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ग्लेन मैक्ग्रा की मदद से रणजी में टीम इंडिया के बल्लेबाज़ों को आउट कर रहा है ये गेंदबाज़

इस उभरते गेंदबाज़ में धोनी-सहवाग जैसी समानताएं हैं.

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2 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 2 जनवरी 2020, 12:02 PM IST)
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तेज़ गेंदबाज़ हिमांशु सांगवान और दिग्गज ग्लेन मैक्ग्रा. फोटो: Mcgrath and Himanshu FB
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हिमांशू सांगवान. अपने तीसरे ही फर्स्ट क्लास मैच में पांच विकेट चटकार पहचान बना चुके हैं. रणजी ट्रॉफी में रेलवे की टीम में खेलते हैं. मुंबई के खिलाफ मैच में इन्होंने अजिंक्य रहाणे और पृथ्वी शॉ जैसे खिलाड़ियों क पवेलियन भेज दिया. सभी टीम की जीत का क्रेडिट उन्हें दे रहे हैं. मैच के बाद हिमांशु ने बताया कि गेंदबाज़ी की सबसे बड़ी अकेडमी से उन्हें बोलिंग के टिप्स मिले. यानी दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ ग्लेन मैक्ग्रा ने बोलिंग सुधारने में उनकी मदद की है.
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में हिमांशु ने बताया कि किस तरह से MRF पेस फाउंडेशन में मैक्ग्रा की सिखाई चीज़ों की मदद से वो आगे बढ़े.
हिमांशु ने कहा,
''मैं ऑस्ट्रेलियाई लेजेंड ग्लेन मैक्ग्रा को अपना आदर्श मानता हूं, उन्हीं से मुझे ऐसी गेंदबाज़ी करने की प्रेरणा मिलती है. मार्च, 2019 में MRF पेस फाउंडेशन में मैक्ग्रा से मुझे बहुत सीखने को मिला. उन्होंने मेरे खेल में सुधार के लिए मेरी गेंदबाज़ी के वीडियो देखे और मुझे बताया कि किन क्षेत्रों में मुझे सुधार की ज़रूरत है. उन्होंने मुझे सिर्फ एक चीज़ बताई कि तुम जब भी परेशानी में हो तो सिर्फ अपने बेसिक्स पर ध्यान देना.''
मैक्ग्रा ने पेस फाउंडेशन वाली ट्रेनिंग में हिमांशु के लिए नोट्स भी तैयार किए. 24 साल के इस तेज़ गेंदबाज़ ने कहा,
''मैंने उनकी निगरानी में गेंदबाज़ी की, उन्होंने लगातार मुझे गेंदबाज़ी करते देखा और मेरी कमियों पर नोट्स भी तैयार किए. हर सत्र के बाद उन्होंने मेरी गेंदबाज़ी को लेकर मुझे प्रेरित भी किया. साथ ही मुझे तकनीकी चीज़ें समझाईं. उस दौरान उनकी सिखाई गई चीजों से ही मुझे अब रणजी ट्रॉफी मुकाबले में फायदा हो रहा है.''
Ajinkya Rahane
भारतीय टेस्ट टीम के उप-कप्तान अजिंक्ये रहाणे की फाइल तस्वीर. फोटो: India Today

मुंबई और रेलवे के इस एलिट ग्रुप मुकाबले को रेलवे ने 10 विकेट से जीता. मुंबई की दूसरी पारी में हिमांशु ने 5 विकेट चटकाए और मैच को एकतरफा कर दिया. दूसरी पारी में सबसे अहम रहे पृथ्वी शॉ और अजिंक्ये रहाणे के विकेट. जबकि पहली पारी के उनके एक विकेट को मिलाकर उन्होंने कुल 6 विकेट चटकाए. हिमांशु ने ये भी बताया कि इस मैच में रहाणे और पृथ्वी के लिए उन्होंने खास तैयारी की थी. हिमांशु कहते हैं.
''मैं जानता था कि पृथ्वी एक आक्रामक बल्लेबाज़ है और वो अटैक करके ही खेलेगा. इसलिए मुझे पैनिक नहीं करना था. मुझे सिर्फ अपने चुने हुए एरिया में स्पीड बदलकर गेंदबाज़ी करनी थी. ये रणनीति पृथ्वी के खिलाफ काम कर गई. वहीं, रहाणे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाज़ हैं. टीम इंडिया के उप-कप्तान भी हैं. इसलिए मैं उन्हें सिर्फ सही एरिया में गेंदबाज़ी करना चाहता था. जिससे की वो ऑफ स्टम्प के बाहर खेलें. हुआ भी ऐसा ही, मैंने उन्हें आउट कर दिया. मेरे पास रहाणे और पृथ्वी दोनों के लिए प्लान था.''
हिमांशु में भारतीय टीम के दो दिग्गज खिलाड़ियों से जुड़ी समानताएं भी हैं. पहले तो ये कि ये पेसर दिल्ली के नजफगढ़ इलाके सा आता है. वही नजफगढ़ जहां से टीम इंडिया के नवाब वीरेंद्र सहवाग आते हैं. और दूसरा ये कि ये गेंदबाज़ भारतीय रेल में टिकल कलेक्टर का काम करते हैं. भारतीय रेल और टिकट कलेक्टर नाम सुनते ही ज़हन में भारतीय टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का नाम आता है.


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