'IPL में तो सही खेलते हैं... इनका प्रॉब्लम क्या है' लगातार लचर प्रदर्शन पर भड़के रवि शास्त्री!
वेस्टइंडीज़ की टीम निरंतर खराब प्रदर्शन करती आ रही है.

वेस्टइंडीज़ (West Indies). लिमिटेड ओवर फॉर्मेट की सबसे सफल टीम्स में से एक. टीम ने पहले वनडे और फिर T20I क्रिकेट में अपना परचम लहराया है. खासकर T20I क्रिकेट में वेस्टइंडीज़ की टीम दुनिया की सबसे धाकड़ टीम मानी जाती थी. लेकिन पिछले कुछ समय से टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आ रही है.
बीते महीने में पहले बांग्लादेश और फिर भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज़ को उन्हीं की सरजमीं पर धो दिया. बांग्लादेश ने जहां तीन मैच की वनडे सीरीज़ में क्लीन स्वीप किया. वहीं भारत ने भी वनडे सीरीज में 3-0 और T20I सीरीज़ में 4-1 के बड़े अंतर से जीत हासिल की. और अब विंडीज़ के इसी प्रदर्शन पर रवि शास्त्री और मोहम्मद कैफ ने सवाल खड़े किए हैं.
पांचवें और आखिरी T20I मैच में भारत ने वेस्टइंडीज़ को 100 रन पर ऑलआउट कर दिया. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 88 रन के बड़े अंतर से जीत हासिल की. इस पूरी सीरीज़ में वेस्टइंडीज़ के बल्लेबाज़ों ने निराश किया. आखिरी मैच के दौरान रवि शास्त्री और मोहम्मद कैफ ने वेस्टइंडीज टीम की खराब हालात पर चर्चा की. फैनकोड पर चर्चा के दौरान रवि शास्त्री ने मोहम्मद कैफ से पूछा,
‘कैफू, आपने इतने सालों तक IPL खेला. वेस्टइंडीज़ के खिलाड़ी भी IPL में खेलते हैं और वहां इतने प्रभावशाली होते हैं. तो इनका प्रॉब्लम क्या है? वो अपने देश के लिए क्यों नहीं खेल पाते? क्या आपने उनसे बात की है?’
इसका जवाब देते हुए कैफ ने कहा कि वेस्टइंडीज़ के पूर्व क्रिकेटर इन खिलाड़ियों को देश के लिए खेलने का महत्व समझाने में सफल नहीं रहे. कैफ ने कहा,
# खराब दौर से गुजर रही वेस्टइंडीज़ की टीम‘इन खिलाड़ियों को विदेशों में खेलने के लिए काफी मैच मिलते हैं .उन्हें पैसा और फेम दोनों मिलता है .यही फ़र्क है. मुझे यह भी लगता है कि उनके पूर्व क्रिकेटर इन खिलाड़ियों को वेस्टइंडीज़ के लिए अच्छा क्रिकेट खेलने की जरूरत समझाने में सफल नहीं रहे. पोलार्ड जब कप्तानी कर रहे थे तो उन्होंने बहुत अच्छा काम किया था. उन्होंने बेहतरीन टीम बनाई थी. उनके पास रसल, ब्रावो और सिमंस जैसे दिग्गज खिलाड़ी थे. पोलार्ड ने उन्हें कैरिबियन टीम के लिए खेलने के लिए राजी कर लिया था.’
वेस्टइंडीज़ की बात करें तो कैरिबियन टीम दो बार T20I विश्व कप की चैंपियन रह चुकी है. लेकिन पिछले कुछ साल में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक ही रहा है. पिछले विश्व कप में टीम ग्रुप स्टेज में हारकर ही बाहर हो गई थी. जबकि द्विपक्षीय सीरीज़ में भी टीम का प्रदर्शन औसत दर्जे का ही रहा है.
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