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30 बॉल पर 30 रन, हार लगभग निश्चित थी, फिर कैसे जीता भारत ये वर्ल्ड कप?

भारत की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए दक्षिण अफ़्रीका के सामने 177 रनों का लक्ष्य रखा था.15 ओवर के बाद दक्षिण अफ़्रीका का स्कोर 147 रन था. उसे जीतने के लिए 30 गेंदों में 30 रनों की ज़रूरत थी. उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही थी. लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने यहां से हारी हुई बाजी को जीत में बदल दिया.

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भारतीय टीम ने रोमांचक मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 7 रनों से हराया. (एक्स)
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आनंद कुमार
7 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 02:42 PM IST)
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स्कोरबोर्ड पर साउथ अफ्रीका के 15 ओवर में 147 रन थे और विकेट गिरे थे सिर्फ चार. टीम को अब जीतने के लिए 30 गेंदों में 30 रन चाहिए थे. डेविड मिलर और हेनरिक क्लासेन जैसे विध्वंसक बैटर क्रीज पर थे. यानी जीत अब औपचारिकता भर रह गई थी. कई भारतीय फैन्स निराश होकर टीवी बंद कर चुके थे लेकिन अगले 30 गेंदों में खेल कुछ ऐसे चला, जिसने साबित कर दिया कि क्रिकेट सच में अनिश्चितताओं का खेल है. इसमें नतीजा मैच के आखिरी बॉल फेंके जाने तक तय नहीं होता.

बात टी-20 वर्ल्ड कप 2024 के खिताबी मुकाबले की हो रही है. बारबाडोस के ब्रिजटाउन का ऐतिहासिक केंसिंग्टन ओवल का मैदान. भारतीय टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया लेकिन 34 रनों के स्कोर पर टीम ने 3 विकेट गंवा दिए. रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव और ऋषभ पंत पवेलियन लौट गए लेकिन पूरे टूर्नामेंट में आउट ऑफ फॉर्म चल रहे विराट कोहली का बल्ला उस दिन बोल उठा. उन्होंने मोर्चा संभाला. अक्षर पटेल के साथ 74 रनों की पार्टनरशिप की. इसकी बदौलत टीम 20 ओवर में 176 रन तक पहुंच गई. 

विराट कोहली ने भारत की ओर से सबसे ज्यादा 76 रन बनाए. वहीं अक्षर पटेल ने 47 और शिवम दुबे ने 27 रनों की पारी खेली.

भारत के 177 रनों का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. जसप्रीत बुमराह ने दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर रीजा हेंड्रिक्स को चलता कर दिया. वहीं अर्शदीप ने तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर एडम मार्करम को कैच आउट कराया. इसके बाद ट्रिस्टन स्टब्स और क्विंटन डिकॉक ने 38 गेंदों पर 58 रनों की पार्टनरशिप करके टीम को संभाला लेकिन नौवें ओवर में अक्षर पटेल ने स्टब्स को चलता कर दिया. उन्होंने 31 रन बनाए. फिर डिकॉक और हेनरिक क्लासेन ने मिलकर 36 रन जोड़े और टीम के स्कोर को 100 के पार पहुंचाया. स्पिनरों को विकेट नहीं मिलता देख रोहित फिर से अर्शदीप को लेकर आए. दांव चल गया. 13वें ओवर की तीसरी गेंद पर अर्शदीप ने डिकॉक को चलता कर दिया.

इसके बाद हेनरिक क्लासेन ने बल्ला भांजना शुरु किया. 15वें ओवर में अक्षर पटेल की गेंद पर उन्होंने 2 चौके और 2 छक्के की मदद से 24 रन कूट दिए. अब साउथ अफ्रीका को 30 गेंदों में 30 रन चाहिए थे. उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही थी. क्लासेन प्रचंड फॉर्म में दिख रहे थे. दूसरे छोर पर खड़े थे डेविड मिलर. टी-20 फॉर्मेट के धुरंधर बल्लेबाज. करोड़ों भारतीय फैन्स की धड़कनें तेज होने लगीं. लगा अब मैच भारत के हाथ से गया. 

