डीडीसीए की सलेक्शन कमेटी ने पहले किसी दबाव में आकर बिहार के बाहुबली सांसद पप्पूयादव के बेटे को दिल्ली की टीम में शामिल कर लिया. फिर जब इस बात पर सवाल हुए कि येकैसे हुआ तो अब अपना निर्णय बदल लिया. सार्थक रंजन को अंडर-23 टीम से हटा करउन्मुक्त चंद को शामिल कर दिया गया है. पढ़िए क्या था पूरा मामला-क्रिकेट में अगर टैलेंट से ज्यादा पहुंच को तरजीह दी जाएगी तो क्या होगा? सोचिएजरा. वही होगा जो हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे अनुराग ठाकुर के साथ हुआ.वही होगा जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव के साथहुआ. इन दोनों के साथ क्या हुआ ये बाद में बताते हैं. पहले ये जानिए कि पप्पू यादवके बेटे के साथ क्या हुआ है.दिल्ली की टीम का सलेक्शन होना था. सैय्यद मुश्ताक़ अली इंटर स्टेट टी-20टूर्नामेंट के लिए दिल्ली की टीम चुनने सलेक्शन कमेटी बैठी. जब टीम में चुने गएप्लेयर्स के नाम सामने आए, तो एक नाम चौंकाने वाला था. ये नाम है 21 साल के सार्थकरंजन का. सार्थक ने पिछले तीन मैचों में कुल जमा 10 रन बनाए हैं. वहीं जिसे टीम मेंजगह नहीं मिली उसका नाम है हितेन दलाल जिसने पिछले तीन मैचों में 468 रन मारे हैं.इसमें एक सेंचुरी और तीन हाफ सेंचुरी भी शामिल है.अब सवाल ये कि ये हुआ कैसे? सार्थक रंजन है कौन. तो जान लीजिए कि सार्थक बिहार केमधेपुरा से बाहुबली सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और सुपौल से सांसद रंजीत यादवका बेटा है.पप्पू यादव और पत्नी रंजीत यादव दोनों सांसद हैं.तीन लोगों की सलेक्शन कमेटी ने ये सलेक्शन किया है. इसमें अतुल वासन, हरि गिडवानीऔर रॉबिन सिंह जूनियर हैं. सार्थक को सीजन की शुरुआत में रणजी ट्रॉफी के संभावितोंमें भी शामिल किया गया था. मगर फिर खुद इस खिलाड़ी ने अपना नाम वापिस ले लिया. येभी खबरें थी कि सार्थक ने क्रिकेट छोड़ दिया है और वो अब मिस्टर इंडिया कीकॉन्टेस्ट में हिस्सा लेगा.ये भी सामने आ रहा है सार्थक की मां रंजीत ने डीडीसीए के एडमिनिस्ट्रेटर जस्टिसविक्रमजीत सेन को पत्र लिखकर कहा था कि उनका बेटा डिप्रेशन से परेशान था और अब वोपूरी तरह फिट है. जस्टिस सेन ने ये पत्र सलेक्शन कमेटी को भेज दिया था.हितेन दलाल और उन्मुक्त चंद को नजरांदाज कर सार्थक को टीम में लिया गया है.जब सार्थक के सलेक्शन को उसके सांसद पेरंट्स के दबाव का नतीजा बताया गया तो मांरंजीत ने सामने आकर कहा, " ये कहना गलत है कि सार्थक का सलेक्शन बिना मैच खेले होगया. वो अंडर-14 से दिल्ली में खेल रहा है और उसकी कप्तानी ममें टीम चैंपियन भी बनचुकी है. उसने पिछले साल अंडर-23 के मैचों में 65, 40 और 193 रन का स्कोर कियाथा.मैं उसके हर मैच की स्कोरशीट दिखा सकती हूं"क्रिकेट और राजनीतिअनुराग ठाकुर और तेजस्वी यादव इन दिनों राजनीति में हैं.हिमाचल के हमीरपुर से लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर महज 25 साल की उम्र में हिमाचलप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA)के प्रेसिडेंट बन गए थे. ये साल 2000 ही था जबप्रेसिडेंट रहते हुए हिमाचल की तरफ से इन्होंने अपने जीवन का इकलौता रणजी मैच भीखेला था. जम्मू कश्मीर के खिलाफ इस मैच में अनुराग जीरो पर आउट हुए थे. उसके बादउन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया और फिर बतौर क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर काम किया.इसी तरह लालू यादव के बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे तेजस्वी यादव ने भीक्रिकेट में अपना लक अजमाया था. राजनीति में आने से पहले तेजस्वी ने बतौरमिडिल-ऑर्डर बैटसमेन झारखंड रणजी टीम के लिए एक मैच खेला. वहीं अपनी राजनीतिक पहुंचके चलते तेजस्वी को साल 2008, 2009 और 2011 में आईपीएल की दिल्ली डेयरडेविल्स टीममें भी लिया गया मगर वो एक भी मैच नहीं खेल पाए. इन दोनों ही नेताओं ने अपनेराजनीतिक परिवार को फायदा उठाकर क्रिकेट की दुनिया में नाम कमाने की कोशिश की मगरवो ज्यादा देर तक ठहर नहीं पाए.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:सलेक्शन से पहले ये गंभीर इल्जाम लग रहे हैं गौतम गंभीर परदिन की शुरुआत अलर्ट रोहित शर्मा के शानदार कैच सेहम तो डूबेंगे ही सनम, DRS भी ले डूबेंगे - रोहित शर्मावीडियो भी देखिए-