MI vs RCB: इन 5 खिलाड़ियों ने वर्ल्ड कप में इंडिया की मज़बूत दावेदारी का सबूत दिया है
क्या है कि आज-कल हर मामले में सबूत देना ज़रूरी हो गया है. ;)
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फोटो - thelallantop
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आईपीएल के तुरंत बाद वर्ल्ड कप खेला जाना है. कई लोग इस बात से परेशान हैं और कई खुश. परेशान इस बात से हैं कि अगर कोई प्लेयर चोटिल हो गया तो इसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ सकता है. खुश इस बात से हैं कि सभी प्लेयर जम के खेल रहे हैं, लिहाज़ा प्रैक्टिस और फ़िटनेस दोनों पर काम होता रहेगा. मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के बीच आईपीएल का सातवां मैच खेला गया. ये एक ऐसा मैच था जिसमें इंडिया की ओर से वर्ल्ड कप में खेलने वाले काफ़ी खिलाड़ी मैदान में दिखे. अच्छी बात ये है कि इन सभी खिलाड़ियों ने इस मैच में बेहतरीन खेल दिखाया है. हम ऐसे ही पांच खिलाड़ियों की बात कर रहे हैं जिनका वर्ल्ड कप में खेलना लगभग तय है. और इनका एक-दूसरे के साथ और एक-दूसरे के ख़िलाफ़ अच्छा परफॉर्म करना काफ़ी अच्छा संकेत है.

आरसीबी के कप्तान विराट कोहली
भारतीय टीम की कप्तानी इन्हीं के हाथों में रहेगी. हालांकि पिछले काफ़ी समय से कोहली की कप्तानी घेरे में है और दबी आवाज़ में ही सही ये कहा जा रहा है कि रोहित शर्मा उनसे बेहतर कप्तान हैं. लेकिन चूंकि वर्ल्ड कप में विकेट्स के पीछे धोनी की जगह लगभग पक्की है इसलिए इस बारे में ज़्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. आईपीएल में मुंबई के ख़िलाफ़ मैच में कोहली ने 32 बॉल में 46 रन बनाए. इसमें 6 चौके भी शामिल थे. कोहली के शॉट्स देखने लायक थे. इसी मैच में कोहली ने आईपीएल में अपने 5000 रन पूरे कर लिए. चेन्नई सुपर किंग्स के सुरेश रैना के बाद कोहली 5000 के पार पहुंचने वाले दूसरे बैट्समैन बन गए हैं. पहले मैच में कोहली ने उतना अच्छा परफॉर्म नहीं किया था और सस्ते में निपट गए थे.
मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा
कोहली की ही तरह पहले मैच में रोहित शर्मा भी फेल हुए थे. मुंबई वो मैच हारी थी. लेकिन बैंगलोर के ख़िलाफ़, एक अच्छे विकेट पर रोहित ने 33 गेंदों में 48 रन बनाए. इनका स्ट्राइक रेट 145 का रहा. यानी एक क्विक इनिंग्स. इस पारी में रोहित ने 1 छक्का और 8 चौके लगाए. मुंबई को एक सॉलिड शुरुआत दी. रोहित ने एक बार फिर जताया कि अपनी लय मेंन खेलते हुए वो काफ़ी अटैकिंग क्रिकेट खेल सकते हैं और इसके लिए उन्हें बस आंखें सेट होने भर की मोहलत ही चाहिए.
डेथ ओवर में बुमराह से शानदार बॉलिंग की.
बुमराह इस वक़्त अपने कंधे पर दुनिया के नंबर एक बॉलर का भार ढो रहे हैं. आईपीएल के पहले ही मैच में उनके कंधे में कुछ दिक्कत हुई थी और इसका दर्द पूरे इंडियन क्रिकेट और उसकी वर्ल्ड कप कि तैयारी ने महसूस किया था. लेकिन अच्छी बात ये रही कि उन्होंने अगले मैच में गेंदबाज़ी की और ऐसा नहीं लगा कि उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत हो रही थी. मैच के सेकण्ड लास्ट ओवर में जिस तरह से दिमागदार बॉलिंग करते हुए उन्होंने सिर्फ़ 5 रन दिए और 1 विकेट भी निकाला, ये भारतीय बॉलिंग की उस खाली जगह को भरता है जिसमें अब तक कोई भी अच्छा डेथ बॉलर फ़िट नहीं बैठ रहा था. बैंगलोर के ख़िलाफ़ अपने पहले ओवर में 12 रन देने के बाद बुमराह ने अगले 3 ओवर में मात्र 8 रन दिए.
ऑलराउंडर हार्दिक पंडया.
मुंबई के लिए आख़िरी ओवर्स में बैटिंग करने वाले हार्दिक पंड्या ने 4 गेंदों में 6 रन बनाने के बाद अगली 10 गेंदों में 26 रन बनाए. इन्हीं तेज़ी से बनाए रन्स ने मुंबई को 180 के पार पहुंचाया. आख़िरी में यही रन मुंबई और बैंगलोर के बीच का अंतर बने. पंड्या ने अच्छे शॉट्स लगाए. मार्जिन पर फ़ेंकी गई गेंदों को बाउंड्री पार पहुंचाने में कोई कोताही नहीं बरती. पतली देह के बावजूद वो तगड़े शॉट्स मारते हैं और डेथ ओवर्स में किसी भी ढील पर वो ज़्यादा से ज़्यादा रन्स बटोर सकते हैं. ये उनकी सबसे बड़ी ताकत है. हालांकि उन्हें बॉलिंग में कुछ ज़रूर पीटा गया लेकिन इसी के साथ वो विकेट्स निकालने में और अपनी फ़ील्डिंग के दम पर 10-15 रन्स रोकने में पूरी तरह से माहिर हैं. इंग्लैंड के विकेट्स उनकी बॉलिंग के लिए मुफ़ीद होंगे जहां गेंद स्किड करती हुई पहुंचती है. मैच में हार्दिक ने 14 गेंदों में ताबड़तोड़ 32 रन बनाए. इसमें 2 चौके और 3 छक्के शामिल थे. एक छक्का तो इन्होंने 103 मीटर का था.
युजवेंद्र चाहल
इस वक़्त टीम इंडिया का प्राइमरी स्पिनर और वर्ल्ड क्लास रिस्ट स्पिनर. मुंबई इंडियन्स से शुरुआत करने वाले चाहल ने बैंगलोर के लिए काफ़ी अच्छी परफॉरमेंस दी हैं. विराट कोहली के लिए चाहल सबसे बड़े विकेट टेकिंग ऑप्शन हैं और ये बात आरसीबी और इंडिया, दोनों टीमों में लागू होती है. विकेट्स के पीछे धोनी जब उन्हें लगातार निर्देश देते रहते हैं तो वो और भी धारदार बॉलिंग करते हैं. चाहल को मुंबई के ख़िलाफ़ मैच में सबसे ज़्यादा युवराज सिंह के विकेट के लिए याद किया जा रहा है और यकीनन ये उनकी मेच्योरिटी का सबसे बड़ा सबूत है. दो छोटी और एक बल्ले पर दी गई गेंदों पर लगातार 3 छक्के खाने के बाद जिस तरह से उन्होंने युवराज को लालच देकर हवा में बॉल उठवाई, एक अच्छे स्पिनर की निशानी है. वर्ल्ड कप में चाहल पर विकेट्स निकालने की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी होगी. आईपीएल में पर्पल कैप अभी चाहल के ही पास है.
वीडियो- IPL 2019: जानिए कहानी आर्किटेक्ट की नौकरी छोड़कर आए मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की
1. विराट कोहली

