दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) के बारे में एक बड़ाखुलासा हुआ है. खबर है कि दवा बनाने वाली डेनमार्क की एक कंपनी में जोकोविच का 80फीसदी शेयर है. और वह इस कंपनी के को-फाउंडर भी हैं. QuantBioRes नाम की ये कंपनीकोरोना से लड़ने की दवा बना रही है. और इसका खुलासा खुद कंपनी के CEO ने किया.मजेदार बात ये है कि नोवाक जोकोविच ने अब तक कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाई है. और इसकारण वह ऑस्ट्रेलिया से भी निकाले गए. 'Reuters' से बात करते हुए कंपनी के CEO इवानलोनकारेविच ने जोकोविच के हिस्सेदारी के बारे में जानकारी दी. साथ ही ये भी बतायाकि नवंबर 2020 से जोकोविच से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है. बता दें कि QuantbioResनाम की इस कंपनी में 11 रिसर्चर हैं, जो डेनमार्क, ऑस्ट्रेलिया और स्लोवेनिया मेंकाम कर रहे हैं. इवान लोनकारेविच ने ज़ोर देते हुए भी बताया कि ये कंपनी कोरोनावैक्सीन नहीं बना रही है. बल्कि कोरोना का इलाज करने की दवा बना रही है.Novak Djokovic has purchased 80% of Danish biotech firm QuantBioRes, aiming todevelop a medical treatment against COVID-19, the company's chief executive toldReuters https://t.co/XxHGtD0Ud2 pic.twitter.com/XrOzknZmHL— Reuters (@Reuters) January 19, 2022 QuantBioRes के CEO इवान लोनकारेविच आगेकहा, 'हमारा मकसद वायरस और बैक्टीरिया से लड़ना है. हमने कोविड को शोकेस के रूप मेंइस्तेमाल करने का फैसला किया है. अगर हम इसमें सफल होते हैं. तो हम बाकी वायरस सेनिपटने में भी सफल रहेंगे.' बता दें कि ये कंपनी इसी साल गर्मी में ब्रिटेन मेंक्लीनिकल ट्रायल कर सकती है. उधर, न्यूज़ एजेंसी AP के अनुसार नोवाक जोकोविच केप्रवक्ता ने क्वांटबायोरेस कंपनी में उनके शेयर खरीदने पर कुछ भी बयान देने से साफ़मना कर दिया है. #Djokovic Visa Controversy हाल ही में नोवाक जोकोविच खूब विवादोंमें घिरे रहे. 20 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन का वीजा ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने रद्दकर दिया. कोरोना वैक्सीन लगवाए बगैर ही जोकोविच ऑस्ट्रेलियन ओपन में हिस्सा लेनेपहुंच गए थे. जिसके बाद उन्हें ऑस्ट्रेलियाई बॉर्डर फोर्स ने डिटेंशन सेंटर में चारदिन तक रखा. इसके बाद जोकोविच के वकील ने कोर्ट में अपील की. और कोर्ट ने आदेश दियाकि जोकोविच को छोड़ दिया जाए. इसके बाद मेलबर्न में जोकोविच प्रैक्टिस करते भी दिखे.उन्हें ऑस्ट्रेलियन ओपन 2022 में पहली सीड भी दे दी गई थी. लेकिन बाद में ये पताचला कि जोकोविच ने फॉर्म में गलत ट्रैवल हिस्ट्री और कोरोना संक्रमित होने की बातछिपाई. इतना ही नहीं, कोरोना संक्रमित होने के बावजूद जोकोविच ने एक फ्रेंच अख़बारको इंटरव्यू दिया था. इस खुलासे के बाद जोकोविच की इस गैर-ज़िम्मेदाराना हरकत की खूबआलोचना हुई. बाद में ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मिनिस्टर एलेक्स हॉक ने विवेकाधीनशक्ति का प्रयोग करते हुए जोकोविच का वीज़ा दूसरी बार रद्द कर दिया. लिहाजा, नौ बारके ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन को ऑस्ट्रेलिया से लौटना पड़ा. अब खबर ये भी आ रही है किअगर नोवाक जोकोविच वैक्सीन नहीं लगवाते हैं तो उन्हें फ्रेंच ओपन में हिस्सा लेनेनहीं दिया जाएगा.