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टीम इंडिया में जाने के लिए कहां का होना जरूरी? उथप्पा की गायकवाड़ को सलाह, ये बात आगरकर को चुभ जाएगी

रॉबिन उथप्पा ने कहा कि ऋतुराज गायकवाड़ के लिए यह समय आसान नहीं होगा. किसी खिलाड़ी को जब शतक लगाने के बाद बाहर किया जाता है तो उसके लिए पॉजिटिव रहना मुश्किल होता है.

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ऋतुराज गायकवाड़ के लिए रॉबिन उथप्पा ने उठाई आवाज. (Photo-PTI)
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रिया कसाना
7 जनवरी 2026 (Published: 04:54 PM IST)
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युवा ओपनर ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना गया. उन्होंने साउथ अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ सीरीज में शतक भी लगाया. लेकिन, फिर भी टीम से बाहर हो गए. गायकवाड़ के बाहर होने से कई लोग निराश थे. इसमें रॉबिन उथप्पा भी शामिल हैं. उन्हें गायकवाड़ के लिए दुख है कि शानदार प्रदर्शन के बावजूद भी वह टीम से बाहर हो गए. उथप्पा ने यह भी कहा कि गायकवाड़ को और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है क्योंकि वह घरेलू क्रिकेट की तीन बड़ी टीमों से नहीं आते हैं.

ऋतुराज गायकवाड़ के लिए मुश्किल है समय 

साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में गायकवाड़ ने पहले मैच में 8 रन और दूसरे मैच में 105 रन बनाए थे. तीसरे मैच में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था. रॉबिन उथप्पा ने कहा कि ऐसे प्रदर्शन के बाद गायकवाड़ को ड्रॉप किया गया. उनके लिए यह समय आसान नहीं होगा. किसी खिलाड़ी को जब इस तरह से बाहर किया जाता है तो उसके लिए पॉजिटिव रहना मुश्किल होता है. अपने यूट्यूब चैनल पर उथप्पा ने कहा,  

दोस्त, इसे समझना बहुत मुश्किल है. आपको इसे सही ठहराना होगा, है ना? इसका बहुत असर पड़ता है, और आपको किसी न किसी तरह से इसमें कुछ सकारात्मक पहलू ढूंढ़ने पड़ते हैं, जिन पर आप भरोसा कर सकें. इन परिस्थितियों में ऐसा करना आसान नहीं होता. यह बहुत तनावपूर्ण होता है, और आपको इसमें सकारात्मक पहलू देखने का रास्ता खोजना पड़ता है.

यह भी पढ़ें- 21 साल के लड़के ने डबल सेंचुरी ठोकी, 3 धाकड़ पेसर्स के धागे खोलकर रख दिए 

अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने कहा,

भारतीय क्रिकेट की एक चुनौती यह है कि आप लगातार अस्तित्व बचाने की कोशिश में लगे रहते हैं. और इस मानसिकता से बाहर निकलने के लिए बहुत अधिक धैर्य, खुद से बहुत अधिक पॉजिटिव बातें करने की जरूरत होती है, और आपको पॉजिटिव पहलू देखने वाला इंसान बनना पड़ता है.

उथप्पा ने कहा कि छोटे शहरों से आने वालों को खुद को आगे बढ़ाने के लिए लगातार अच्छा करना पड़ता है. उन्होंने कहा,

आपको लगातार संघर्ष करते रहने का रास्ता खोजना होगा. खासकर अगर आप भारत के तीन बड़ी जगहों - मुंबई, दिल्ली और पंजाब - में से किसी एक से नहीं आते हैं. अगर आप इन जगहों में से किसी एक से नहीं हैं, तो आपको खुद को लगातार आगे बढ़ाते रहना होगा.

ऋतुराज गायकवाड़ का प्रदर्शन

गायकवाड़ इस समय विजय हजारे ट्रॉफी में खेल रहे हैं. उन्होंने अब तक छह मैचों में 55.80 के औसत से 279 रन बनाए हैं. वह यहां एक शतक और एक अर्धशतक लगा चुके हैं. गायकवाड़ अच्छी फॉर्म में है. उनकी कप्तानी में महाराष्ट्र ने छह में से तीन मैच जीते हैं. तीन में उन्हें हार मिली है. ग्रुप सी में गायकवाड़ की टीम तीसरे स्थान पर हैं. गायकवाड़ ने 2022 में अपना वनडे डेब्यू किया था, लेकिन तब से उन्हें लगातार मौके नहीं मिले हैं; नौ मैचों में, उन्होंने 28.50 के औसत से 228 रन बनाए हैं. इसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है.

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