आरसीबी के कप्तान विराट कोहली
भारतीय टीम की कप्तानी इन्हीं के हाथों में रहेगी. हालांकि पिछले काफ़ी समय से कोहली की कप्तानी घेरे में है और दबी आवाज़ में ही सही ये कहा जा रहा है कि रोहित शर्मा उनसे बेहतर कप्तान हैं. लेकिन चूंकि वर्ल्ड कप में विकेट्स के पीछे धोनी की जगह लगभग पक्की है इसलिए इस बारे में ज़्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. आईपीएल में मुंबई के ख़िलाफ़ मैच में कोहली ने 32 बॉल में 46 रन बनाए. इसमें 6 चौके भी शामिल थे. कोहली के शॉट्स देखने लायक थे. इसी मैच में कोहली ने आईपीएल में अपने 5000 रन पूरे कर लिए. चेन्नई सुपर किंग्स के सुरेश रैना के बाद कोहली 5000 के पार पहुंचने वाले दूसरे बैट्समैन बन गए हैं. पहले मैच में कोहली ने उतना अच्छा परफॉर्म नहीं किया था और सस्ते में निपट गए थे.
2. रोहित शर्मा

मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा
कोहली की ही तरह पहले मैच में रोहित शर्मा भी फेल हुए थे. मुंबई वो मैच हारी थी. लेकिन बैंगलोर के ख़िलाफ़, एक अच्छे विकेट पर रोहित ने 33 गेंदों में 48 रन बनाए. इनका स्ट्राइक रेट 145 का रहा. यानी एक क्विक इनिंग्स. इस पारी में रोहित ने 1 छक्का और 8 चौके लगाए. मुंबई को एक सॉलिड शुरुआत दी. रोहित ने एक बार फिर जताया कि अपनी लय मेंन खेलते हुए वो काफ़ी अटैकिंग क्रिकेट खेल सकते हैं और इसके लिए उन्हें बस आंखें सेट होने भर की मोहलत ही चाहिए.
3. जसप्रीत बुमराह

