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क्रिकेटर बनना किस्मत का खेल था! गुरनूर बरार ने खुद बताया कैसे बन गए इत्तेफ़ाक से पेसर

गुरनूर बरार (Gurnoor Brar) ने अपने डेब्यू ODI में अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार ब़ॉलिंग की थी. उनकी पेस कमाल की थी. इस मैच में उन्होंने 27 रन देकर 3 विकेट लिए थे.

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16 जून 2026 (अपडेटेड: 16 जून 2026, 01:26 PM IST)
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गुरनूर बरार अपने डेब्यू ODI में 3 विकेट लिए थे. (फोटो-PTI)
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गुरनूर बरार (Gurnoor Brar) अपने डेब्यू के साथ ही खबरों में हैं. टीम इंडिया (Team India) के उभरते हुए पेसर ने पहले मैच में अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है. 13 जून को अफगानिस्तान के खिलाफ धर्मशाला में ODI डेब्यू किया. पहले ही मैच में बैटर्स को स्पीड से चौंकाया. करियर की चौथी ही गेंद 148kph की स्पीड से डाली. अपने डेब्यू ODI में गुरनूर ने शानदार बॉलिंग करते हुए 3 विकेट लिए.

6 फुट 5 इंच लंबे गुरनूर बरार के पास एक पेसर की सारी खूबियां हैं. लगातार 140+ की स्पीड से बॉलिंग करना, उनके तेज-तर्रार बाउंसर और कंसिस्टेंट एक्युरेसी उन्हें बेहतरीन पेसर बनाती हैं. गुरनूर बरार के तेज बॉलर बनने की कहानी दिलचस्प है.

क्रिकेट नहीं था फेवरेट गेम

गुरनूर बरार का क्रिकेट फेवरेट गेम नहीं था. स्कूल के दिनों में वह बास्केटबॉल, फुटबॉल और टेनिस खेलते थे. पिता चाहते थे कि उनका बेटा बास्केटबॉल प्लेयर बने. गुरनूर ने बास्केटबॉल की ट्रेनिंग भी की. लेकिन, उन्हें यह खेल जचा नहीं. जिन दिनों वह बास्केटबॉल की ट्रेनिंग करते थे, तो शाम को घर लौटकर टेनिस बॉल से क्रिकेट भी खेलते थे.

कुछ दिन पहले गुरनूर ने ESPN क्रिकइंफो को बताया था,

मेरी उम्र 16 या 17 साल रही होगी, जब मैंने लेदर बॉल से प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना शुरू किया. 2016 में मैं दसवीं का स्टूडेंट था. मेरे दोस्त सचिन बख्शी ने मुझे बताया कि डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट खेलने के लिए स्कूल से एक महीने की छुट्टी मिलेगी. मैंने सोचा मुझे और क्या चाहिए. स्कूल से छुट्टी और क्रिकेट खेलना. शुरुआत में मजे लेने के लिए क्रिकेट खेलने गया था.

2020 में क्रिकेट एकेडमी पहुंचे

गुरनूर बरार शुरुआत से ही पेसर बनना चाहते थे. हाल ही में उन्होंने क्रिकबज को बताया था,

हम घर के पास टेनिस बॉल से खेलते थे. मैं स्पिन बॉलिंग नहीं करना चाहता था. क्योंकि, मेरा माइंडसेट था कि तेज डालूंगा तो ही बचूंगा. इसलिए मैं तेज बॉलिंग करता था, जिससे मुझे कोई हिट न कर सके.

साल 2020 में गुरनूर बरार कोच वरिंदर सिंह के पास गए, और मोहाली में उनकी देखरेख में लॉन्चिंग पैड क्रिकेट एकेडमी में प्रैक्टिस करने लगे.

वरिंदर सिंह ने TOI को बताया,

गुरनूर करीब 22 साल  के थे जब वह मेरे पास आए. उन्होंने स्टेट लेवल पर जूनियर क्रिकेट नहीं खेली. वह बस आगे बढ़ना चाहते थे. हम लॉकडाउन में चुपके से प्रैक्टिस करते थे. उस समय वह 135 kph की स्पीड से गेंद फेंकते थे.

