The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • Paris Olympics 2024 vinesh phogat plea olympics silver medal extended expected decision 13 august

विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल मिलेगा या नहीं? फैसला टला, ज्यादा समय लगने की वजह भी पता लगी

Paris Olympics 2024: विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) के फैसले के लिए अभी और इंतजार करना होगा. CAS ने इस मामले में फैसले की डेट एक्सटेंड कर दी है. पहले इस मामले में 10 अगस्त को फैसला आना था.

Advertisement
pic
11 अगस्त 2024 (पब्लिश्ड: 10:48 AM IST)
vinesh phogat paris olympics 2024 Court of Arbitration of Sports (CAS)
विनेश फोगाट की याचिका पर फैसले में समय लगेगा. (फाइल फोटो, इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) की याचिका पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में 9 अगस्त को सुनवाई पूरी हो गई थी. लेकिन इस मामले में फैसले के लिए उनको अभी और इंतजार करना होगा. पहले 10 अगस्त को फैसला आने की उम्मीद थी. लेकिन अब इसकी टाइम लाइन बढ़ गई है. अब विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल मिलेगा या नहीं इसका फैसला 13 अगस्त को भारतीय समयानुसार रात 9.30 बजे तक होने की उम्मीद है.

इंडिया टुडे से जुड़े निखिल नाज की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 अगस्त को देश शाम CAS की तरफ से ये अपडेट आया. यह CAS की ओर से आखिरी एक्सटेंशन होने की उम्मीद है. क्योंकि 11 अगस्त को ओलंपिक्स गेम्स 2024 की आखिरी तारीख है. पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि पेरिस ओलंपिक्स के खत्म होने से पहले इस मामले में फैसला आ जाएगा. CAS ने दोनों पक्षों को अतिरिक्त सबूत पेश करने के लिए 11 अगस्त तक का समय दिया है. आमतौर पर एडहॉक पैनल को फैसला सुनाने के लिए 24 घंटे का समय दिया जाता है. लेकिन इस मामले में पैनल ने दूसरी बार एक्सटेंशन की मांग की है.

विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक्स में महिला कुश्ती के 50 किग्रा वर्ग  के फाइनल मुकाबले से पहले अयोग्य ठहरा दिया गया था. जिसके खिलाफ उन्होंने CAS में अपील की थी. विनेश फोगाट को फाइनल की सुबह 100 ग्राम वजन अधिक होने की वजह से अयोग्य ठहराया गया था. उनकी जगह फाइनल में क्यूबा की रेसलर युस्नेलिस गुजमान लोपेज को मौका मिला. जिनको विनेश ने सेमीफाइनल में हराया था. विनेश ने अपनी अपील में लोपेज के साथ संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल दिए जाने की मांग की है.

वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और विदुष्पत सिंघानिया ने कोर्ट में विनेश का पक्ष रखा. ये दोनों पहले भी कई एथलीटों का केस लड़ चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया की डॉ एनाबेले बेनेट इस केस में आर्बिट्रेटर (मध्यस्थ) की भूमिका में हैं.

विनेश फोगाट के चाचा महावीर फोगाट ने फैसले के टलने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हम दो दिन से इंतजार कर रहे हैं. मैं भारत सरकार का आभारी हूं जिन्होंने अच्छे वकील नियुक्त किए. मुझे उम्मीद है कि अच्छी खबर आएगी. हम गोल्ड से वंचित रह गए. लेकिन लोग दुआ कर रहे हैं कि विनेश फोगाट को सिल्वर मिले.

ये भी पढ़ें - हिम्मत ना हारो विनेश... 50 ग्राम से चूके ओलंपिक्स गोल्ड मेडलिस्ट ने विनेश के लिए भेजा संदेश!

कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) एक स्वतंत्र संस्था है. इसका काम दुनिया भर में खेल से जुड़े सभी कानूनी विवादों का निपटारा करना है. इसकी स्थापना साल 1984 में हुई थी. यह मध्यस्थता के माध्यम से खेल से संबंधित विवादों का निपटारा करता है. इसका मुख्यालय स्विटजरलैंड के लॉजेन में है. और इसकी अदालतें न्यूयॉर्क, सिडनी और लॉजेन में स्थित हैं. इसके अलावा ओलंपिक्स की मेजबानी कर रहे शहरों में इसकी अस्थायी अदालत स्थापित की जाती है.

वीडियो: विनेश फोगाट ने कुश्ती से संन्यास लिया, विदेशी मीडिया ने पहलवान पर क्या लिखा?

Advertisement

Advertisement

()