकूर राणा ने पाकिस्तान का स्वेटर पहन रक्खा था. वापस जाते गैटिंग अचानक शकूर राणा की ओर तेज़ी से चल पहुंचे. दोनों गली में लड़ते दो सांड़ों जैसे सींग से सींग टकरा एक दूसरे को उंगलियां दिखाते हुए लड़ रहे थे. जब तक प्लेयर्स समझ पाते, काफ़ी चिल्लम-चिल्ली मच चुकी थी. गैटिंग को किसी तरह बिल ऐथी ने पीछे किया. मामला जो कुछ भी हो, गैटिंग 'खतरे' में थे.
दिन खतम होने के बाद शकूर राणा ने बताया "गैटिंग ने बैट्समैन के पीछे फील्डर को मूव किया. जो नियमों के खिलाफ़ है. मैंने डेड बॉल डिक्लेयर की तो उसने मुझे गालियां दीं. ये गेम की स्पिरिट के खिलाफ़ है. गैटिंग ने मुझसे ये भी कहा कि क्रिकेट में नियम उन लोगों ने बनाये हैं."
शाम को शकूर ने मैच में अम्पायरिंग न करने की धमकी दे दी. लेकिन जब इंग्लैंड टीम अगली सुबह मैदान में पहुंची तो शकूर राणा गायब थे. वो अम्पायरिंग नहीं करना चाहते थे. मैनेजमेंट ने दोनों से बात की. बहुत मान-मुनौव्वल के बाद दोनों अपने-अपने काम के लिए तैयार हुए. लेकिन दोनों की अपनी अपनी शर्तें थीं. राणा, गैटिंग से लिखित माफ़ी चाहते थे. गैटिंग, राणा से माफ़ी चाहते थे.
अंत में काफी बातचीत और दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड्स की माथापच्ची के बाद माइक गैटिंग ने शकूर राणा से लिखित माफ़ी मांगी.
"मुझे गैटिंग की लिखित माफ़ी पर गर्व है. मैं आज भी उसे अपने तकिये के नीचे रख कर सोता हूं." शकूर राणा ने सालों बाद ये बात कही थी.
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2. आक़िब जावेद का स्वेटर 1992 ऐसा सिर्फ पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच ही हो सकता था कि लड़ाई की वजह स्वेटर बन जाये. अंपायर रॉय पामर ने आक़िब जावेद को बॉडी पर बॉलिंग करते रहने के लिए वॉर्न किया. बैटिंग कर रहे थे डेवन मैल्कम. ओवर खतम होने के बाद जब पामर ने आक़िब को उनका स्वेटर वापस किया तो एक झटके के साथ. ऐसा लगा जैसे वो उनके स्वेटर को फेंकना चाहते हों. इस बात को आक़िब ने ज़्यादा ही दिल पे ले लिया. साथ ही कप्तान मियांदाद भी आ गए. उन्हें अम्पायर का ये तरीका काफी बदतमीज़ी भरा लगा. मैच ख़तम होने के बाद आक़िब जावेद को उनकी आधी मैच फ़ीस का जुर्माना लगा. बाद में अम्पायर ने कहा कि उन्होंने आक़िब का स्वेटर झटके से इसलिए दिया क्यूंकि वो उनकी बेल्ट में फंस गया था.
3. मोईन खान की कप्तानी और अंधेरे में खेला गया मैच 2000
मोईन खान कराची में टेस्ट हारने वाले पहले पाकिस्तानी कप्तान बनने वाले थे. 39 साल बाद पहली बार पाकिस्तान अपनी ज़मीन पर इंग्लैंड से सीरीज़ हारने वाला था. ये सब कुछ मोईन खान के लिए काफ़ी भारी पड़ रहा था. मोईन खान ने ओवर रेट को इतना धीमा कर दिया कि एक घंटे में 9 ओवरों का ऐवरेज आने लगा. वो अपने फील्डर्स से ज़्यादा देर तक बात करने लगे. उन्हें ज़्यादा इंस्ट्रक्शन देने लगे. मैदान में दौड़-दौड़ कर प्लेयर्स से बात कर रहे थे. टी-ब्रेक में मैच रेफ़री रंजन मदुगले ने उन्हें बुलाकर इसके बारे में बात भी की. लेकिन मोईन किसी भी हालत में मैच को डिले करवाने पे तुले हुए थे. अम्पायर स्टीव बकनर ने एक मौके पर अपनी घड़ी की ओर इशारा करते हुए उन्हें निकलते हुए टाइम के बारे में बताया. इस मौके पर मोईन खान खुद चलकर बकनर के पास पहुंचे और उनसे बहस करते हुए टाइम पास करने लगे. बकनर भी खीझ चुके थे. उन्होंने फैसला किया कि मैच अंधेरे में होगा. इंग्लैंड के बैट्समेन अंधेरे में मैच खेल रहे थे. मोईन खान ने खुद लाइट की अपील की मगर बकनर ने सुनने से भी इनकार कर दिया. इंग्लैंड ने ही आखिर में मैच जीता.
