The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • R Ashwin Wife Prithi talks about the experiences before during and after the sydney test

सिडनी टेस्ट के बाद अश्विन की बिटिया ने कौन सा सवाल पूछ लिया?

अश्विन की पत्नी प्रीति ने बताया.

Advertisement
pic
14 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 14 जनवरी 2021, 09:36 AM IST)
Img The Lallantop
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ टेस्ट सीरीज़ में अश्विन लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. वहां उनका परिवार भी उनके साथ है. (फाइल फोटो- PTI, Instagram)
Quick AI Highlights
Click here to view more
भारतीय क्रिकेट टीम इस समय ब्रिसबेन में है. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ चार मैच की टेस्ट सीरीज़ का चौथा मैच खेलने. सीरीज़ फिलहाल 1-1 से बराबरी पर है. पिछला टेस्ट मैच सिडनी में था और एक वक्त हार के करीब खड़ी टीम इंडिया ने बड़ी दिलेरी से वो मैच ड्रॉ कराया था. इस ड्रॉ के तमाम जो हीरो रहे, उनमें से एक हैं आर अश्विन. मैच के बाद अश्विन की पत्नी प्रीति ने इंडियन एक्सप्रेस से बात की. प्रीति की बातों के ख़ास-ख़ास अंश.. अश्विन के दर्द पर
पिछले कुछ बरसों में मैंने अश्विन को कई बार दर्द में देखा है. इसलिए ये कह सकती हूं कि उसकी दर्द झेलने की क्षमता काफी ज़्यादा है. लेकिन इस बार ये काफी ज़्यादा था (सिडनी टेस्ट के चौथे दिन से). वे सुबह उठे (पांचवें दिन) तो बड़ी मुश्किल से फीजियो के रूम तक पहुंच सके. वो एक ही बात कह रहे थे – मुझे खेलना है. ये काम करके आना है (मैच बचाने का काम).
बच्चियों के सवाल पर
जब अश्विन सुबह इतने दर्द में थे तो बेटी आद्या ने बड़ा मासूम सवाल किया. कहा कि अप्पा, आप आज छुट्टी क्यों नहीं ले लेते? उसका कहना भी ठीक था. कि जब उनकी तबीयत गड़बड़ होती है तो स्कूल से छुट्टी ले लेते हैं. फिर उनके अप्पा ऐसा क्यों नहीं कर सकते?
परिवार वालों की फीलिंग्स
चौथे दिन का मैच मैं टीवी पर देख रही थी. उसी समय मुझे लग रहा था कि अश्विन को बैक में कुछ दिक्कत है. मैच के बाद जब वो कमरे में आए तो मैंने पूछा – तुम ठीक हो? वो तुरंत बोला – तुमने देखा नहीं मुझे बोलिंग करते हुए? मैं समझ गई. अश्विन उस दिन बार-बार फीजियो के पास जा रहे थे. दर्द में थे. मैं जानती थी कि हमारे कई और प्लेयर्स भी चोटिल हैं. मैच अभी किसी भी करवट जा सकता था. मैं सोच ही रही थी कि ये लोग (खिलाड़ी) कैसे मैच खेलेंगे.
प्रीति आगे लिखती हैं -
एक परिवार के तौर पर हमारे इमोशन भी उफान पर होते हैं. हमने इन्हें (खिलाड़ियों को) तैयारी करते, जूझते, प्रतिस्पर्धा की हद तक जाते देखा होता है. काफी करीब से. परिवार वाले भी लगातार उनके इस भाव को समझने की कोशिश करते हैं. लेकिन पूरी तरह तो कभी नहीं समझ पाएंगे.
प्रीति ने उस सवाल का भी ज़िक्र किया, जो अश्विन से उनकी बेटी ने किया. मैच ड्रॉ होने के बाद. उन्होंने बताया कि अश्विन मैच के बाद खुश थे. बेटी आद्या आई और बड़े मासूम तरीके से पूछा – “Did we win?” यानी ‘क्या हम जीत गए’. सवाल मासूम था. शायद उस वक्त अश्विन के पास इसका कोई जवाब भी न रहा हो. छोटी सी बच्ची को आप ड्रॉ का मतलब तो समझा नहीं सकते. लेकिन आद्या जब बड़ी होगी, तब शायद समझेगी कि वो ड्रॉ भी जीत से कम नहीं था.

Advertisement

Advertisement

()