कैम्ब्रिज से रिसर्च और पियानो बजाने वाला लड़का भारत के खिलाफ़ पहले टेस्ट में उतरेगा
24 साल का ज़फ़र अंसारी.
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फोटो - thelallantop
अभी तक जो कुछ भी कहा जाता था वो डिविलियर्स के बारे में कहा जाता था. उनके बारे में कई ऐसे सच फैले हुए थे जिसे उन्हें झूठा क़रार देना पड़ा. अपनी आत्मकथा में. उन्हें बताना पड़ा कि वो न ही बैडमिन्टन प्लेयर हैं, न ही हॉकी प्लेयर हैं और न ही साइंस के लिए उन्हें कोई अवॉर्ड मिला है. इसके साथ ही उन तमाम अफवाहों को अफवाह क़रार दिया. मगर अब एक प्लेयर ऐसा है, जो इतना सब कुछ तो नहीं मगर कुछ ठीक-ठाक करके क्रिकेट खेल रहा है.
इंग्लैंड की टीम से हाल ही में टेस्ट डेब्यू करने वाला ज़फ़र अंसारी. 24 साल का अंसारी बांग्लादेश के खिलाफ़ अपना पहला मैच खेल चुका है. इंग्लिश डोमेस्टिक क्रिकेट में ज़फ़र अंसारी सरे टीम का हिस्सा रहा है. खिज़ार हुमायूं अंसारी और सारा का बेटा ज़फ़र अंसारी कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट रहा है. बांग्लादेश टूर पर आने से पहले 40 हज़ार शब्दों की रिसर्च जमा की है. इस रिसर्च का टॉपिक था - "The origins of African-American armed self-defense and its relationship with the Black Power movement in the 1960s" इतना गहरा टॉपिक कि खुद इतिहासविद भी दो मिनट सोचें. ये सब कुछ क्रिकेट के खेल के साथ मैनेज करते हुए.
और सिर्फ पढ़ाई ही नहीं. ज़फ़र कंसर्ट्स में पियानो भी बजाते हैं. और इन सभी के साथ वो क्रिकेट में नए रिकॉर्ड्स भी बना रहे हैं. पिछले 13 सालों में वो पहले कैम्ब्रिज से जुड़े व्यक्ति हैं जो इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेल सका है.
ज़फ़र अंसारी के पापा को ये डर लगता था कि कहीं उनका बेटा बस एक आम इंसान न बना रह जाये. मगर अब वो उसे एक नॉर्मल लड़का ही मानते हैं. बताते हैं कि ज़फ़र खुद को कोई बहुत बड़ी तोप नहीं समझता. उसका लाइफ को लेकर काफी बैलेंस्ड अप्रोच है. उसकी लाइफ सिर्फ क्रिकेट या उनकी पढ़ाई लिखाई के इर्द-गिर्द नहीं घूमती.
ज़फर के परिवार का बैकग्राउंड भी पढ़ाई-लिखाई वाला है. ज़फर के पापा लन्दन यूनिवर्सिटी में इस्लाम और कल्चरल डाइवर्सिटी के प्रोफेसर हैं. ज़फर की मां सारा इस डिपार्टमेंट की हेड हैं.
अंसारी आगे कहते हैं कि जब हम डिनर टेबल पर इकट्ठे होते हैं तो बहुत सी चीजों पर चर्चा करते हैं. लाइफ और अर्थ पर बनी डेविड अटेनबरो की डॉक्यूमेंट्री से लेकर कॉस्टयूम ड्रामा सीरीज विक्टोरिया तक. नए-नए विचारों, इतिहास, हेरिटेज से लेकर जेम्स बॉन्ड की हल्की-फुल्की बातें भी होती हैं.
अंसारी ने कहा कि ज़फर की स्पिन बॉलिंग उसकी पर्सनालिटी को सूट करती है. जब आप स्पिन बॉल का सामना करते हैं और उसका इंतज़ार करते हैं तब आपको इसके बारे में सोचना पड़ता है. स्पिन का रिलेशन सोचने की प्रक्रिया से है.
13 साल पहले कैम्ब्रिज से जुड़े एडम स्मिथ ने इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेला था. मुरली कार्तिक ने उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर किया था और मुरली कार्तिक ने ज़फर को भी स्पिन के बारे में टिप्स दिए हैं. वो कहते हैं ''ज़फर बहुत शांत लड़का है. उससे बात करके आप हैरान होंगे कि वो कितना इंटेलिजेंट है."
ज़फर के बड़े भाई अकबर भी कैम्ब्रिज से हैं. उन्होंने भी कुछ दिनों तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला. इस समय इंग्लैंड की टीम में तीन स्पिनर हैं जो मूल रूप से पाकिस्तान से आते हैं. ज़फर और उसके भाई भारत-पाकिस्तान घूमने आते रहे हैं. इससे पहले ज़फर जब भारत आए थे तो दिल्ली, आगरा, जयपुर घूमे थे.
ज़फर के पापा का मानना है कैम्ब्रिज से होना एक स्पेशल बात है लेकिन हमारे परिवार में कोई भी इंग्लैंड की टीम से नहीं खेल सका. ज़फ़र का इंग्लिश टीम में क्रिकेट खेलना उनके लिए गर्व की बात है.

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