4. शाहिद अफ़रीदी और पिच पर डांस 2005
फैसलाबाद टेस्ट. मैच के दूसरे दिन स्टैंड्स के एक भीड़ भरे इलाके में कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का एक सिलिंडर फट गया. बैटिंग कर रहे मार्कस ट्रेस्कोथिक बताते हैं कि उन्हें ऐसा लगा जैसे कुछ बहुत सीरियस हो गया है. क्यूंकि मैच के दौरान आप ऐसी चीज़ें नहीं सोच रहे होते हो. ट्रेस्कोथिक तुरंत ही पवेलियन की तरफ भाग पड़े थे. सभी प्लेयर्स पवेलियन के रस्ते में जाकर ही खड़े हो गए. सिक्योरिटी के बीच. इसी बीच मौका देख शाहिद अफ़रीदी पिच पर पहुंचे और पिच पर अपना बॉलिंग ऐक्शन करने लगे. पिच के बीचो-बीच. उस जगह जहां स्पिनरों की गेंद गिरती है. दरअसल वो पिच को खुरदुरा कर स्पिनरों की मदद करने लायक बनाना चाह रहे थे. उनका ये 'डांस' कैमरे में कैद हो गया. अफ़रीदी को एक टेस्ट और दो वन-डे मैचों के लिए बैन कर दिया गया.
5. डेरेल हेयर वर्सेज़ पाकिस्तान 2006
कहते हैं कि न्यूट्रल अम्पायरिंग, मैचों में बिना चीटिंग अम्पायरिंग का एक सोल्यूशन है. डेरेल हेयर ने पाकिस्तान पर बॉल टेम्परिंग का आरोप लगाया. उस वक़्त टीम के कप्तान थे इंज़माम-उल-हक़. उन पर ये आरोप लगा मैच के चौथे दिन. और उसी दिन टी-ब्रेक के बाद पाकिस्तानी टीम ने फ़ील्ड पर वापस आने से इनकार कर दिया. डेरेल हेयर और बिली डॉक्ट्रोव ने इंग्लैंड को जीता घोषित कर दिया. 1814 टेस्ट मैचों के इतिहास में पहली बार किसी टीम ने मैदान पर उतरने से इनकार कर दिया था. क्रिकेट जगत में हल्ला कट गया. बाद में जांच चली और पाकिस्तान को बॉल टेम्परिंग के आरोप से बरी कर दिया गया. डेरेल हेयर ने इस्तीफ़े की पेशकश की लेकिन बदले में 5 लाख डॉलर का कम्पेंसेशन मांगा. उन्हें टेस्ट मैचों में अम्पायरिंग करने से बैन कर दिया गया.
6 महीने जेल, 5 साल के क्रिकेट बैन के बाद वापस आया. क्रिकेट के मैदान पर. और सिर्फ़ पाकिस्तान के इतिहास में ही नहीं, वर्ल्ड क्रिकेट के इतिहास में सबसे जानदार कमबैक को हम सब ने देखा. एशिया कप 2016 के 4 मैचों में 7 विकेट लेकर कमाल की स्विंग बॉलिंग करते हुए मोहम्मद आमिर पश्चाताप की हर संभव कोशिश करता हुआ दिख रहा था. उसकी गेंद में वही पैनापन था. लेकिन अन्दर ही अन्दर डर भी था. जिसे टी-20 वर्ल्ड कप में उसने किनारे कर ही दिया.
