रिंकू सिंह ने वो किया, जो केवल सहवाग ही कर पाए, किस लिस्ट में आ गया नाम?
ICC मेंस T20I में भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच रोमांचक मैच हुआ. इस मैच के आखिरी बॉल पर जो हुआ, उससे जुड़े नियम क्या कहते हैं?

भारत ने गुरूवार, 23 नवंबर को विशाखापट्टनम में हुए T20I मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार जीत हासिल की. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और विकेट कीपर ईशान किशन ने अर्धशतक लगाया. मैच के बाद ईशान ने 2 विकेट से हुई इस जीत का क्रेडिट दिया गेंदबाज मुकेश कुमार और रिंकू सिंह को. रिंकू सिंह ने आखिरी ओवर में मैच जिताया. हालांकि, रिंकू ने इस दौरान उस लिस्ट में अपना नाम लिखवा लिया, जिसमें केवल वीरेंद्र सहवाग का नाम ही शामिल है. आइए बताते हैं रिंकू ने किस लिस्ट में अपना नाम लिखवा लिया.
रिंकू सिंह ने ऐसा क्या किया?गुरूवार को हुए इस T20I मैच में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट्स के नुकसान पर 208 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम ने आखिरी ओवर में एक बॉल के रहते मैच जीत लिया. जीत के लिए भारतीय टीम को आखिरी बॉल पर 1 रन की आवश्यकता थी. आखिरी गेंद पर रिंकू सिंह ने छक्का मारा. थर्ड अपांयर ने इस गेंद को नो बॉल बताया. चूंकि भारत को जीत के लिए एक ही रन की आवश्यकता थी, जो उसे नो बॉल से मिल गया. इसलिए नो बॉल से ही भारत की जीत सुनिश्चित हो गई. मतलब ये कि रिंकू सिंह ने जब ये शानदार छक्का लगाया, तब तक भारत की जीत हो चुकी थी. इसलिए इस छक्के को ना तो भारतीय टीम के स्कोर में जोड़ा गया और ना ही रिंकू सिंह के व्यक्तिगत स्कोर में.
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क्या कहते हैं नियम?
ICC मेंस T20I की प्लेइंग कंडीशन 16.5.1 के अनुसार, मैच जैसे ही क्लॉज 16.1, 16.2 या 16.3.1 में दी गई परिभाषा के तहत नतीजे पर पहुंचता है, वैसे ही मैच को समाप्त माना जाता है. पेनाल्टी रन (खंड 41.17.2) को छोड़कर इसके बाद जो भी होता है, उसको खेल का हिस्सा नहीं माना जाता.

कुल मिलाकर नियम यही है कि जैसे ही कोई एक टीम विनिंग स्कोर पर पहुंचती है, मैच खत्म हो जाता है. इसके बाद चौका लगा हो या छक्का, उसको स्कोर में नहीं जोड़ा जाता.
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जब सहवाग 99 पर वापस आ गएकेवल रिंकू सिंह ही नहीं, इससे पहले भारत के एक और धाकड़ बल्लेबाज के साथ भी ऐसी परिस्थिति बन चुकी है. नाम है वीरेंद्र सहवाग. 2010 में सहवाग नो बॉल के कारण शतक लगाने से चूक गए थे. तब श्रीलंका में खेली गई ट्रायंगुलर सीरीज में सहवाग को शतक के लिए 1 रन की जरूरत थी, वो 99 के व्यक्तिगत स्कोर पर थे. भारत को भी जीत के लिए 1 रन ही चाहिए था. गेंदबाज सूरज रणदीव ने गेंद फेंकी जिसपर सहवाग ने सिक्स मार दिया, लेकिन अंपायर ने नो बॉल का इशारा कर दिया. इस तरह भारत तो जीत गया, लेकिन सहवाग अपने शतक से 1 रन से चूक गए.
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