श्रीसंत को अंडर-13 टीम में भी किया गया था बैन, अब खुद बताई अंपायर के साथ की गई हरकत
एस श्रीसंत को अंडर 13 टीम में छह विकेट लेने के बाद भी नहीं चुना गया था, क्योंकि उन्होंने गुस्से में अंपायर के साथ एक ऐसी हरकत की जिसके बाद उन्हें सस्पेंड होना पड़ा.

लल्लनटॉप के खास शो ‘गेस्ट इन द न्यूजरूम’ में आए इंडियन क्रिकेट के सबसे चर्चित क्रिकेटरों में से एक, एस श्रीसंत. इस दौरान उनसे पूछा गया कि जब वो अंडर-13 टीम के लिए खेल रहे थे, तब उन्होंने ऐसा क्या किया था कि उन्हें बैन कर दिया गया.
लल्लनटॉप से बातचीत में एस श्रीसंत ने बताया,
‘आपकी टीम ने न जाने कहां से ये जानकरी निकाल ली. मेरे अंडर-13 बैन के बारे में शायद ही किसी को पता हो. मैं बहुत अच्छा खेल रहा था. लेकिन मनमोहन जो हमारा कैप्टन था, जो कि विकेटकीपर भी था, उसने कैच छोड़ दिया.’
श्रीसंत आगे कहते हैं,
‘हमलोग 9-10 साल के थे. मैंने कैच छोड़ने पर नाराजगी जताई, तो उसने कहा, हर कैच थोड़ी पकड़ लूंगा. हम बच्चे थे तो इतना बोलना तो स्वाभाविक है. अब इसके बाद हुआ ये कि मेरी कैप मैंने अंपायर को दी थी. अंपायर ने वो कैप अपनी हैट के ऊपर टिकाई हुई थी. अंपायर ये भूल गए थे. मैं तो गुस्सा होकर जा रहा था. तो मैंने उछल कर अपनी कैप उठाई. लेकिन उसके साथ-साथ अंपायर की हैट भी जमीन पर गिर गई.’
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श्रीसंत बताते हैं कि कैप लेने तक तो ठीक था. लेकिन उन्होंने गुस्से में कैप को पैर से मार दिया. लिहाजा उन्हें बैन कर दिया गया. वो बताते हैं कि इसके बाद वो बेंगलुरु गए और पहले से बेहतर क्रिकेटर बनकर लौटे.
श्रीसंत के एग्रेशन का जिक्र उनके पुराने साथी और केरल रणजी टीम के पूर्व कप्तान सोनी चेरावतूर भी करते हैं. टेलीग्राफ से बात करते हुए वो बताते हैं,
‘छोटे बच्चे के तौर पर भी श्रीसंत गेम के दौरान सीनियर प्लेयर्स को घूरा करता था.’
चेरावतूर का मानना है कि श्रीसंत को जिले की अंडर-13 टीम में 6 विकेट लेने के बाद भी नहीं चुना गया, क्योंकि उन्होंने गुस्से में अंपायर से अपनी कैप छीन ली थी. इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था.
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