अब वो आमिर फिर से वहीं पहुंच रहा है. इंग्लैंड. वो ज़मीन जिसने उसे दूसरा जन्म लेने पर मजबूर कर दिया था. वजह? उसके खुद के कर्म. एक सर्किल सा पूरा होता दिख रहा है. आमिर के फ़िक्सिंग स्कैंडल के बाद ये पहला मौका है जब पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड में खेलने जा रही है. सब कुछ एक सपने जैसा. पिछली सीरीज़ के ख़तम होने पर जिसे जेल हुई थी, अगली सीरीज़ में खेल रहा होगा. इंग्लैंड की टीम पूरी तैयारी से उस पर चढ़ाई करने को बेताब है.

वापस उसी पवेलियन में आमिर
इंग्लैंड में खेले 6 मैचों में 30 विकेट लेने वाला मोहम्मद आमिर आज एक क्लीन स्लेट के साथ खेलने को बेताब होगा. साथ ही तैयार होगी पाकिस्तानी टीम. अपने इस तेज़ गेंदबाज को बैक करने के लिए. उनके लिए ये ज़रूरी होगा कि हर वक़्त आमिर के चारों ओर एक गोल घेरा बनाये रक्खें. जिससे उस के इर्द-गिर्द होने वाले शोर को उस तक पहुंचने से पहले ही रोका जा सके. आमिर के लिए ये कतई ज़रूरी है.
अगर हम कभी इतिहास में झांकें, तो साफ़ पायेंगे कि पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सब कुछ हमेशा अच्छा ही नहीं रहा है. असल में ज़्यादातर कुछ अच्छा नहीं रहा है. चीज़ें गड़बड़ हुई हैं. दोनों ओर से. हर सीरीज़ का एक किस्सा है. यहां हैं कुछ बड़े किस्से जिनके बिना इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट की बात करना बेईमानी होगी. 1. कप्तान माइक गैटिंग वर्सेज़ अम्पायर शकूर राणा 1987 फैसलाबाद टेस्ट. दोनों ही देशों के बीच के सम्बन्ध उतने खुशहाल नहीं चल रहे थे. साथ ही पिछली सीरीज़ में अम्पायर शकील खान की घटिया अम्पायरिंग के चलते दोनों टीमों के बीच खासा तनाव था. फैसलाबाद टेस्ट का दूसरा दिन अपने अंत की ओर बढ़ रहा था. पाकिस्तान 106 पर 5 विकेट खोकर जूझ रहा था और इंग्लैंड ड्राइविंग सीट में था. माइक गैटिंग दिन के अंत में कैसे भी एक एक्स्ट्रा ओवर फिंकवाना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने स्पिनर एडी हमिंग्स को अटैक पर भेजा. नॉन-स्ट्राइकिंग एंड पर थे सलीम मलिक. गैटिंग ने सलीम को इशारा किया कि वो डेविड केपल को लॉन्ग लेग से ऊपर ला रहे थे. जैसे ही हेमिंग्स गेंद फेंकने को बढ़े, गैटिंग ने केपल को इशारा किया कि वो जहां हैं वहीं रुक जायें क्यूंकि वो बहुत ऊपर आ गए थे. इस वाकये को देखा लेग अम्पायर शकूर राणा ने. वो चीख पड़े, "स्टॉप! स्टॉप!" हेमिंग्स ने गेंद फेंक दी लेकिन अम्पायर खिज़र खान ने डेड बॉल डिक्लेयर कर दी.
गैटिंग तुरंत राणा के पास पहुंचे. वो खीज चुके थे. बल्लेबाज भी कन्फ्यूज्ड थे. क्यूंकि न ही गैटिंग और न ही केपल उन्हें दिखाई दे रहे थे. वो तो बॉलर को देख रहे थे. गैटिंग ने अम्पायर से मामला पूछा तो शकूर राणा ने कहा "तुम अपना हाथ फील्डर की ओर हिला रहे हो. ये चीटिंग है." गैटिंग ने उन्हें समझाया कि वो फील्डर की पोज़ीशन नहीं बदल रहे थे. बल्कि उसे वहीं रुकने को बोल रहे थे. और इसके बारे में वो पहले ही सलीम मलिक को बता चुके थे. गैटिंग को ओवर जल्दी खतम करना था. उन्होंने तुरंत शकूर राणा को स्क्वायर लेग पर जाकर अम्पायरिंग करने को कहा. जिससे गेम आगे बढ़ सके. राणा अपनी पोज़ीशन पर जाने लगे लेकिन जाते जाते उन्होंने कहा, "You are a fucking cheat."