डेथ ओवर में बुमराह से शानदार बॉलिंग की.
बुमराह इस वक़्त अपने कंधे पर दुनिया के नंबर एक बॉलर का भार ढो रहे हैं. आईपीएल के पहले ही मैच में उनके कंधे में कुछ दिक्कत हुई थी और इसका दर्द पूरे इंडियन क्रिकेट और उसकी वर्ल्ड कप कि तैयारी ने महसूस किया था. लेकिन अच्छी बात ये रही कि उन्होंने अगले मैच में गेंदबाज़ी की और ऐसा नहीं लगा कि उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत हो रही थी. मैच के सेकण्ड लास्ट ओवर में जिस तरह से दिमागदार बॉलिंग करते हुए उन्होंने सिर्फ़ 5 रन दिए और 1 विकेट भी निकाला, ये भारतीय बॉलिंग की उस खाली जगह को भरता है जिसमें अब तक कोई भी अच्छा डेथ बॉलर फ़िट नहीं बैठ रहा था. बैंगलोर के ख़िलाफ़ अपने पहले ओवर में 12 रन देने के बाद बुमराह ने अगले 3 ओवर में मात्र 8 रन दिए.
4. हार्दिक पंड्या

ऑलराउंडर हार्दिक पंडया.
मुंबई के लिए आख़िरी ओवर्स में बैटिंग करने वाले हार्दिक पंड्या ने 4 गेंदों में 6 रन बनाने के बाद अगली 10 गेंदों में 26 रन बनाए. इन्हीं तेज़ी से बनाए रन्स ने मुंबई को 180 के पार पहुंचाया. आख़िरी में यही रन मुंबई और बैंगलोर के बीच का अंतर बने. पंड्या ने अच्छे शॉट्स लगाए. मार्जिन पर फ़ेंकी गई गेंदों को बाउंड्री पार पहुंचाने में कोई कोताही नहीं बरती. पतली देह के बावजूद वो तगड़े शॉट्स मारते हैं और डेथ ओवर्स में किसी भी ढील पर वो ज़्यादा से ज़्यादा रन्स बटोर सकते हैं. ये उनकी सबसे बड़ी ताकत है. हालांकि उन्हें बॉलिंग में कुछ ज़रूर पीटा गया लेकिन इसी के साथ वो विकेट्स निकालने में और अपनी फ़ील्डिंग के दम पर 10-15 रन्स रोकने में पूरी तरह से माहिर हैं. इंग्लैंड के विकेट्स उनकी बॉलिंग के लिए मुफ़ीद होंगे जहां गेंद स्किड करती हुई पहुंचती है. मैच में हार्दिक ने 14 गेंदों में ताबड़तोड़ 32 रन बनाए. इसमें 2 चौके और 3 छक्के शामिल थे. एक छक्का तो इन्होंने 103 मीटर का था.
5. युजवेंद्र चाहल

युजवेंद्र चाहल
इस वक़्त टीम इंडिया का प्राइमरी स्पिनर और वर्ल्ड क्लास रिस्ट स्पिनर. मुंबई इंडियन्स से शुरुआत करने वाले चाहल ने बैंगलोर के लिए काफ़ी अच्छी परफॉरमेंस दी हैं. विराट कोहली के लिए चाहल सबसे बड़े विकेट टेकिंग ऑप्शन हैं और ये बात आरसीबी और इंडिया, दोनों टीमों में लागू होती है. विकेट्स के पीछे धोनी जब उन्हें लगातार निर्देश देते रहते हैं तो वो और भी धारदार बॉलिंग करते हैं. चाहल को मुंबई के ख़िलाफ़ मैच में सबसे ज़्यादा युवराज सिंह के विकेट के लिए याद किया जा रहा है और यकीनन ये उनकी मेच्योरिटी का सबसे बड़ा सबूत है. दो छोटी और एक बल्ले पर दी गई गेंदों पर लगातार 3 छक्के खाने के बाद जिस तरह से उन्होंने युवराज को लालच देकर हवा में बॉल उठवाई, एक अच्छे स्पिनर की निशानी है. वर्ल्ड कप में चाहल पर विकेट्स निकालने की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी होगी. आईपीएल में पर्पल कैप अभी चाहल के ही पास है.
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