नोटबंदी का दौर है. करारे बड़े नोट काग़ज़ के टुकड़े हुए जा रहे हैं. लोग नाले में फेंकरहे हैं. नदी में डाल रहे हैं. कबाड़ी को बेच रहे हैं. चिल्लर ही काम में आ रहे हैं.चिल्लर इस वक़्त सर्वेसर्वा हैं. और ये बात सिर्फ नोट्स पर लागू नहीं हो रही है. येबात क्रिकेट में भी उतनी ही लागू हो रही है. इंडियन क्रिकेट टीम में पार्थिव पटेलकी वापसी हो रही है. पार्थिव पटेल. टेस्ट स्क्वायड में आठ साल पहले आया नाम. आखिरीबार इंडिया के लिए चार साल पहले एक वन-डे मैच खेला था. 2002 में 17 साल 153 दिन कीउमर में दुनिया का सबसे छोटी उम्र का टेस्ट विकेटकीपर पार्थिव पटेल. और मोहाली मेंखेलने पर वो टीम में दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी होंगे. टीम में पार्थिव पटेल कीवापसी इसलिए हो रही है क्यूंकि रिद्धिमान साहा की लेफ़्ट जांघ में खिंचाव आ गया था.और इसी की वजह से उन्हें तीसरे टेस्ट में खेलने की परमीशन नहीं मिली है. इसके चलतेपार्थिव पटेल एकमात्र विकल्प दिखाई देते हैं. 15 घंटे पहले टीम इंडिया काअनाउन्समेंट हुआ था. उसमें गंभीर को निकालकर भुवनेश्वर कुमार को वापस बुलाया था.तीसरा टेस्ट 26 नवंबर से मोहाली में खेला जाएगा. पार्थिव पटेल को टीम में लेने काएक ये भी फ़ायदा होगा कि हमारे पास एक लेफ़्ट हैंड बैट्समैन मिलेगा. गंभीर के जाने केबाद कोई भी लेफ़्ट हैंड बैट्समैन टीम में नहीं था. साथ ही ऋषभ पंत के लिए टेस्ट मेंआना अभी जल्दबाजी होगी. हालांकि ऋषभ ने दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी में ट्रिपलहंड्रेड मारा था. और एक दूसरी सेंचुरी 48 गेंदों में मारी थी. दिनेश कार्तिक अपनीकीपिंग की वजह से पार्थिव पटेल से पिछड़ गए. पार्थिव का ग्लव वर्क काफी बेहतर है.पिछली बार जब साहा को चोट लगी थी तब नमन ओझा को जगह दी गयी थी. मगर फिलहाल वो खुदभी चोटिल हैं.