मौसम बदल रहा है. विंटर इज कमिंग ब्रो. लेकिन चुनावों की वजह से हिमाचल और गुजरातमें गर्मी बढ़ रही है. हिमाचल का तो प्रि इलेक्शन खेला शुरू हो गया है. वहां बांटनेके लिए दारू वारू का इंतजाम हो रहा होगा. लेकिन गुजरात में अइसा लग रहा है कि चुनावआयोग की भैंस प्रेगनेंट हो गई है. डेट तक निकल के नहीं आ रही. आज यानी 23 अक्टूबरको चुनाव आयोग ने फिर बताया कि हिमाचल का रिजल्ट आने से पहले गुजरात में चुनाव होजाएगा. ये कौन सी बात हुई? चुनाव जरूर कराएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे.खैर गुजरात में चुनाव की डेट में लेट होने की निम्नलिखित सामाजिक, राजनैतिक,आर्थिक, पारिवारिक, तार्रिक, धार्मिक कारण हो सकते हैं.1. लटकी हुई जन कल्याणकारी योजनाएंFeeling aloneचुनाव आने के ऐन पहले प्रधानमंत्री जी को याद आया कि "ओह शिट, गुजरात में कितने कामपेंडिंग पड़े हैं जिनको देखने का पांच साल में मौका ही नहीं मिला." फिर वो डेढ़महीने में पांचवी बार इस वक्त गुजरात में हैं. चुनाव आयोग को लगता है कि डेट लटकानेसे अगर पब्लिक का कुछ फायदा होता है तो बुरा सौदा नहीं है.2. स्याही की बोतलहम जितनी छोड़ दिया करते थे पैमाने में, उतनी भी नहीं बची पूरे मैखाने मेंवोट डालने के बाद जो स्याही मध्यमा में लगाई जाती है उसकी बोतलें खाली हैं. जब तकप्रॉपर स्याही मिल नहीं जाती तब तक चुनाव कराना खतरे से खाली नहीं होगा.3. केजरीवाल की सहमतितो करो न भई!चुनाव आयोग केजरीवाल जी के सब्र का इम्तेहान ले रहा है. उसकी इच्छा है कि अरविंदकेजरीवाल खुद अपनी तरफ से साफ साफ कह दें "हम नहीं उठाएंगे ईवीएम पर सवाल, अब तोप्लीज चुनाव करा लो सरकार."4. बिकाऊ-दलबदलू नेताबाप बड़ा न भैयाभाजपा-कांग्रेस में रिशफल आंदोलन चल रहा है. कहीं कोई भाजपा से कांग्रेस में जा रहाहै तो कहीं कोई कांग्रेस से भाजपा में. कुछ नेताओं की बोली लग गई है. कुछ ने कम रेटदेने की शिकायत की है. चुनाव आयोग कह रहा है कि ये सब पहले आराम से निपट लें. हमारीवजह से किसी का नुकसान क्यों हो?5. 8 नवंबर का इंतजारयाद तो होगा ही2016 का 8 नवंबर याद है. सबसे बड़ा ऐलान रात 8 बजे हुआ था. मोदी जी ने कहा था"भाइयों और बहनों." फिर सब बदल गया था. चुनाव आयोग भी उसी 8 नवंबर का इंतजार कर रहाहै. बिग बैंग होगा.अब एक वीडियो देख लो लगे हाथ.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़े:राजस्थान सरकार वो बिल ले आई है जिसके बाद जवाबदेही बचेगी नहींगुजरात चुनाव में वो गंध मचनी शुरू हो गई है, जिसका किसी को अंदाजा नहीं थापीएम मोदी के 'जापानी ट्वीट' में छिपा है सीक्रेट संदेश!