भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने बताया है कि उनके कोचिंगकरियर का सबसे बुरा दिन कौन सा था. रवि शास्त्री की नज़र में उनके कोचिंग करियर कासबसे बुरा दिन टीम इंडिया का 36 रन पर ऑल आउट होना रहा. भारतीय टीम को मिली उसशर्मनाक हार के बाद टीम को फिर से खड़ा करना और उनमें जीत का विश्वास जगाना उनके लिएकाफी मुश्किल रहा. एडिलेड में हुए उस टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने एक ही सेशन मेंअपने नौ विकेट गंवा दिए थे. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था जबटीम इतने कम के स्कोर पर ऑल आउट हो गई. कोच शास्त्री का कहना है कि टीम के सभीखिलाड़ियों के लिए वह एक बुरे सपने जैसा था. किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि येहुआ तो हुआ कैसे. द वीक को दिए इंटरव्यू में शास्त्री ने उस दिन को याद करते हुएकहा, 'देखिए, कोच की तरफ हमेशा आलोचनाओं की बंदूक तनी रहती है. इसमें कोई दूसराविकल्प नहीं है. यही इस काम की विडंबना है. आपको पहले दिन से इसके लिए तैयार रहनापड़ता है. मुझे पता था कि इससे बचा नहीं जा सकता. 36 रन पर ऑल आउट होना मेरे करियरका सबसे बुरा पल था. पिछले दिन का खेल खत्म हुआ तो हमारे हाथ में नौ विकेट थे औरउसके बाद हम सिर्फ 36 रन पर सिमट गए. हमे मैच में बने रहने के लिए 80-90 रन औरबनाने थे जो हम नहीं कर पाए. हम सब सुन्न पड़ गए. सबको एक सदमा सा लग गया कि ये कैसेहो सकता है.' हालांकि भारतीय टीम ने इस बेहद शर्मनाक प्रदर्शन का असर पूरी सीरीज़पर नहीं पड़ने दिया. पहला टेस्ट आठ विकेट से हारने के बाद भारतीय टीम ने अगला मैचउतने ही विकेट से अपने नाम किया. तीसरा टेस्ट ड्रॉ करवाया और चौथे टेस्ट को जीतइतिहास रच दिया. शास्त्री का कहना है कि पहले मैच में जो हुआ उसके बाद ऑस्ट्रेलियामें सीरीज़ जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि रही. उन्होंने कहा, 'सिर्फ मैं ही जिम्मेदारनहीं हूं. लेकिन मैं वो पहला इंसान ज़रूर हूं जो कहेगा कि मैं इसके लिए जिम्मेदारहूं और आलोचना सुनने के लिए तैयार हूं. यहां छुपने के लिए कोई जगह नहीं है. मैंनेलड़कों को उस चीज़ पर फोकस करने के लिए कहा जो चीजें वो आगे कर सकते हैं. इसके बादलड़कों ने कमाल कर दिया. 36 पर आल ऑउट होने के एक महीने बाद 19 जनवरी को हम सीरीज़जीत चुके थे. मैं अभी भी सोच रहा हूं कि वो सब कैसे हुआ. मैं वादा करता हूं कि जबतक मैं जिन्दा रहूंगा लोग उस सीरीज़ जीत कि बात करते रहेंगे.' कोच रवि शास्त्री नेसाल 2017 में पहली बार ये कार्यभार संभाला था. 2019 के वर्ल्ड कप के बाद अपने दूसरेसत्र में वो दोबारा भारतीय टीम के कोच बने. शास्त्री की कोचिंग में भारतीय टीम नेभले ही कोई ICC टूर्नामेंट ना जीता हो लेकिन टीम का प्रदर्शन आला दर्जे का रहा. रविशास्त्री के रहते भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर दो बार ऑस्ट्रेलिया को हराया औरपहली बार हुई वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल तक भी पहुंची.