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क्विंटन डि कॉक ने ले लिया करियर खत्म करने वाला रिस्क?

इस मसले पर सख्त दिख रहा है CSA.

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वेस्ट इंडिज मैच में नहीं खेल रहे हैं डी कॉक (फोटो – एपी)
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गरिमा भारद्वाज
26 अक्तूबर 2021 (Updated: 26 अक्तूबर 2021, 05:12 PM IST)
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T20 वर्ल्ड कप 2021 के ग्रुप ऑफ डेथ में 26 अक्टूबर यानी मंगलवार को वेस्ट इंडीज़ और साउथ अफ्रीका आमने–सामने थे. इस मैच में साउथ अफ्रीका ने अपनी टीम में एक बदलाव किया था. क्विंटन डी कॉक पर्सनल कारणों की वजह से बाहर गए थे, और उनकी जगह रेज़ा हेन्ड्रिक्स आए थे. साउथ अफ्रीका ने मैच आसानी से अपने नाम कर लिया. लेकिन मैच के दौरान और उसके बाद भी इस हार-जीत से ज्यादा चर्चा क्विंटन डी कॉक के पर्सनल कारणों पर हो रही है. कहा जा रहा है कि वो टीम के साथ मिलकर नस्लीय भेदभाव पर स्टैंड नहीं ले रहे हैं, और इसीलिए उन्होंने खुद को इस मैच से बाहर रखने का फैसला किया. और अब उनका यह फैसला क्विंटन के अंतरराष्ट्रीय करियर पर भारी पड़ता दिख रहा है. दरअसल, T20 World Cup 2021 में लगभग सभी टीमें मैच शुरू होने से पहले नस्लीय भेदभाव के खिलाफ स्टैंड ले रही है. ब्लैक लाइव्स मैटर के समर्थन में सभी टीमों के खिलाड़ी या तो अपने घुटने पर बैठ रहे हैं या फिर अपनी मुट्ठी ऊपर उठा रहे हैं. भारतीय टीम ने भी अपने मुकाबले में ये किया है और बाकी टीमें भी कर रही है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साउथ अफ्रीका के पहले मुकाबले में क्विंटन डी कॉक ने ऐसा नहीं किया था. जब बाकी खिलाड़ी ब्लैक लाइव्स मैटर्स के सपोर्ट में दिख रहे थे, तब क्विंटन अपने दोनों हाथ कमर पर रखकर खड़े थे. बताते चलें, वो पहले भी इस मूवमेंट से खुद को बाहर रख चुके है. # बोर्ड का फैसला क्या है? इस मामले पर CSA (क्रिकेट साउथ अफ्रीका) ने प्रेस रिलीज ज़ारी की है. रिलीज में उन्होंने कहा,
‘CSA के आदेश के अनुसार सोमवार की सुबह, सभी खिलाड़ियों को नस्लवाद पर एकजुट और लगातार स्टैंड लेने के लिए घुटने पर बैठना है. ये नस्लवाद के खिलाफ ग्लोबल एक्शन है. ये सभी स्पोर्ट्सपर्सन द्वारा अपनाया गया है, क्योंकि वो स्पोर्ट्स द्वारा लोगों को एकजुट करने की ताक़त को जानते है.’
क्विंटन डि कॉक के फैसले पर बात करते हुए रिलीज में लिखा गया,
‘सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात करने के बाद, खिलाड़ियों की फ्रीडम ऑफ चाइस पर भी, बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया था कि टीम के लिए नस्लवाद के खिलाफ स्टैंड लेना जरूरी है, खासकर साउथ अफ्रीका का इतिहास देखते हुए. बोर्ड का ये नजरिया था कि विविधता को दैनिक जीवन के कई पहुलाओं में अभिव्यक्ति मिल सकती है, लेकिन नस्लवाद के खिलाफ स्टैंड लेने पर ये बात लागू नहीं होती.क्विंटन डि कॉक पर कोई फैसला लेने से पहले बोर्ड टीम प्रबंधन की रिपोर्ट का इंतजार करेगा. विश्व कप के बचे हुए मैचों के लिए सभी खिलाड़ियों से इस निर्देश का पालन करने की उम्मीद की जाती है.’
# मैच में क्या हुआ? मैच की बात करें तो साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. वेस्ट इंडीज़ के लिए ओपनिंग करने एवन लुइस और लेंडल सिमंस की जोड़ी उतरी थी. दोनों ने पहले विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी की. एवन लुईस 56 रन बनाकर आउट हुए. निकलस पूरन और क्रिस गेल टीम के लिए ज्यादा कमाल नहीं कर पाए. कप्तान कायरन पोलार्ड के बल्ले से 26 रन निकले. टीम 20 ओवर में कुल 143 रन ही बना पाई. जीत के लिए 144 रन का लक्ष्य लेकर उतरी साउथ अफ्रीका को पहला झटका कप्तान टेम्बा बवुमा के रन आउट होने से लगा. हालांकि उसके बाद रेज़ा हेन्ड्रिक्स और रसी वेन डर डुसें के बीच अच्छी साझेदारी हुई. नंबर चार पर उतरे एडन मार्करम ने 26 गेंदों में 51 रन की पारी खेलकर टीम को 18.2 ओवर में ही जीत दिला दी. बताते चलें कि वेस्ट इंडीज़ का अगला मुकाबला अब 29 अक्टूबर को बांग्लादेश से होगा. वहीं साउथ अफ्रीका 30 अक्टूबर को श्रीलंका से खेलेगी.

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