'अभिषेक शर्मा की वापसी में सूर्या का हाथ', पत्नी देविशा ने क्या बताया?
अभिषेक शर्मा के लिए टी-20 वर्ल्ड कप एक बुरे सपने की तरह रहा था. फाइनल मैच से पहले उन्होंने केवल एक ही फिफ्टी लगाई थी. सूर्या यह बात बखूबी समझ रहे थे. वह जानते थे कि अभिषेक को खुद पर बस थोड़ा भरोसा करने की जरूरत है.
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भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव (Surya Kumar Yadav) अब उन दिग्गज खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं जिन्होंने भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाया. टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में सूर्या बहुत ज्यादा रन तो नहीं बना पाए लेकिन उनकी रणनीतियां काफी हिट रहीं और भारत को जीत मिली. सिर्फ मैदान पर ही नहीं, मैदान के बाहर भी सूर्यकुमार यादव ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए काफी कुछ किया. सूर्या की पत्नी देविशा शेट्टी (Devisha Shetty) ने बताया कि वो रातभर अपने कमरे से बाहर रहे हैं.
अभिषेक शर्मा के लिए यह टी20 वर्ल्ड कप एक बुरे सपने की तरह रहा. फाइनल मैच से पहले वह केवल एक ही फिफ्टी लगा पाए थे. इस दौरान सूर्या ये बात समझते रहे कि अभिषेक को खुद पर बस थोड़ा भरोसा करने की जरूरत है. वर्ल्ड कप जीतने के बाद जब देविशा से सूर्या की कप्तानी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बताया,
''सूर्या अपने खिलाड़ियों के लिए हमेशा मौजूद रहे. अभिषेक और वरुण के लिए यह टूर्नामेंट अच्छा नहीं रहा था. सेमीफाइनल के बाद उसी रात सुबह 5 बजे उठी तो देखा कि सूर्या कमरे में नहीं हैं. मैं समझ गई थी कि वह अभिषेक और वरुण के साथ ही होंगे. सूर्या ने टीम के हर खिलाड़ी की भावनाओं को समझने की कोशिश की.''
मुश्किल समय में क्या करते हैं सूर्यासूर्यकुमार ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि मुश्किल दौर का सामना कर रहे खिलाड़ी का हौसला बढ़ाना बहुत जरूरी है और दोनों ने मुश्किल दौर से उबरकर टूर्नामेंट में अहम मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा,
‘‘जब कोई अच्छा नहीं कर रहा होता तो आप उसके साथ समय बिताने की कोशिश करते हैं. उसे डिनर पर ले जाते हैं. उससे बात करते हैं क्योंकि ये ऐसे खिलाड़ी हैं जो सही समय पर आपके लिए कुछ खास करेंगे. जैसा अभिषेक ने अभी किया और संजू ने पिछले तीन मैच में किया.’’
अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने कहा,
‘‘अपनी भूमिका निभाना, अपनी जिम्मेदारियों को समझना, सही समय पर मदद करना, जब कोई अच्छा नहीं कर रहा हो तो खिलाड़ी से बात करना. ये मेरे लिए ज्यादा जरूरी है. इसलिए ये सभी चीजें मेरे लिए काफी मायने रखती हैं. मुझे लगता है कि ड्रेसिंग रूम में बोलने की आजादी बहुत जरूरी है. अगर आप सभी की बात नहीं सुनते हैं तो आप सभी को साथ लेकर ट्रॉफी नहीं जीत सकते.
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सूर्यकुमार यादव ने बताया कि अब उनका अगला लक्ष्य 2028 में होने वाला लॉज एंजेलिस ओलंपिक है जहां टीम की नजर गोल्ड पर होगी. साथ ही वह उसी साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप पर भी नजर जमाए हैं और अभी किसी भी तरह का रिटायरमेंट प्लान नहीं है.
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