गैटिंग दिन खतम होने से पहले ओवर करवाने की जल्दी में थे. उन्हें देर नहीं करनी थी. वो अपनी जगह पर वापस जा रहे थे. प्लेयर्स को वापस भेज रहे थे. उन्होंने शकूर राणा की चीटर कहे जाने की बात भी लगभग इग्नोर कर ही दी. लेकिन तभी वो भड़क उठे. वो अम्पायरिंग के ग़लत फ़ैसलों से काफी नाखुश थे. पर उन्हें सबसे ज़्यादा जिस बात ने भड़काया, वो था शकूर के कोट के नीचे उनका स्वेटर. शकूर राणा ने पाकिस्तान का स्वेटर पहन रक्खा था. वापस जाते गैटिंग अचानक शकूर राणा की ओर तेज़ी से चल पहुंचे. दोनों गली में लड़ते दो सांड़ों जैसे सींग से सींग टकरा एक दूसरे को उंगलियां दिखाते हुए लड़ रहे थे. जब तक प्लेयर्स समझ पाते, काफ़ी चिल्लम-चिल्ली मच चुकी थी. गैटिंग को किसी तरह बिल ऐथी ने पीछे किया. मामला जो कुछ भी हो, गैटिंग 'खतरे' में थे.
दिन खतम होने के बाद शकूर राणा ने बताया "गैटिंग ने बैट्समैन के पीछे फील्डर को मूव किया. जो नियमों के खिलाफ़ है. मैंने डेड बॉल डिक्लेयर की तो उसने मुझे गालियां दीं. ये गेम की स्पिरिट के खिलाफ़ है. गैटिंग ने मुझसे ये भी कहा कि क्रिकेट में नियम उन लोगों ने बनाये हैं."
शाम को शकूर ने मैच में अम्पायरिंग न करने की धमकी दे दी. लेकिन जब इंग्लैंड टीम अगली सुबह मैदान में पहुंची तो शकूर राणा गायब थे. वो अम्पायरिंग नहीं करना चाहते थे. मैनेजमेंट ने दोनों से बात की. बहुत मान-मुनौव्वल के बाद दोनों अपने-अपने काम के लिए तैयार हुए. लेकिन दोनों की अपनी अपनी शर्तें थीं. राणा, गैटिंग से लिखित माफ़ी चाहते थे. गैटिंग, राणा से माफ़ी चाहते थे.
अंत में काफी बातचीत और दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड्स की माथापच्ची के बाद माइक गैटिंग ने शकूर राणा से लिखित माफ़ी मांगी.
"मुझे गैटिंग की लिखित माफ़ी पर गर्व है. मैं आज भी उसे अपने तकिये के नीचे रख कर सोता हूं." शकूर राणा ने सालों बाद ये बात कही थी.
https://www.youtube.com/watch?v=iXhT6P_GHWA
2. आक़िब जावेद का स्वेटर 1992 ऐसा सिर्फ पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच ही हो सकता था कि लड़ाई की वजह स्वेटर बन जाये. अंपायर रॉय पामर ने आक़िब जावेद को बॉडी पर बॉलिंग करते रहने के लिए वॉर्न किया. बैटिंग कर रहे थे डेवन मैल्कम. ओवर खतम होने के बाद जब पामर ने आक़िब को उनका स्वेटर वापस किया तो एक झटके के साथ. ऐसा लगा जैसे वो उनके स्वेटर को फेंकना चाहते हों. इस बात को आक़िब ने ज़्यादा ही दिल पे ले लिया. साथ ही कप्तान मियांदाद भी आ गए. उन्हें अम्पायर का ये तरीका काफी बदतमीज़ी भरा लगा. मैच ख़तम होने के बाद आक़िब जावेद को उनकी आधी मैच फ़ीस का जुर्माना लगा. बाद में अम्पायर ने कहा कि उन्होंने आक़िब का स्वेटर झटके से इसलिए दिया क्यूंकि वो उनकी बेल्ट में फंस गया था.
