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T20 World Cup से पहले कब-कब और किन टीमों ने विश्व कप का बहिष्कार किया?

यह पहला मामला नहीं है जब किसी देश की सरकार के फैसले के बाद वहां क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी टूर्नामेंट या उसके मैच को बायकॉट करने का फैसला किया है. पहले भी अलग-अलग कारणों से ऐसा हो चुका है.

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बांग्लादेश ने पूरे टूर्नामेंट का वहीं पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच का बायकॉट किया है. (Photo-PTI)
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रिया कसाना
2 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 2 फ़रवरी 2026, 08:20 PM IST)
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भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हो रहा टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) शुरू होने से पहले ही विवादों में है. बांग्लादेश ने टूर्नामेंट के लिए भारत आने से इनकार दिया और ICC ने उन्हें रिप्लेस कर दिया. इस फैसले का विरोध करने के लिए पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला किया. इस पूरे मामले ने काफी विवाद खड़ा कर दिया है. 

हालांकि यह पहला मामला नहीं है जब किसी देश की सरकार के फैसले के बाद वहां क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी टूर्नामेंट या उसके मैच को बायकॉट करने का फैसला किया है. पहले भी अलग-अलग कारणों से ऐसा हो चुका है.

1996 वर्ल्ड कप 

1996 का वर्ल्ड कप भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका में आयोजित हुआ था. ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज को अपना एक-एक मैच श्रीलंका में खेलना था. हालांकि दोनों टीमें श्रीलंका नहीं गईं.

उस समय श्रीलंका में उग्रवादी संगठन LTTE का खौफ था. वर्ल्ड कप से दो हफ्ते पहले ही श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में उन्होंने एक बम धमाका किया था. इसमें कई लोगों की जान गई थी. इसके चलते ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में अपने मुकाबलों का बहिष्कार कर दिया था.

इतने कम समय में मैच शिफ्ट नहीं हो सकते थे. ऐसे में श्रीलंका को अंक दिए गए. यह वर्ल्ड कप भी आखिरकार श्रीलंका ने ही जीता था.

2003 वर्ल्ड कप 

साल 2003 में हुआ वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या में खेला गया था. इंग्लैंड को पहला मैच हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलना था. हालांकि टीम ने हरारे ट्रेवल करने से इनकार कर दिया था. उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी. इसका कारण यूके की सरकार ही थी. उसने जिम्बाब्वे के तत्कालीन राष्ट्रपति रोबार्ट मुगाबे के खिलाफ टिप्पणियां की थीं. इसी वजह से अंग्रेज खिलाड़ियों को धमकी मिली थी.

न्यूजीलैंड की सरकार ने भी अपने खिलाड़ियों को केन्या भेजने से इनकार कर दिया था. उन्होंने भी वहां सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था. दोनों देशों ने मैच साउथ अफ्रीका शिफ्ट करने की अपील की. हालांकि ऐसा नहीं हुआ और इन मैचों के अंक जिम्बाब्वे और केन्या को दिए गए.

1982 महिला वर्ल्ड कप

1982 का महिला वर्ल्ड कप न्यूजीलैंड में खेला गया था. इस टूर्नामेंट में 6 टीमों को हिस्सा लेना था. हालांकि वेस्टइंडीज ने वर्ल्ड कप से नाम वापस ले लिया था. उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना विरोध दिखाने के लिए ऐसा किया था. वेस्टइंडीज इस बात से नाराज था कि साल 1981 में न्यूजीलैंड ने apartheid era (रंगभेद के युग) में साउथ अफ्रीका की रग्बी टीम की मेजबानी की थी. नीदरलैंड्स की टीम भी किसी अन्य कारण की वजह से टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाई.

दोनों टीमों की जगह एक इंटरनेशनल इलेवन टीम बनाई गई थी. इस टीम में ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और नीदरलैंड्स के खिलाड़ी शामिल था.

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान की हरकत पर गावस्कर की बात ICC को मान लेनी चाहिए! 

2016 अंडर19 वर्ल्ड कप

साल 2015 में बांग्लादेश की राजधानी में एक इटेलियन चैरिटी कार्यकर्ता को गोली मार दी गई थी. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपनी सीनियर मेंस टीम का दौरा रद्द किया. वहीं अगले साल होने वाले अंडर19 वर्ल्ड कप के लिए सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम को नहीं भेजा.  

हालांकि खास बात यह है कि इन सभी देशों ने यह कदम अपने खिलाड़ियों के लिए लिया. ऐसे में किसी पर भी कोई सैंक्शन नहीं लगा. हालांकि इस वक्त पाकिस्तान जो कर रहा है वह बांग्लादेश को अपना समर्थन दिखाने के लिए है.

वीडियो: T20 World Cup 2026: पाकिस्तान की शर्त पर सुनील गावस्कर ने ICC को क्या सलाह दी?

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