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नीरज और मीराबाई के मेडल्स इसलिए पक्के हैं?

पेरिस ओलंपिक्स 2024. इस मेगा-इवेंट में कई इंडियन एथलीट्स मेडल की दावेदारी पेश करने वाले हैं. जैवलिन, वेटलिफ्टिंग और बैडमिंटन में कौन मेडल ला सकता है, उन नामों पर चर्चा कर लेते हैं.

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Neeraj Chopra and Mirabai Chanu
नीरज चोपड़ा और मीराबाई चानू (फोटो - PTI, Getty)
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गरिमा भारद्वाज
21 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 24 जुलाई 2024, 04:28 PM IST)
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26 जुलाई 2024. इंडियन स्पोर्ट्स फ़ैन्स इस तारीख का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. कारण जिनको नहीं पता, उनको बताते चलते हैं. इस तारीख से पेरिस ओलंपिक्स 2024 की शुरुआत हो जाएगी. इस सबसे बड़े इवेंट में फ़ैन्स अपने अपने फेवरेट स्पोर्टपर्सन को चीयर करेंगे और उम्मीद करेंगे कि वो ओलंपिक्स मेडल के साथ घर लौटे.

लेकिन जाहिर तौर पर, इस मेगा इवेंट में पूरी दुनिया हिस्सा लेती है. ऐसे में इंडियन एथलीट्स के लिए मेडल लाना आसान नहीं होता. लेकिन फिर भी, कुछ एथलीट्स ऐसे होते हैं, जो इतने बड़े इवेंट के प्रेशर को झेलते हुए भारत का झंडा गाड़ ही देते हैं. अभी तक इंडिया में ऐसे 35 एथलीट्स रहे हैं. और इस बार 
इस लिस्ट में और कौन शामिल हो सकता है, चलिए जान लेते हैं.

नीरज चोपड़ा - जैवलिन

इंडिया के गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा. बचपन में वजन कम करने स्टेडियम पहुंचे लड़के ने साल 2021 में पूरे भारत को चौंका दिया था. नीरज एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले इंडियन एथलीट बन गए थे. और उसके बाद से ही उन्होंने कभी भी इंडियन फ़ैन्स का सिर झुकने नहीं दिया. नीरज जिस भी इवेंट में गए उसमें कमाल ही किया.

और इसी कमाल को देखते हुए फ़ैन्स को एक बार फिर से उम्मीद है कि नीरज ओलंपिक्स से एक और मेडल जीतकर ही आएंगे. अब ऐसे दावे करने के लिए आपको नीरज की बीती परफॉर्मेंस भी बताते हैं. ओलंपिक मेडलिस्ट बनने के बाद इन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2022 में सिल्वर मेडल जीता. इसी साल उन्होंने डायमंड लीग की ट्रॉफी उठाई.

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साल 2023 में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. इसी साल एशियन गेम्स में भी गोल्ड जीता. साल 2024 में दोहा डायमंड लीग में दूसरे नंबर पर फिनिश किया. और डॉमेस्टिक इवेंट फेडरेशन कप में भी गोल्ड अपने नाम किया था.

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी - बैडमिंटन

बैडमिंटन. इस गेम में इंडिया को विमेन सिंगल, मेंस सिंगल, विमेंस डबल और मेंस डबल में सात खिलाड़ी रिप्रेसेंट करने वाले हैं. वैसे तो इसमें दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु भी शामिल है. लेकिन मेडल के सबसे प्रबल दावेदार मेंस डबल में इंडिया को रिप्रेसेंट करने वाले सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ही हैं.

बीते कई सालों से इंडिया के लिए बेहतरीन परफॉर्म करती आ रही इस जोड़ी का ये दूसरा ओलंपिक इवेंट है. इन्होंने हर बड़े इवेंट में इंडिया के लिए परफॉर्म करते हुए पोडियम पर फिनिश किया है. साल 2023 में इन्होंने Swiss Open Super 300, Badminton Asia Championships, Indonesia Open Super 1000, Korea Open Super 500 के साथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल भी अपने नाम किया था.

एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली ये पहली इंडियन जोड़ी है. इससे अलग साल 2024 में भी इन्होंने दो टाइटल अपने नाम किए हैं.

