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पुरुषों से महिलाओं को पिटवा... ओलंपिक्स मैच पर भड़के मस्क और रॉलिंग क्या बोल गए!

पेरिस ओलंपिक्स. विमेंस बॉक्सिंग के दौरान एक मैच पर विवाद हो गया. फ़ैन्स के साथ तमाम गणमान्य व्यक्ति भी इस मैच को लेकर IOC पर हमलावर हैं. उनका कहना है कि IOC ने महिलाओं की कैटेगरी में पुरुष बॉक्सर उतार दिए हैं.

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1 अगस्त 2024 (पब्लिश्ड: 09:19 PM IST)
Imane Khelif, Angela Carini, Olympics, Boxing
लाल ड्रेस में इमान, जबकि नीली ड्रेस में करीनी हैं (AP)
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पेरिस में बवाल मचा हुआ है. हां, भई ओलंपिक्स तो चल ही रहे हैं. और अब साथ ही बवाल मच गया है. बवाल मचा बॉक्सिंग के एक मैच के बाद. कुल 46 सेकेंड चले इस मैच ने पूरी दुनिया में चर्चा बटोर ली है. 66Kg के राउंड ऑफ़-16 का ये मैच इटली की अंजेला करीनी और अल्जीरिया की इमान खलीफ़ के बीच खेला गया.

महज 46 सेकंड चले इस मैच से करीनी रोते हुए बाहर गईं. और फिर रेफ़री ने इमान को विजयी घोषित कर दिया. और अब इस हार पर बहुत बवाल है. इलॉन मस्क और लेखिका जेके रॉलिंग समेत कई लोग इस मसले पर पोस्ट कर चुके हैं. दरअसल इमान को साल 2023 की वर्ल्ड चैंपियनशिप से डिस्क्वॉलिफ़ाई कर दिया गया था.

ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि वह एक जेंडर टेस्ट में फ़ेल हो गई थीं. इमान के पेरिस आने के बाद से ही इस पर खूब बातें चल रही थीं. और अब ये बातें और भी ज्यादा हो रही हैं. बीते साल जेंडर टेस्ट में फ़ेल रहीं इमान से कुछ मुक्के खाने के बाद करीनी ने मैच छोड़ने का फैसला किया.

यह भी पढ़ें: एक दिन में तीन बार टूटा दिल, ऐसे खत्म हुईं मेडल की तीन बड़ी उम्मीदें!

बाहर जाने से पहले कम से कम एक बार इमान के मुक्कों से करीनी के सर पर लगा गियर अपनी जगह से हट गया था. रेफ़री द्वारा इमान को विजेता घोषित करने के बाद करीनी ने उनसे हाथ भी नहीं मिलाया. वह बस रो रही थीं. घुटनों के बल बैठ, करीनी रिंग में बहुत देर तक रोती रहीं.

रिपोर्ट्स हैं कि इस बाउट के दौरान करीनी की नाक टूट गई है. करीनी ने बाद में बताया भी कि उनकी नाक में काफी दर्द है. करीनी के कपड़ों पर खून भी लगा हुआ था. उन्होंने कहा,

'मुझे नाक में बहुत दर्द महसूस हुआ. और एक बॉक्सर की मैच्यॉरिटी के साथ, मैंने कहा- बहुत हुआ. क्योंकि मैं नहीं चाहती थी, मैं चाहती ही नहीं थी, मैं मैच खत्म नहीं कर पाती.'

इमान ने 2022 की वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप्स में सिल्वर मेडल जीता था. लेकिन इसी संस्था ने अगले साल उन्हें डिस्क्वॉलिफ़ाई कर दिया. करीनी आगे बोलीं,

'मैं यहां जज करने या फैसला सुनाने के लिए नहीं हूं. अगर कोई एथलीट इस तरह है, तो सही-ग़लत का फैसला करना मेरा काम नहीं है. मैंने एक बॉक्सर के रूप में अपना काम किया. मैं रिंग में आई, लड़ी. मैंने अपना सर ऊपर रखते हुए टूटे दिल के साथ ये किया.'

इस मसले ने X पर खूब बवाल मचाया हुआ है. मशहूर अरबपति इलॉन मस्क ने भी इस पर रिएक्ट किया. उन्होंने एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा,

'निश्चित तौर पर.'

जिस पोस्ट पर मस्क ने प्रतिक्रिया दी, उसमें करीनी के पक्ष में माहौल बनाते हुए लिखा था,

'महिलाओं के खेल में पुरुषों की कोई जगह नहीं है. हम अंजेला करीनी के साथ हैं. चलो, इसे ट्रेंड कराते हैं.'

हैरी पॉटर सीरीज़ लिख चुकीं जेके रॉलिंग ने इस पर लिखा,

'ये पूरी थ्रेड देखिए, फिर स्पष्ट करिए कि आपको क्यों इस बात में समस्या नहीं है कि आपके मनोरंजन के लिए एक पुरुष सबके सामने एक महिला को पीट रहा है. यह खेल नहीं है. लाल ड्रेस में बुली करने वाले धोखेबाज से लेकर आयोजकों तक, जिन्होंने ऐसा होने दिया, ये सब पुरुषों द्वारा महिलाओं पर अपनी शक्ति का आनंद लेने का उदाहरण है.'

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल ये है, कि इंटरनेशनल ओलंपिक्स कमिटी (IOC) किसी एथलीट का जेंडर कैसे तय करती है. USA टुडे के मुताबिक IOC के प्रवक्ता मार्क एडम्स ने इस मामले में कहा,

‘मैं बस इतना कहूंगा कि जो भी लोग महिलाओं की कैटेगरी में हैं, सभी पात्रता नियमों का पालन करते हैं. वो अपने पासपोर्ट्स में महिला हैं. बस यही बात है.’

इस मामले में बातें चल रही थीं कि इमान ट्रांसजेंडर हैं. लेकिन एडम्स ने इन बातों को खारिज़ करते हुए कहा,

‘ट्रांसजेंडर वाली बात सही नहीं है, प्रेस में कुछ ग़लत ख़बरें छपी हैं. ये महिलाएं सालों से महिलाओं के रूप में खेल रही हैं. टेस्टोस्टेरोन टेस्ट एक परफ़ेक्ट टेस्ट नहीं है. बहुत सी महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन हो सकता है, यहां तक कि जो ‘मेल लेवल्स’ कहे जाते हैं, उनके बावजूद वो महिला ही हो सकती हैं और महिलाओं के रूप में खेल सकती हैं.

इसलिए, यह विचार कि आप अचानक टेस्टोस्टेरोन टेस्ट करें, यह कोई रामबाण उपाय नहीं है. हर खेल को इस मुद्दे से निपटने की ज़रूरत है लेकिन मुझे लगता है कि हम सहमत हैं, मुझे उम्मीद है कि हम सहमत हैं, हम 'सेक्स टेस्ट' के बुरे पुराने दिनों में वापस नहीं जा रहे हैं. यह एक बुरा विचार होगा.’

बता दें कि पहले के मामलों में टेस्टोस्टेरोन टेस्ट से ही ऐसे फैसले होते थे. दो बार की ओलंपिक्स गोल्ड मेडलिस्ट ट्रैक एंड फ़ील्ड एथलीट कैस्टर सेमेन्या को 400 मीटर में दौड़ने से रोक दिया गया था. क्योंकि वर्ल्ड एथलेटिक्स के टेस्ट में उनके टेस्टोस्टेरोन लेवल्स बहुत ज्यादा पाए गए थे.

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