दो लड़के. पक्के वाले दोस्त. एक की उम्र 16. दूसरे की 14. हपक के वड़ा पाव खा रहेथे और अगले दिन होने वाले मैच की प्लानिंग बना रहे थे. अगले दिन नहा-धोकर मैदान मेंपहुंच गए. टॉस हुआ. टीम की बैटिंग आ गई. ओपनर जितनी तेजी से बल्लेबाजी करने गए उतनीही तेजी से लौट आए. फिर मैदान पर पहुंचे यही दोनों लड़के. अब वड़ा पाव की ताकतमैदान में निकालने का वक्त था.दोनों का बल्ला ऐसा चला, ऐसा चला कि क्या बताएं कैसा चला. दोनों ने मार-मार के भूसाभर दिया. इन दोनों लड़कों का नाम था विनोद कांबली और सचिन तेंदुलकर. तारीख थी 23फरवरी, 1988. खेल रहे थे श्रद्धाश्रम विद्यामंदिर स्कूल टीम के लिए. मैच था सेंटजेवियर्स (फोर्ट) के खिलाफ. हैरिस शील्ड क्रिकेट का सेमीफाइनल. आजाद मैदान. पहलेदिन का खेल खत्म होते-होते सचिन ने 192 और कांबली ने 182 रन बनाए. नाबाद वापस लौटे.फिर हुआ कांड. दरअसल टीम के कोच रमाकांत आचरेकर ने पहले दिन के बाद पारी घोषित करनेकी बात कही थी. मगर टीम के कप्तान सचिन तेंदुलकर इसके मूड में बिल्कुल नहीं थे.उनके बल्ले में आग जो लगी हुई थी. वो इस आग को पूरी तरह से आजमाना चाहते थे. ये हुआभी.वो ऐसे कि कोच रमाकांत मैच के दूसरे दिन कहीं चले गए. और सचिन ने इसका फायदा उठाया24 फरवरी यानि अगले दिन. और मैदान में उतर गए. फिर बल्ले के दो प्रेमियों का मिलनहो गया. कांबली और सचिन. दोनों ने फिर बॉलरों की तुड़ईया शुरू की. मैदान के हर कोनेपर दोनों के छक्के, चउवों के निशान छपने शुरू हो गए.विनोद कांबली और सचिन तेंदुलकर ने की थी रिकॉर्ड पार्टरनशिप.अब रमाकांत तो मैदान में थे नहीं. तो उनके सहायक लक्ष्मण चौहान पर ही जिम्मेदारी थीकि उनके आदेश की तामील करवाएं. सो वो थोड़ी-थोड़ी देर में ट्वेल्थ मैन कोसचिन-कांबली के पास भेजें कि पारी घोषित की जाए. पर सचिन हर बार उसे लौटा दें. वोआज अपना बल्ला रोकने को तैयार नहीं थे. खुद का सारा तेल निकाल देना चाहते थे.दुनिया को बता देना चाहते थे कि मैं. हां मैं सचिन तेंदुलकर, क्रिकेट का भगवान आचुका हूं. पर भगवान की ये एंट्री लक्ष्मण. रामायण वाले नहीं. मैच वाले. बर्दाश्तनहीं कर पा रहे थे. खुद ही बाउंडरी के पास आ गए. इशारा किया कि पारी घोषित कर दें.पर सचिन तो मानने को तैयार नहीं थे. खुद भी नजरअंदाज कर दिया. कांबली से भी इशारेसे कहा- उधर मत देखना. # फोन पर हौंके गए कांबली खिसिआए लक्ष्मण को कुछ नहीं सूझातो वो रमाकांत आचरेकर के ऑफिस पहुंच गए. बताया कि दोनों लड़के तिहरा शतक लगा चुकेहैं, पर वापस आने को तैयार नहीं हैं. पारी घोषित ही नहीं कर रहे हैं. फिर हुआ लंचब्रेक. सचिन की आचरेकर से फोन पर बात करवाई गई. उधर से आवाज आई - डिक्लेयर.जब मामला संभल नहीं रहा हो तो दोस्त क्या करते हैं. दूसरे पर टोपी कर देते हैं. सरहम नहीं ये था. सचिन ने भी वही किया. कांबली को फोन पकड़ा दिया. कांबली ने कोच सेकहा- सर मैं 350 रन बनाने से बस एक रन दूर हूं. आचरेकर खिसिया गए और कांबली हौंकदिए गए. बोले- मैंने कहा डिक्लेयर मतलब डिक्लेयर. मरता क्या ना करता. पारी घोषित करदी गई.सचिन ने 326 रन बनाए थे.पर सचिन और कांबली तो अपना काम कर चुके थे. सचिन ने नाबाद 326 रन बनाए. कांबली ने349 रन. तीसरे विकेट के लिए दोनों के बीच 664 रन की नाबाद पार्टनरशिप हुई. ये उसवक्त तक क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में की गई सबसे बड़ी पार्टनरशिप थी. इन दोलड़कों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के 641 रन की पार्टनरशिप का रिकॉर्ड तोड़ा था.टी पैटन और ए रिप्पन ने 1913-14 में ये रिकॉर्ड बनाया था. मैच भी उनकी श्रद्धाश्रमविद्यामंदिर की टीम ने जीत लिया था. मैच में विनोद कांबली ने गेंदबाजी भी एकदम गदरवाली की थी. 37 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे.दो दिन इंतजार करता रहा ये खिलाड़ीपर कांड एक और खिलाड़ी के साथ हुआ था. नाम है अमोल मुज़ुमदार. बेचारे दो दिन तक पैडबांधकर बैठे रहे. कि अब बैटिंग आए. अब बैटिंग आए. मगर बैटिंग नहीं ही आई.सचिन-कांबली ऐसे खेल रहे थे कि वो कभी ना आउट होने वाले थे. अब ऐसी हालत मेंहिंदुस्तान का कोई भी लौंडा आमतौर पर भगवान को ही याद करेगा. कि हे भगवान इनको आउटकरवाओ.पता नहीं मजूमदार क्या कर रहे थे. खैर इस दिन ने भारत को एक अनमोल नगीना दिया. सचिनतेंदुलकर इस पारी के बाद सब जगह छा गए थे. इस पारी ने पहले उनके लिए मुंबई और फिरटीम इंडिया के रास्ते खोल दिए. फिर जो हुआ, उसकी तो पूरी दुनिया गवाह है. ऐसे मेंकायदे से इसी तारीख को सचिन का असली अवतरण दिवस कहना चाहिए. क्रिकेट के भगवान काअवतरण दिवस. जय हो.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें-साउथ अफ्रीका में कोहली ने वो किया है, जो अब तक सिर्फ सचिन ने किया थाअगर बुमराह का बाउंड्री पर लिया कैच कंफ्यूज़िंग था, ये उसका भी बाप हैइस कैच का वीडियो देखकर आप शाहिद अफ्रीदी से दोबारा प्यार करने लगेंगेहर्शल गिब्स: इस सिरफिरे की वो दो पारियां जिनमें वो पागल हो गया थाअब इन्हें DSP हरमनप्रीत कौर कहिए, पंजाब पुलिस जॉइन करने जा रही है ये क्रिकेटरलल्लनटॉप वीडियो देखें-