श्रीलंका क्रिकेट का 24 घंटे में यूटर्न, सोशल मीडिया फॉलोअर्स को बनाया था LPL में सैलरी का आधार
LPL का छठा सीजन 10 जुलाई से शुरू होने वाला है. इसी को लेकर बोर्ड ने 8 मई को खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिए नई गाइडलाइंस जारी की. इसके बाद सोशल मीडिया पर जनता ने इस तरह क्लास लगाई कि बोर्ड ने 24 घंटे के अंदर यू-टर्न मार लिया.

लंका प्रीमियर लीग (LPL) को अपना अजीबोगरीब फैसला पलटना पड़ा. दरअसल, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने एक ऐसा नियम बनाया कि उन्हें दिनभर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. सोशल मीडिया पर जनता ने इस तरह क्लास लगाई कि बोर्ड ने 24 घंटे के अंदर यू-टर्न मार लिया. पूरा मामला क्या है, विस्तार से समझते हैं.
LPL में बनाया था अजीब नियम?दरअसल, LPL का छठा सीजन 10 जुलाई से शुरू होने वाला है. इसी को लेकर बोर्ड ने 8 मई को खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिए नई गाइडलाइंस जारी कीं. इसमें खिलाड़ियों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया था. आइकॉन, स्टार, गोल्ड और क्लासिक.
यहां तक तो सब ठीक था. लेकिन, पेंच फंसा एलिजिबिलिटी यानी योग्यता को लेकर. नियम ये बना दिया गया कि अगर किसी विदेशी खिलाड़ी को आइकॉन या स्टार कैटेगरी में जगह चाहिए, तो उसके पास न केवल बढ़िया क्रिकेट रिकॉर्ड होना चाहिए, बल्कि इंस्टाग्राम या फेसबुक पर कम से कम 2.5 लाख (250,000) फॉलोअर्स भी होने चाहिए.
मतलब, आप चाहे जितनी यॉर्कर मार लें या लंबे छक्के जड़ दें. अगर आपके सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स कम हैं, तो आप टॉप कैटेगरी की सैलरी के हकदार नहीं होंगे. गोल्ड कैटेगरी के लिए भी 1.5 लाख फॉलोअर्स की शर्त रखी गई थी.
पैसों का क्या था गणित?LPL ने खिलाड़ियों की सैलरी का जो स्ट्रक्चर बनाया था, वो कुछ ऐसा था:
- आइकॉन और स्टार: 60,000 से 80,000 डॉलर (करीब 55 से 75 लाख रुपये).
- प्लेटिनम: 50,000 डॉलर. (करीब 48 लाख रुपये)
- गोल्ड: 30,000 डॉलर. (करीब 28 लाख रुपये)
- क्लासिक: 20,000 डॉलर. (करीब 19 लाख रुपये)
नियमों में ये भी लिखा था कि क्लासिक कैटेगरी के खिलाड़ियों के पास भी उचित फैन बेस और कमर्शियल अपील होनी चाहिए. अब क्रिकेट एक्सपर्ट्स का सिर ये सोचकर चकरा गया कि खिलाड़ी रील (Reel) बनाने के लिए पैसे ले रहा है या रन बनाने के लिए?
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सोशल मीडिया पर हुआ भयंकर बवालजैसे ही ये खबर फैली, क्रिकेट कम्युनिटी भड़क गई. लोगों ने कटाक्ष करना शुरू कर दिया कि क्या अब खिलाड़ियों को नेट प्रैक्टिस छोड़कर वीडियो एडिटिंग सीखनी पड़ेगी?
मजेदार बात ये भी निकली कि खुद लंका प्रीमियर लीग के इंस्टाग्राम पर 1 लाख फॉलोअर्स भी नहीं हैं. लेकिन, उन्हें खिलाड़ी 2.5 लाख फॉलोअर्स वाला चाहिए था. साथ ही, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड पहले अपने खिलाड़ियों को अनुशासन के नाम पर सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह देता रहा है, और यहां लीग में उसी सोशल मीडिया को पैमाना बना दिया गया.
9 मई को जब किरकिरी हद से ज्यादा बढ़ गई, तो बोर्ड ने यू-टर्न ले लिया. न्यूजवायर की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका क्रिकेट ने अपडेटेड गाइडलाइंस जारी की. नया अपडेट ये है कि सोशल मीडिया फॉलोअर्स वाली शर्त को पूरी तरह हटा दिया गया है.
अब खिलाड़ियों का चुनाव सिर्फ उनके क्रिकेटिंग रिकॉर्ड पर होगा, जैसे कि कम से कम 75 T20I मैच या 100 फ्रेंचाइजी मैच. पिछले 18 महीनों में कम से कम 30 मैच खेले हों.
हालांकि, बोर्ड ने एक पेंच अभी भी फंसा रखा है. भले ही फॉलोअर्स की अनिवार्य संख्या हटा दी गई हो, लेकिन खिलाड़ियों को प्रमोशनल एक्टिविटी और फैन एंगेजमेंट में पूरा हिस्सा लेना होगा. यानी कि टूर्नामेंट को प्रमोट करने की जिम्मेदारी से खिलाड़ी बच नहीं पाएंगे.
वीडियो: BCCI खिलाड़ियों के लिए लागू करने वाला है सख्त नियम?