3. मोईन खान की कप्तानी और अंधेरे में खेला गया मैच 2000

मोईन खान कराची में टेस्ट हारने वाले पहले पाकिस्तानी कप्तान बनने वाले थे. 39 साल बाद पहली बार पाकिस्तान अपनी ज़मीन पर इंग्लैंड से सीरीज़ हारने वाला था. ये सब कुछ मोईन खान के लिए काफ़ी भारी पड़ रहा था. मोईन खान ने ओवर रेट को इतना धीमा कर दिया कि एक घंटे में 9 ओवरों का ऐवरेज आने लगा. वो अपने फील्डर्स से ज़्यादा देर तक बात करने लगे. उन्हें ज़्यादा इंस्ट्रक्शन देने लगे. मैदान में दौड़-दौड़ कर प्लेयर्स से बात कर रहे थे. टी-ब्रेक में मैच रेफ़री रंजन मदुगले ने उन्हें बुलाकर इसके बारे में बात भी की. लेकिन मोईन किसी भी हालत में मैच को डिले करवाने पे तुले हुए थे. अम्पायर स्टीव बकनर ने एक मौके पर अपनी घड़ी की ओर इशारा करते हुए उन्हें निकलते हुए टाइम के बारे में बताया. इस मौके पर मोईन खान खुद चलकर बकनर के पास पहुंचे और उनसे बहस करते हुए टाइम पास करने लगे. बकनर भी खीझ चुके थे. उन्होंने फैसला किया कि मैच अंधेरे में होगा. इंग्लैंड के बैट्समेन अंधेरे में मैच खेल रहे थे. मोईन खान ने खुद लाइट की अपील की मगर बकनर ने सुनने से भी इनकार कर दिया. इंग्लैंड ने ही आखिर में मैच जीता.
4. शाहिद अफ़रीदी और पिच पर डांस 2005

फैसलाबाद टेस्ट. मैच के दूसरे दिन स्टैंड्स के एक भीड़ भरे इलाके में कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का एक सिलिंडर फट गया. बैटिंग कर रहे मार्कस ट्रेस्कोथिक बताते हैं कि उन्हें ऐसा लगा जैसे कुछ बहुत सीरियस हो गया है. क्यूंकि मैच के दौरान आप ऐसी चीज़ें नहीं सोच रहे होते हो. ट्रेस्कोथिक तुरंत ही पवेलियन की तरफ भाग पड़े थे. सभी प्लेयर्स पवेलियन के रस्ते में जाकर ही खड़े हो गए. सिक्योरिटी के बीच. इसी बीच मौका देख शाहिद अफ़रीदी पिच पर पहुंचे और पिच पर अपना बॉलिंग ऐक्शन करने लगे. पिच के बीचो-बीच. उस जगह जहां स्पिनरों की गेंद गिरती है. दरअसल वो पिच को खुरदुरा कर स्पिनरों की मदद करने लायक बनाना चाह रहे थे. उनका ये 'डांस' कैमरे में कैद हो गया. अफ़रीदी को एक टेस्ट और दो वन-डे मैचों के लिए बैन कर दिया गया.
5. डेरेल हेयर वर्सेज़ पाकिस्तान 2006

कहते हैं कि न्यूट्रल अम्पायरिंग, मैचों में बिना चीटिंग अम्पायरिंग का एक सोल्यूशन है. डेरेल हेयर ने पाकिस्तान पर बॉल टेम्परिंग का आरोप लगाया. उस वक़्त टीम के कप्तान थे इंज़माम-उल-हक़. उन पर ये आरोप लगा मैच के चौथे दिन. और उसी दिन टी-ब्रेक के बाद पाकिस्तानी टीम ने फ़ील्ड पर वापस आने से इनकार कर दिया. डेरेल हेयर और बिली डॉक्ट्रोव ने इंग्लैंड को जीता घोषित कर दिया. 1814 टेस्ट मैचों के इतिहास में पहली बार किसी टीम ने मैदान पर उतरने से इनकार कर दिया था. क्रिकेट जगत में हल्ला कट गया. बाद में जांच चली और पाकिस्तान को बॉल टेम्परिंग के आरोप से बरी कर दिया गया. डेरेल हेयर ने इस्तीफ़े की पेशकश की लेकिन बदले में 5 लाख डॉलर का कम्पेंसेशन मांगा. उन्हें टेस्ट मैचों में अम्पायरिंग करने से बैन कर दिया गया.

