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भारत ने 'डेनिस लिली और जेफ थॉमसन' की तरह पाकिस्तानी सेना के परखच्चे उड़ाए!

भारत के DGMO ने 12 मई को अपने संबोधन में IAF के एयर डिफेंस की तुलना एशेज सीरीज के दो खतरनाक बॉलर्स से कर दी. ऑस्ट्रेलियाई पेस बॉलर Dennis Lilee और Jeff Thomson.

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1975 के एशेज सीरीज में डेनिस लिली और जेफ थॉमसन ने मिलकर 37 विकेट लिए थे. (फोटो-X)
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सुकांत सौरभ
12 मई 2025 (अपडेटेड: 12 मई 2025, 04:23 PM IST)
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Lt. Gen. राजीव घई. इंडिया के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) ने 12 मई को देश को संबोध‍ित किया. इस दौरान उन्होंने भारतीय वायु सेना (IAF) के एयर डिफेंस की तुलना एशेज सीरीज के दो खतरनाक बॉलर्स से कर दी. ऑस्ट्रेलियाई पेस बॉलर डेनिस लिली (Dennis Lilee) और जेफ थॉमसन (Jeff Thomson). उन्होंने इन दोनों को लेकर एक फेमस कहावत भी कही. 

एशेज सीरीज को लेकर DGMO ने क्या कहा?

Lt. Gen. राजीव घई ने बताया कि वह भी बहुत बड़े क्रिकेट फैन हैं. 70 के दशक की एशेज सीरीज के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, 

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दरअसल, 'एशेज टू एशेज डस्ट टू डस्ट' एक अंग्रेजी कहावत है. जिसका प्रयोग आमतौर पर फ्यूनरल के लिए किया जाता है. यहां इसका अर्थ बैट्समैन को आउट करने से है. और एशेज तो सीरीज का भी नाम है. ऐसे में इसका अर्थ हुआ अगर थॉमसन ने एशेज सीरीज में आपका विकेट नहीं लिया तो लिली जरूर लेंगे.

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DGMO ने इसका प्रयोग इंडियन एयर डिफेंस से तुलना करने के लिए की. उन्होंने कहा, 

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किस एशेज सीरीज की बताई बात?

आपको बता दें कि, DGMO ने यहां 1975 के एशेज सीरीज की बात की है. जिसमें इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया दौरा करने पहुंची थी. तब वहां के एक स्थानीय न्यूजपेपर ने ये कहावत लिखी थी. उस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के दोनों खतरनाक पेस बॉलर्स ने कुल 37 विकेट लिए थे. ये टेस्ट सीरीज ऑस्ट्रेलिया ने 1-0 से जीती थी.

कौन थे ये दोनों खतरनाक बॉलर्स 

1971 से 1984 के बीच डेनिस लिली ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम का हिस्सा थे. इस दौरान 70 मैच में उन्होंने कुल 355 विकेट चटकाए थे. वहीं, जेफ थॉमसन 1972 से 1985 तक कंगारुओं के लिए क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप का हिस्सा रहे हैं. इस दौरान 51 मैच में उन्होंने 200 विकेट चटकाए थे.

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