तभी कप्तान रोहित शर्मा ने 16वां ओवर टीम इंडिया के संकटमोचक माने जाने वाले जसप्रीत बुमराह को दिया. बुमराह की कसी हुई गेंदबाजी ने साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों पर थोड़ा दबाव बनाया. उन्होंने ओवर में सिर्फ 4 रन दिए. इस ओवर के बाद थोड़ी देर के लिए मैच को रोकना पड़ा. विकेटकीपर ऋषभ पंत के घुटने में दर्द था. फिजियो ग्राउंड पर आए और उन्होंने पंत का ट्रीटमेंट किया. कुछ देर तक खेल रुका रहा. वैसे तो इसे मात्र संयोग ही कहेंगे लेकिन खेल रुकने से गेंदबाजों की कुटाई कर रहे क्लासेन का मोमेंटम टूट गया.

हार्दिक ने पलटा गेम

अब साउथ अफ्रीका को 24 गेंदों में 26 रन चाहिए थे. 17वें ओवर में गेंदबाजी के लिए आए हार्दिक पांड्या. 17वें ओवर की पहली गेंद पर हार्दिक ने हेनरिक क्लासेन को चलता कर दिया. धीमी गति की गेंद को कट करने की कोशिश में गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेट के पीछे पंत के दस्तानों में चली गई. इस विकेट के बाद फिर से भारतीय टीम की ‘मरणासन्न’ उम्मीदें जीवित होने लगीं. पांडया ने इसके बाद आए नए बल्लेबाज पर भी दबाव बनाए रखा और ओवर में सिर्फ 4 रन दिए.

जसप्रीत बुमराह का एक और मास्टरक्लास

18वें ओवर में गेंद एक बार फिर से बुमराह के हाथ में थी. उन्होंने इस ओवर में मार्को येन्सन को बोल्ड किया और सिर्फ 2 रन ही दिए. अब मैच का पलड़ा एक बार फिर से भारतीय टीम की ओर झुकने लगा. अब साउथ अफ्रीका को 12 गेंदों में 20 रन चाहिए थे.

19वें ओवर में अर्शदीप सिंह का कमाल

रोहित ने 19वें ओवर में गेंद अर्शदीप सिंह को थमाई. अर्शदीप उनकी उम्मीदों पर खरा उतरे. बिलकुल सधी हुई लाइन लेंथ के साथ उन्होंने अफ्रीकन बैटर्स को हाथ खोलने का मौका नहीं दिया. ओवर में सिर्फ 4 रन बने.

सूर्यकुमार यादव का बाउंड्री लाइन पर ऐतिहासिक कैच

अब साउथ अफ्रीका को जीत के लिए आखिरी ओवर में 16 रनों की दरकार थी. स्ट्राइक पर थे डेविड मिलर. रोहित ने गेंद हार्दिक को थमाई. पहली बॉल लो फुलटॉस थी. मिलर ने गेंद को लॉन्ग ऑफ की तरफ हवा में उछाल दिया. लगा बॉल बाउंड्री के पार कर जाएगी लेकिन बॉल और बाउंड्री के बीच सूर्यकुमार यादव आ गए. उन्होंने दौड़ते हुए बिल्कुल बाउंड्री लाइन के पास गेंद को कैच किया. मोमेंटम उन्हें रस्सी पार ले जा रहा था. लेकिन उन्होंने समझदारी दिखाई. गेंद को हवा में उछाला. खुद बाउंड्री के बाहर गए और पलक झपकते ही वापस आकर दोबारा गेंद पकड़ ली. यह सब कुछ सेकेंड के 10वें हिस्से में हुआ. थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखा. एड़ी और रस्सी के बीच इंच भर का फासला था. डेविड मिलर पवेलियन लौट गए.

इसके बाद दूसरी बॉल पर नए बल्लेबाज रबाडा ने चौका लगाया. लेकिन अगली 2 गेंदों पर सिर्फ दो सिंगल आए. अगली गेंद वाइड थी. पांचवी गेंद पर पांडया ने रबाडा को चलता किया और अंतिम गेंद पर सिर्फ एक रन बने. यानी साउथ अफ्रीकी टीम खिताब से 7 रन पीछे रह गई. इसके साथ ही रोहित शर्मा जमीन पर लेट गए. आंखे नम हो गईं. विराट कोहली ने अपने चेहरा ढंक लिया. 17 साल बाद भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया और सूर्यकुमार यादव का बाउंड्री पर लिया कैच हमेशा के लिए उस ऐतिहासिक विश्वकप जीत की तस्वीर बन गया.

वीडियो: T20 World Cup: पाकिस्तान के मैच बॉयकॉट करने के फैसले पर सूर्यकुमार यादव ने क्या कहा?

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