युवराज से पहले भी एक बार वर्ल्ड कप में छह बॉल पर छह छक्के लगाए गए थे
इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार ऐसा हुआ था, आज ही के दिन!
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फोटो - thelallantop
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19 सितंबर 2007 का ही वो दिन था, जब युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर की छह की छह की गेंदों को सीमारेखा से बाहर भेजा था. आसमान के रास्ते. ये घटना और बड़ी बन जाती है जब हमें पता लगता है कि वो वर्ल्ड कप का मैच था. साउथ अफ्रीका में चल रहे टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप का वो ग्रुप मैच, डरबन के मैदान पर खेला गया था.

युवराज सिंह.
लेकिन ये पहली घटना नहीं थी, जब किसी वर्ल्ड कप के मैच में एक ओवर की सभी गेंदों पर सिक्सर लगे हो. इससे पहले ये कारनामा हो चुका था. साल वही था, बस महीना मार्च का था. इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ था तब. किया था साउथ अफ्रीका के धाकड़ बल्लेबाज़ हर्शेल गिब्स ने.
तारीख थी 16 मार्च 2007. वेस्ट इंडीज में चल रहे नौवें वर्ल्ड कप का सातवां मैच था वो. ग्रुप A की टीमें साउथ अफ्रीका और नेदरलैंड्स के बीच. कहना न होगा कि ये बराबरी की लड़ाई नहीं थी. बावजूद इसके हर्शेल गिब्स की उस पारी का महत्व कम नहीं हो जाता.

उस मैच में गिब्स ने 40 गेंदों पर 72 रन मारे थे. 7 छक्के और 4 चौकों समेत. 114 रन पर स्मिथ आउट के बाद गिब्स आए और छा गए. अगले 12 ओवरों में उनके और कैलिस के बीच 100 से ज़्यादा रनों की पार्टनरशिप हो चुकी थी. बहरहाल, यहां जिस ओवर की बात चल रही है वो पारी का 30वां ओवर था. शिकार थे डान वैन बंज.
उस ओवर की सूरतेहाल कुछ ऐसी थी.
गिब्स की इस आतिशबाज़ी और कैलिस-बाउचर की तूफानी बल्लेबाज़ी की बदौलत साउथ अफ्रीका ने 353 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. वो तो शुक्र था कि बारिश की वजह से मैच सिर्फ 40 ओवर का था. वरना उस दिन 500 का आंकड़ा भी पहुंच में लग रहा था. जवाब में नेदरलैंड्स 132 तक ही पहुंच पाई. साउथ अफ्रीका ने 221 रनों से मैच जीता, जो उनकी वन डे की सबसे बड़ी जीत थी.
भले ही इंटरनेशनल क्रिकेट में ये पहली बार हुआ हो लेकिन ज़्यादा दिन ये रिकॉर्ड अकेले न रह सका. तकरीबन छह महीने बाद ही युवराज सिंह नाम की आंधी आई.
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युवराज सिंह.
लेकिन ये पहली घटना नहीं थी, जब किसी वर्ल्ड कप के मैच में एक ओवर की सभी गेंदों पर सिक्सर लगे हो. इससे पहले ये कारनामा हो चुका था. साल वही था, बस महीना मार्च का था. इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ था तब. किया था साउथ अफ्रीका के धाकड़ बल्लेबाज़ हर्शेल गिब्स ने.
तारीख थी 16 मार्च 2007. वेस्ट इंडीज में चल रहे नौवें वर्ल्ड कप का सातवां मैच था वो. ग्रुप A की टीमें साउथ अफ्रीका और नेदरलैंड्स के बीच. कहना न होगा कि ये बराबरी की लड़ाई नहीं थी. बावजूद इसके हर्शेल गिब्स की उस पारी का महत्व कम नहीं हो जाता.

उस मैच में गिब्स ने 40 गेंदों पर 72 रन मारे थे. 7 छक्के और 4 चौकों समेत. 114 रन पर स्मिथ आउट के बाद गिब्स आए और छा गए. अगले 12 ओवरों में उनके और कैलिस के बीच 100 से ज़्यादा रनों की पार्टनरशिप हो चुकी थी. बहरहाल, यहां जिस ओवर की बात चल रही है वो पारी का 30वां ओवर था. शिकार थे डान वैन बंज.
उस ओवर की सूरतेहाल कुछ ऐसी थी.
पहली गेंद - लॉन्ग ऑन पर सिक्स. दूसरी गेंद - लॉन्ग ऑफ पर सिक्स. तीसरी गेंद - फिर से लॉन्ग ऑफ पर सिक्स. चौथी गेंद - फुल टॉस और डीप मिड-विकेट के ऊपर से सिक्स. पांचवीं गेंद - शॉर्ट गेंद और बॉलर के सर के ऊपर से सिक्स. आख़िरी गेंद - ये भी शॉर्ट और इसका भी नतीजा वही.ओवर ख़त्म होने तक हर्शेल गिब्स दुनिया के इकलौते आदमी बन चुके थे ये करिश्मा कर दिखाया था. न सिर्फ वर्ल्ड कप बल्कि इंटरनेशनल क्रिकेट में इस तरह की ये पहली घटना थी. इससे पहले रवि शास्त्री ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में किया था ये.
गिब्स की इस आतिशबाज़ी और कैलिस-बाउचर की तूफानी बल्लेबाज़ी की बदौलत साउथ अफ्रीका ने 353 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. वो तो शुक्र था कि बारिश की वजह से मैच सिर्फ 40 ओवर का था. वरना उस दिन 500 का आंकड़ा भी पहुंच में लग रहा था. जवाब में नेदरलैंड्स 132 तक ही पहुंच पाई. साउथ अफ्रीका ने 221 रनों से मैच जीता, जो उनकी वन डे की सबसे बड़ी जीत थी.
भले ही इंटरनेशनल क्रिकेट में ये पहली बार हुआ हो लेकिन ज़्यादा दिन ये रिकॉर्ड अकेले न रह सका. तकरीबन छह महीने बाद ही युवराज सिंह नाम की आंधी आई.
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