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सुनील गावस्कर ने बताया कोच रवि शास्त्री के करियर का हाई पॉइंट

लिटिल मास्टर ने अजिंक्य रहाणे पर भी कुछ कहा है.

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27 दिसंबर 2021 (अपडेटेड: 27 दिसंबर 2021, 12:32 PM IST)
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पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर और पूर्व भारतीय हेड कोच रवि शास्त्री (पीटीआई)
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पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ और लिजेंड सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री की तारीफ करते हुए उनके कोचिंग करियर के सबसे अहम पल का ज़िक्र किया है. गावस्कर का कहना है कि भारतीय टीम का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ 36 रन पर ऑल आउट होना और उसके बाद वापसी करते हुए टेस्ट सीरीज को जीतना, शास्त्री के कोचिंग करियर का सबसे अहम पॉइंट है. गावस्कर का मानना है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया बीच खेली गई उस सीरीज़ जीत में भारत के हेड कोच के रूप में शास्त्री ने बहुत अहम भूमिका निभाई थी. साल 2021 की शुरुआत में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी. एडिलेड में खेले गए सीरीज़ के पहले मैच की पहली पारी में भारतीय टीम महज़ 36 रन पर ऑल आउट हो गई. जिसके बाद हेड कोच रवि शास्त्री ने अपनी टीम से कहा था कि इसे शर्मिंदगी की तरह नहीं बल्कि एक तमगे की तरह लेना चाहिए. इसी सीरीज़ का ज़िक्र करते हुए सुनील गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा,
जिस तरह से भारतीय टीम ने 36 रन पर ऑल आउट होने के बाद वापसी करके दिखाई थी, वह निश्चित तौर पर ही शास्त्री के कोचिंग करियर का हाईलाइट पॉइंट रहा था. क्योंकि जब भी इस तरह का कुछ होता है तो टीमों का अकसर खुद पर से विश्वास उठ जाता है. खिलाड़ियों में निराशा और हार मानने की भावना आने लगती है. और यही वो मौका था जहां शास्त्री ने अपनी अहम भूमिका निभाई. क्योंकि जहां तक मैंने पढ़ा है, उन्होंने अपने खिलाड़ियों से इस 36 को एक तमगे की तरह पहनने के लिए कहा था.
शास्त्री के अलावा गावस्कर ने अजिंक्य रहाणे को भी उस ऐतिहासिक सीरीज़ जीत का क्रेडिट दिया. बता दें कि भारत के कप्तान विराट कोहली पेटरनिटी लीव पर पहले टेस्ट के बाद भारत लौट आए थे. विराट की गैर-मौज़ूदगी में रहाणे ने अगले तीन मैच में भारतीय टीम की कप्तानी की. जिनमें से दो मैच भारत ने जीते और एक मैच ड्रा कराया. टीम में काफी खिलाड़ी इंजर्ड भी हुए. लेकिन जो भी खिलाड़ी टीम से जुड़े उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करके दिखाया. इस बारे में बात करते हुए शास्त्री ने कहा,
जिस तरह से अजिंक्य रहाणे ने तीन टेस्ट मैच में भारतीय टीम को लीड किया, वो काबिल-ए-तारीफ था. साथ ही सभी खिलाड़ियों ने उनका साथ दिया. हम किसी आम टीम की तरह नहीं बल्कि एक 'ए' टीम की तरह खेले. जो भी खिलाड़ी उस सीरीज़ में खेला, जो भी टीम में नया खिलाड़ी जुड़ा, सबने अच्छा किया. एक बार फिर ये आपको बताता है कि रवि शास्त्री का युवा खिलाड़ियों और उन फ्रिंज खिलाड़ियों पर किस तरह का प्रभाव था जो अपने अवसर का इंतज़ार कर रहे थे.'
2017 चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत को पकिस्तान के खिलाफ़ मिली हार के बाद रवि शास्त्री को 2019 विश्वकप तक के लिए टीम इंडिया का हेड कोच बनाया गया था. हालांकि उनका कार्यकाल दो साल के लिए और बढ़ाया गया. T20 विश्वकप 2021 के बाद अब रवि शास्त्री का कार्यकाल समाप्त हो गया है और उनकी जगह राहुल द्रविड़ को भारतीय टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया गया है.

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