लक्ष्य सेन - बैडमिंटन

लक्ष्य सेन. इंडिया के बैडमिंटन सेंसेशन. लक्ष्य पेरिस ओलंपिक्स से अपना डेब्यू करने वाले हैं. साल 2023 इनके लिए बुरा गुज़रा. इंडिया के बेस्ट शटलर माने जाने वाले लक्ष्य कई टूर्नामेंट्स से पहले राउंड, दूसरे राउंड से ही बाहर हुए. साल 2024 की शुरुआत भी ऐसे ही हुई. इंडिया ओपन में इनको साथी देश के प्रियांशु राजावत ने हरा दिया. लक्ष्य एकदम किनारे लगने लगे. हाल ऐसा था कि इंडियन फ़ैन्स श्योर भी नहीं थे कि लक्ष्य ओलंपिक्स के लिए क्वॉलिफाई भी करेंगे या नहीं.

लेकिन फिर लक्ष्य रॉक बॉटम से उठे. और फ्रेंच ओपन, ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमी-फाइनल तक पहुंचे. और इधर भी बाहर होने से पहले खूब फाइट दिखाई. हालांकि, इसके बाद के चार इवेंट्स में से ये तीन में राउंड ऑफ-16 से आगे नहीं बढ़ पाए. लेकिन ऐसे हाल में भी लक्ष्य से खूब उम्मीदें हैं. और इसका कारण उनका बड़े मैच में परफॉर्म करना है.

हालांकि, लक्ष्य के लिए मेडल तक का रास्ता आसान नहीं होगा. उनके ग्रुप में टोक्यो ओलंपिक्स के सेमी-फाइनलिस्ट केविन कॉर्डन के साथ इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी उर्फ जोजो भी हैं. साल 2024 में जोजो के साथ लक्ष्य का हेड टू हेड रिकॉर्ड 2-1 का रहा है. लक्ष्य अगर इन सबसे पार पा जाते हैं तो उनको राउंड ऑफ-16 में अपने हमवतन एच एस प्रणॉय को हराना होगा. और फिर कोडइ नाराओका के सामने संयम से जीतना होगा.

मीराबाई चानू - वेटलिफ्टर

24 जुलाई 2021. इस दिन इंडियन स्पोर्ट फ़ैन्स टीवी से चिपके मणिपुर की लड़की को टोक्यो ओलंपिक में कमाल करते हुए देख रहे थे. मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीत इंडिया का नाम मेडल लिस्ट में दर्ज़ करवा दिया था. इस इवेंट के तीन साल बाद मीराबाई फिर इस टूर्नामेंट में एक्शन में नज़र आएंगी. और एक बार फिर फ़ैन्स उम्मीद लगाए बैठे हैं, कि वो कमाल करके ही लौटेंगी. लेकिन ये आसान नहीं होने वाला है.

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद से ही इंजरीज मीराबाई के साथ-साथ चली है. टोक्यो के बाद साल 2022 में भी वो इंजर्ड हो गई थी. इसी साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में सिल्वर जीतने के बाद मीराबाई पांच महीने के लिए एक्शन से दूर हो गई थी. साल 2023 की वर्ल्ड चैम्पियनशिप में उन्होंने सिर्फ उपस्थिति दर्ज़ कर, एशियन गेम्स के लिए खुद को फिट रखना चुना. लेकिन वहां भी वो चोटिल हो गई. और फिर पांच महीने के लिए एक्शन से दूर हो गईं.

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ओलंपिक्स के साल में मीराबाई ने सिर्फ एक ही टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है. जिसके जरिए उन्होंने पेरिस ओलंपिक्स के लिए क्वॉलिफाई किया है. तो ऐसे में मीराबाई के लिए ये एक चैलेंज हो सकता है. लेकिन वो श्योर है. इस बारे में उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा,

'मैंने मुश्किलों का सामना किया है, लेकिन हर चैलेंज ने मुझे और स्ट्रांग बनाया है. बिल्कुल, मैं पेरिस में अपना बेस्ट देने के लिए प्रतिबद्ध हूं.'

रैंकिंग में नंबर दो पर मौजूद मीराबाई 200Kg या उससे अधिक उठा मेडल की दावेदारी पेश कर सकती हैं. टोक्यो ओलंपिक्स में उन्होंने 202Kg उठाकर मेडल जीता था. इस बार उनको चाइना के साथ थाईलैंड, यूएसए, रोमानिया और जापान से चैलेंज मिल सकता है.

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