2022 में स्ट्रेस फ्रैक्चर हुआ

साल 2022 में गुरनूर बरार शेरे-पंजाब T20 लीग में खेल रहे थे. इस दौरान उन्हें स्ट्रेस फ्रैक्चर हुआ. पीठ में इंजरी के चलते गुरनूर  2023-2024 डोमेस्टिक सीजन से बाहर हो गए.

कोच ने एक्शन बदला

इंजरी के बाद जब गुरनूर ने वापसी की. उन्हें फिर से तेज बॉलिंग करने के लिए खुद को तैयार करना था.  कोच वरिंदर सिंह के मुताबिक, मुझे लगा कि गुरनूर को अपनी पेस बढ़ाने और बॉल को स्विंग कराने के लिए एक्शन बदलने की जरूरत है. पहले वह स्विंग नहीं करा पाते थे.

वरिंदर सिंह के मुताबिक,

कोई बॉलर जब 22 साल की उम्र में सीनियर लेवल पर खेल रहा हो, तो उसका एक्शन बदलना आसान नहीं है. लेकिन, गुरनूर एक्शन बदलने के लिए राजी हो गए. उन्हें हाई लेवल पर क्रिकेट खेलना था.

इसके बाद, गुरनूर ने डोमेस्टिक सीजन से पहले 3 महीने तक जमकर प्रैक्टिस की. वह 145 kph की स्पीड से बॉलिंग करने लगे. कोच वरिंदर सिंह का मानना है कि गुरनूर 150 kph की स्पीड से बॉलिंग कर सकते हैं.

शेर-ए-पंजाब T20 के लिए झटके 22 विकेट

गुरनूर ने साल 2024 में शेर-ए-पंजाब T20 कप में धमाल मचा दिया. उन्होंने अपनी टीम ट्राइडेंट स्टैलियंस  के लिए 22 विकेट लिए. उनकी इस दमदार परफॉर्मेंस के चलते टीम फाइनल में पहुंची.

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गुरनूर यहीं नहीं रुके. उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2024-2025 में पंजाब के लिए सबसे ज्यादा 26 विकेट लिए. उन्होंने ये 26 विकेट 7 मैचों में लिए थे. उन्होंने 2025-2026 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी अपनी बॉलिंग से जलवा दिखाया. गुरनूर ने 6 मैचों में 10 विकेट लिए.  

गुजरात टाइटंस ने खरीदा

डोमेस्टिक क्रिकेट में शानदार परफॉर्मेंस करने बाद, गुरनूर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उनकी पेस से सभी इम्प्रेस्ड हुए. IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में गुरनूर को खरीदने के लिए GT और  CSK के बीच बिडिंग वॉर भी दिखा. बाद में, गुजरात ने गुरनूर को 1 करोड़ 30 लाख रूपये में खरीदा लिया.

टेस्ट में मौका नहीं मिला

19 मई को अफगानिस्तान के खिलाफ क्रिकेट सीरीज के लिए टीम इंडिया की घोषणा हुई. गुरनूर बरार को टेस्ट और वनडे टीम में चुना गया. न्यू चंड़ीगढ़ टेस्ट में गुरनूर को प्लेइंग XI में मौका नहीं मिला.

गुरनूर ने 13 जून को अफगानिस्तान के खिलाफ ODI डेब्यू किया. उन्होंने पहले ओवर में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए बैटर्स को रूम नहीं दिया. इसके बाद, ओवर की 5वीं गेंद पर इब्राहिम जादरान को अपनी पेस में फंसा लिया.

गुरनूर ने लेंथ बॉल डाली. इब्राहिम ने इस गेंद पर ड्राइव लगाने की कोशिश की. गेंद ने बैट का लीडिंग एज लिया और हवा में उठ गई. मिड ऑफ पर शुभमन गिल ने आसान कैच लपक लिया. इस तरह गुरनूर बरार को अपने डेब्यू मैच के पहले ही ओवर में विकेट मिल गया. गुरनूर यहीं नहीं रुके. उन्होंने पारी के अंतिम ओवर में राशिद खान और जियाउर रहमान को आउट किया. अपने डेब्यू ODI में 4.5 ओवर्स में 27 रन देकर 3 विकेट लिए. 

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