'बेकार के कमेंट्स की जगह, रन बनाने पर फोकस करें सरफ़राज'
सरफ़राज को 'पूर्व कप्तान' ने दी नसीहत.

सरफ़राज़ खान. हाल के दिनों में खूब रन बना रहे हैं. और खूब चर्चा में भी हैं. इनके चर्चा में रहने के दो मुख्य कारण हैं. पहला, इनका रन बनाना और दूसरा, इसके बाद भी इन्हें टीम इंडिया में जगह ना मिलना. बीते तीन रणजी ट्रॉफ़ी सीज़न में सरफ़राज 2441 रन बना चुके हैं.
लेकिन इसके बाद भी वह अभी तक इंडियन टेस्ट टीम में जगह नहीं बना पाए हैं. हाल ही में जब ऑस्ट्रेलिया के साथ होने वाली सीरीज़ में सरफ़राज का सेलेक्शन नहीं हुआ, तो फ़ैन्स और पूर्व क्रिकेटर्स ने बहुत निराशा जताई. सरफ़राज भी इस मुद्दे पर कई बार बात कर चुके हैं. और अब मुंबई के पूर्व कप्तान मिलिंग रेगे ने उन्हें ऐसा ना करने की सलाह दी है.
25 साल के सरफ़राज ने हाल ही में कहा था कि वह सेलेक्शन ना होने से निराश थे. यहां तक कि उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा से बात हुई थी. और शर्मा ने उन्हें बांग्लादेश टूर पर ले जाने का वादा भी किया था. सरफ़राज 2019-20 सीजन में 928, 2020-21 सीजन में 982 और मौजूदा सीजन के छह मैच में 556 रन बना चुके हैं.
# Sarfaraz Khanइसके बावजूद सेलेक्शन ना होने से उनका दुखी होना समझा जा सकता है. लेकिन रेगे का मानना है कि सरफ़राज का काम रन बनाना और परफॉर्म करना है, ना कि पब्लिक प्लेटफॉर्म पर दुख जताना. मुंबई के चीफ सेलेक्टर रेगे ने मिड डे से बात करते हुए कहा,
'परफॉर्म करते रहिए, बकवास कमेंट्स करने से कोई मदद नहीं मिलेगी. सरफ़राज को अपने इंडिया सेलेक्शन पर कमेंट्स करने से बचना चाहिए. उसका काम रन बनाना है. उसे अपनी बैटिंग पर ध्यान देना चाहिए.'
रेगे मानते हैं कि सरफ़राज के साथ और बेहतर होना चाहिए, लेकिन उनका यह भी कहना है कि प्लेयर्स को मौजूदा टीम में सेलेक्शन के लिए चल रहे कंपटिशन को भी ध्यान में रखना चाहिए. एक ही जगह के लिए तीन-चार प्लेयर्स दावा ठोक रहे हैं. रेगे का मानना है कि अभी टीम में ऐसा कोई स्पॉट नहीं है जहां सरफ़राज फिट हो सकें.
विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, एक विकेटकीपर और फिर एक ऑलराउंडर. इस मिडल ऑर्डर में सरफ़राज को एंट्री मिल पाना बहुत मुश्किल होगा. इसलिए सरफ़राज को अपने मौकों का इंतजार करना चाहिए. रेगे ने कहा,
'सरफ़राज कमाल की फॉर्म में हैं, इस बात पर कोई सवाल नहीं है. लेकिन टीम की बैटिंग लाइन-अप में जगह तो होनी चाहिए. उनकी फॉर्म अविश्वसनीय है. जैसे ही मौका बनेगा, मुझे लगता है कि उन्हें जगह मिलेगी. लेकिन अभी, जगह कहां है?'
रेगे ने मुंबई के बैटिंग कोच अमोल मुज़ुमदार का उदाहरण भी दिया. अपने जमाने के धुरंधर बल्लेबाज रहे अमोल टीम इंडिया तक नहीं पहुंच पाए. उन्होंने घरेलू क्रिकेट में सीजन दर सीजन रन बनाए, लेकिन सचिन तेंडुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली के रहते उन्हें जगह नहीं मिल पाई. मुज़ुमदार एक बार भी टीम इंडिया में शामिल नहीं हो पाए. आज भी लोग उनका ज़िक्र ऐसे क्रिकेटर के तौर पर करते हैं, जिसे इंडिया खेलना ही चाहिए था.
वीडियो: माइकल ब्रेसवेल, धुरंधर कीवी बल्लेबाज की विकेटकीपर से स्पिनर बनने की मजेदार कहानी

