जब शोएब ने ब्रेट ली से कहा, 'मैं तेरी जान ले लूंगा', अंपायर ने नॉट-आउट दे दिया!
शोएब के नाम दुनिया की सबसे फास्ट बॉल है.

शोएब अख्तर. दुनिया के सबसे तेज़ गेंदबाज़ों में से एक. शोएब के बॉलिंग के किस्से पूरी दुनिया में मशहूर हैं. ऐसा माना जाता है कि अपने वक्त में शोएब अक्सर बल्लेबाज़ों को अपनी स्पीड से डराते थे. ऐसा ही एक किस्सा ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दिग्गज फास्ट बॉलर ब्रेट ली ने शेयर किया है.
ली और अख्तर को पिछली पीढ़ी के सबसे खरतनाक गेंदबाज़ों में से एक माना जाता था. वर्ल्ड क्रिकेट के ये दोनों ही फास्ट बॉलर्स अच्छे दोस्त भी हैं. ब्रेट ली ने शोएब से जुड़ा एक ऐसा वाकया बताया है, जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. ब्रेट ली ने कहा -
‘मैंने अख़्तर के बारे में पहली बार तब सुना था, जब मैं एक पब में बैठकर एक मैच देख रहा था. मैं देख रहा था और सोच रहा था, भाई ये कौन है! उड़ते हुए काले बाल, आपको उनका अग्रेशन साफ दिखता है. चौड़ी छाती, पिस्टन जैसे चलते दोनों पैर... रॉकेट की तरह गिरती हुई बॉल्स. मैंने तब उनका नाम देखा - शोएब अख्तर. ये नाम उस वक्त से मेरे ज़हन में दर्ज है.’
इसके बाद ली ने बताया कि दोनों प्लेयर्स आगे चल कर अच्छे दोस्त बन गए. शोएब और ली दोनों को फास्ट बॉलिंग पसंद है और इसकी वजह से दोस्ती भी हुई. ली ने बताया -
‘हम 90 के दशक के आखिर में दोस्त बने थे. ऑस्ट्रलिया और पाकिस्तान के बीच कमाल की राइवलरी थी. वो क्रिकेट के इतिहास की सबसे तेज़ बॉल डालने की कोशिश कर रहे थे, और मैं भी. हम दोनों एक ही चीज़ को चाहते थे और हम दोनों दोस्त बन गए. हम दोनों ज्यादा से ज्यादा तेज़ बॉलिंग करना चाहते थे. हम दोनों स्पीड गन को देखते रहते और हमारे बीच ये कॉम्पटीशन शुरू हो गया.’
ली ने 2000 में ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच टेस्ट के दौरान शोएब के साथ का एक किस्सा सुनाते हुए बताया,
'ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान टेल्स्ट्रा डोम में एक टेस्ट मैच खेल रहे थे. इस मैदान के ऊपर एक छत थी. विकेट गेंदबाज़ों के लिए मददगार लग रहा था. शोएब अख्तर शानदार बॉलिंग कर रहे थे. मैं बैटिंग करने गया. मुझे बहुत डर लग रहा था. मैंने सोचा, वो मेरे दोस्त हैं, मेरा ख्याल करेंगे. मैं फील्ड देख रहा था और सोच रहा था कि रन्स कैसे बनाउंगा, तभी मैंने सुना कोई मुझे बुला रहा है. शोएब बोल रहे थे, ‘बिंगा, बिंगा, आई एम गोइंग टू किल यू...(मैं तुम्हारी जान ले लूंगा)... ये कहते हुए वो 45 मीटर दूर जा रहे थे.’
ली ने आगे बताया -
‘मैं सोच रहा था कि हम दोस्त हैं, शोएब मुझे मारने की कोशिश नहीं करेंगे. वो दौड़ते हुए आए, मैं क्रीज़ पर था. उन्होंने परफेक्ट यॉर्कर डाला. इनस्विंगिंग यॉर्कर. बॉल आकर सीधे मेरे पैर के ऊपर वाले हिस्से पर लगी. मैं आउट था. मैं इतना घबराया हुआ था कि मैं खुद भी अंदर से अपील कर रहा था. पता है अंपायर ने क्या कहा? नॉटआउट. मैं सोच रहा था, ये अंपायर मेरी जान लेकर छोड़ेगा. क्योंकि इसके बाद शोएब वापस आकर मुझे बाउंसर मारने वाले थे.’
ली ने आगे शोएब की तारीफ करते हुए आगे कहा,
‘वो थोड़ा दिखावा ज़रूर करते हैं, पर अंदर से वो बेहतरीन इंसान हैं. मेरे अच्छे दोस्त भी हैं. जब वो अपनी फॉर्म में होते थे, तो अलग ही नज़ारा होता था. कोई पेसर 160 kmph की स्पीड से बॉल डाले, इससे बेहतर कोई नज़ारा नहीं है.’
शोएब अख्तर ने 2003 वर्ल्ड कप के दौरान क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज़ बॉल डाली थी. ये बॉल 161.3 kmph की गति से डाली गई थी. इस लिस्ट पर दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के शॉन टेट हैं. टेट ने 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ़ 161.2 kmph से बॉल डाली थी. इस लिस्ट पर तीसरे नंबर पर ब्रेट ली हैं. ली ने 2005 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 160.8 kmph से बॉलिंग की थी.
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