इंडिया वर्सेज़ इंग्लैंड. मामला खतम हो चुका है. सुलटा नहीं है. वन-डे सीरीज़ भी खतमहो गयी है. टेस्ट सीरीज़ की तरह. लेकिन अभी टी-20 बचा हुआ है. 26 जनवरी से वो भीशुरू हो जायेगा. इस बार विराट कोहली की कप्तानी में. खैर, वन-डे जब खतम हुआ तोइंग्लैंड के लिए एक अच्छी बात हुई. फाइनली इंग्लैंड की टीम को एक मैच जीतने कोमिला. बांग्लादेश के बुरे दौरे के बाद इंडिया में भी उसे काफी दिक्कत झेलनी पड़ी.कोई तो ये तक कहने लगा था कि विराट कोहली अगर मार रहा है तो खाली इंडियन विकेट्स कीवजह से. कोहली ने सन्डे की शाम को ईडेन गार्डन्स में खलते हुए ये भी बता दिया कि वोकितना ग़लत था. वही जो इस वन-डे सीरीज़ में खेल ही नहीं रहा था. इंग्लैंड का फ़ास्टबॉलर जिमी एन्डरसन. मैच शुरू होते ही पिच का मिजाज़ मालूम चला तो समझ आया कि मैचकांटे का फंसेगा. सारा खेल मीडियम पेसर्स और फ़ास्ट बॉलर्स का ही लग रहा था. पिच परस्पिनर्स को टर्न उतनी नहीं मिल रही थी जितनी मिलनी चाहिए थी. भुवनेश्वर कुमार कीगेंद धोनी अपने कंधे पर या उससे ऊपर ही पकड़ रहे थे. ऐसी पिच पर इंग्लैंड ने बढ़ियास्टार्ट के बाद ठीक गति से रन बनाने शुरू किये जिसे बाद में बेन स्टोक्स ने पांचवेंगियर में पहुंचा दिया. जवाब में इंडियन ओपनर्स एक रिवाज़ की तरह फिर से जल्दी आउट होगए. कोहली भी रिवाज़ी हो गए हैं. हर बार की तरह मारा. पचासा पूरा. किया. 39 पचासे.वन डे में. युवराज टिके तो रहे लेकिन भगवान भरोसे. पुल करने के लिए जो मिला उसे पुलकिया. जो नहीं कर पाए उए देह पर खाते चले गए. "जो मिल गया उसी को मुकद्दर समझ लिया,जो न मिला मैं उसको भुलाता चला गया." साहिर लुधियानवी ने लिखा था. फिल्म - हमदोनों. रफ़ी की आवाज़ में. धोनी आये. कुछ देर रुके. और चले गए. मामला संभालना शुरूकिया केदार जाधव ने. जब तक वो सेटल होते, कोहली चलते बने. असली खेला हुआ जब जाधव औरपंड्या ने हौंकना शुरू किया. जाधव को सब दिख रहा था और पंड्या कुछ भी देखना नहींचाह रहे थे. अंधी हौंक रहे थे. पचासे के बाद वो भी निकले. ग़लत वक़्त पर ग़लत शॉट.हालांकि सही शॉट्स पंड्या ने बहुत कम मारे. खैर, जडेजा से आस थी. 5 गेंद में 10 रनमारे. छठी पर कैच दे दिया. अश्विन कैच आउट हुए. आखिरी ओवर में 16 रन. पहली गेंद 6रन. दूसरी गेंद 4 रन. इसके बाद कोई रन नहीं. जाधव आउट हुए. आखिरी गेंद पर भुवनेश्वरसे भी कुछ न हुआ. इंडिया हार गयी. 5 रन से. कोई कह रहा था कि ये वही 5 रन हैं जोधवन बनाता था. नहीं खिलाया तो हार गए. खैर, मैच में कुछ रिकॉर्ड बने. काफीइंट्रेस्टिंग - ये पहली दफ़ा है जब किसी तीन मैचों की सीरीज़ में 2 हज़ार से भी ज़्यादारन बने हैं. इस सीरीज़ में कुल 2090 रन बने. इससे पहले रिकॉर्ड अफ्रीका इलेवेन औरएशिया इलेवेन के बीच हुए 3 मैचों की सीरीज़ एफ्रो एशिया कप 2007 के नाम था. उस सीरीज़में कुचल 1892 रन बने थे. इस सीरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाये हैं केदार जाधाव ने.कुल रन 232. ऐवरेज 77.33 का. केदार जाधव का इस सीरीज़ में स्ट्राइक रेट था 144.09का. ये किसी भी 3 मैचों की सीरीज़ में किसी इंडियन का तीसरा सबसे ज़्यादा स्ट्राइकरेट है. इसके पहले सहवाग ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ 150.25 के और रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ़ 147.56 के स्ट्राइक रेट से रन बनाये थे. विराट कोहली ने बतौर कप्तान1000 रन बना लिए हैं. वो भी मात्र 17 इनिंग्स में. और ये एक रिकॉर्ड है. इससे पहलेये रिकॉर्ड एबी डिविलियर्स के नाम था. डिविलियर्स ने ये काम 18 इनिंग्स में कियाथा. विराट कोहली आख़िरकार अपनी कप्तानी में एक मैच हार गए हैं. इससे पहले उन्होंने19 मैचों में कप्तानी की है. टेस्ट और वन-डे मिलाकर. जिसमें इंडिया हार नहीं है. 18जीत और एक ड्रा मैच के साथ. ईडेन गार्डन्स में पिछले 5 डे-नाइट मैचों में वही टीमजीती है जिसने पहले बैटिंग की है. यानी ईडेन में जीतना है तो पहले बैटिंग करना है.